गर्मियों में बेहद फायदेमंद परवल, कई फायदों का खजाना
नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। गर्मी के मौसम में खानपान में सावधानी बरतना जरूरी है। कब्ज, गैस और अपच की समस्या से परेशान लोगों के लिए परवल की सब्जी बेहद कारगर है। पोषक तत्वों से भरपूर परवल को गर्मियों में अपने आहार में शामिल करने की सलाह हेल्थ एक्सपर्ट्स देते हैं।
यह सब्जी पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और कई स्वास्थ्य लाभ देती है। परवल का वैज्ञानिक नाम ट्राइकोसेन्थेस डायोइका रॉक्सब है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। परवल में एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, साथ ही यह खून को शुद्ध करने में मददगार है।
रिसर्च के अनुसार, परवल प्रोटीन और विटामिन ए से भरपूर है। इसमें औषधीय गुण हैं, जो ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक साबित होते हैं।
आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में परवल का विशेष महत्व है। प्राचीन ग्रंथ चरक संहिता में पीलिया समेत कई रोगों के इलाज के लिए परवल के फल और पत्तियों का उल्लेख मिलता है। इसे ‘तृप्तिघ्न’ भी कहा जाता है क्योंकि यह भोजन से तृप्ति दिलाने में मदद करता है।
आयुर्वेद के अनुसार परवल कफ और पित्त दोष को संतुलित रखता है। यह मुंहासे, पित्त, खुजली और प्यास बुझाने में भी उपयोगी है। गर्मियों में कब्ज और अपच आम समस्या है। परवल का फाइबर पेट साफ रखता है और गैस की समस्या कम करता है। इसमें कैलोरी कम होती है और फाइबर ज्यादा होता है। इसके नियमित सेवन से वजन संतुलित रहता है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए परवल फायदेमंद है। यह ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायता करता है।
परवल त्वचा के लिए फायदेमंद है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर परवल चेहरे पर रौनक बनाए रखता है और त्वचा को स्वस्थ रखता है। इम्युनिटी बढ़ाता है, साथ ही अन्य पोषक तत्व प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
परवल को कई तरीकों से खाया जा सकता है। इसे सब्जी, भुजिया, चोखा, सूप, करी, अचार या मिठाई के रूप में तैयार किया जाता है। गर्मियों में हल्की परवल की सब्जी बनाकर खाना सबसे अच्छा रहता है। हालांकि, परवल सभी के लिए उपयुक्त नहीं है। कुछ लोगों को इससे परहेज करना चाहिए। इसलिए डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान युद्ध के बीच सरकार ने केरोसिन की आपूर्ति में तेजी लाने के लिए नियमों में दी ढील
नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। ईरान युद्ध के कारण रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच सरकार ने रविवार को केरोसिन की तेज आपूर्ति के लिए पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी है। यह कदम घरों तक केरोसिन की उपलब्धता जल्दी और आसान बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि खाना पकाने के ईंधन की कमी से राहत मिल सके।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक अधिसूचना में बताया कि नए कदमों से 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घरों तक केरोसिन की आपूर्ति आसान और तेज हो सकेगी, ताकि लोग खाना पकाने और रोशनी के लिए इसका उपयोग कर सकें।
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के चुनिंदा पेट्रोल पंपों को केरोसिन स्टोर करने और घरों को बेचने की अनुमति दी है।
हर चयनित पेट्रोल पंप पर अधिकतम 5,000 लीटर केरोसिन रखा जा सकेगा और हर जिले में ऐसे दो पंप तय किए जा सकते हैं।
यह व्यवस्था दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई है, खासकर उन इलाकों में जहां पहले केरोसिन-फ्री स्थिति थी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह अस्थायी व्यवस्था 60 दिनों के लिए लागू रहेगी, ताकि तुरंत ईंधन की कमी को दूर किया जा सके। पेट्रोल पंपों के अलावा, राशन दुकानों के जरिए भी केरोसिन वितरित किया जाएगा और राज्यों से ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे एलएनजी की कमी और एलपीजी की संभावित कमी की स्थिति बनी है। इसी को देखते हुए सरकार ने राज्यों को नियमित आपूर्ति के अलावा 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है।
सरकार का कहना है कि एलएनजी आपूर्ति कम होने के कारण केरोसिन को फिर से उपयोग में लाया जा रहा है, ताकि घरों में खाना बनाने और रोशनी के लिए ईंधन की कमी न हो।
मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया है कि नियमों में ढील के बावजूद सुरक्षा और निगरानी के सभी मानकों का पालन किया जाएगा, ताकि केरोसिन का गलत इस्तेमाल न हो।
एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड को राज्यों को ज्यादा कोयला उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने की सलाह भी दी गई है, ताकि स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ सके।
--आईएएनएस
एएमटी/एमएस
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