Iran US Israel War: ईरान ने फिर अमेरिकी लड़ाकू विमान F-16 को ठोका, बौखलाए Trump
दुनिया की सबसे बड़ी ताकत दुनिया का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान और आसमान का वह बादशाह जिसे छूना नामुमकिन माना जाता था. क्या आज वो अमेरिका का गुरूर मिट्टी में मिल गया है? क्या ईरान की मिसाइलें अमेरिकी सैन्य शक्ति के लिए एक नई चुनौती बन गई है? ईरान ने नया दावा किया है. F16 को कचरा बना दिया है. इससे पहले F35 और F15 को लेकर भी ऐसा ही दावा किया था. आसमान में कबाड़ बन रहे सुपर पावर के सुपर हंटर. ईरान की मिसाइल्स के आगे ढेर आसमान के बादशाह. F35 के बाद आईआरजीसी ने किया F16 का शिकार. अमेरिका को जिन फाइटर्स पर गुरूर था वो ईरान के आसमान में ढेर होने लगी. आईआरजीसी का दावा है कि पहले F35 फिर F15 और अब F16 उसने कबाड़ में बदल दिया.
ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने यह दावा किया कि आईआरजीसी ने अमेरिकी F16 का शिकार कर लिया है. आईआरजीसी ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है. यह दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी हवाई हमलों के दौरान ईरान के रडार और डिफेंस सिस्टम ने उन विमानों को ट्रैक किया. इन्हें अदृश्य कहा जाता है. फिर एक मिसाइल ने F16 को हवा में ही ढेर कर दिया.
सटीक जमीनी हमले में बेहद घातक होता है
अब आपको बताते हैं कि F16 को अमेरिका का गुरूर क्यों कहा जाता है? F16 फाइटर एंड फाल्कन दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली मल्टी रोल लड़ाकू विमानों में से एक है. एक बेसिक F16 फाइटर की कीमत 70 मिलियन होती है. यानी भारतीय रुपए में ₹530 करोड़ के आसपास. इसकी रफ्तार 2400 किमी प्रति घंटे से ज्यादा होती है. यह हाईटेक मिसाइल से लेस होता है जो सटीक जमीनी हमले में बेहद घातक होता है.
मिसाइल और ड्रोन अटैक किए
ईरान का यह दावा ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका और इजराइल ईरान के कोने-कोने में बारूद बरसा लगे हैं. ईरान के मिसाइल बेस से न्यूक्लियर साइड्स और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर तक को उड़ा दिया गया है. ईरान ने जवाब में इजराइल और गल्फ देश में स्थित अमेरिकी बेस पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए. ईरान ने सिर्फ F16 को ही नहीं बल्कि अमेरिका के कई आसमानी बादशाह को मिट्टी में मिलाया है. ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका के 16 और इजराइल के एक दर्जन से ज्यादा ड्रोन और फाइटर जेट्स को कबाड़ में बदल दिया.
कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति आवास पर हुए हमले से कतर नाराज, बोला- ये पूरी तरह अस्वीकार
दोहा, 29 मार्च (आईएएनएस)। कतर ने इराक के अर्द्धस्वायत्त कुर्द क्षेत्र (कुर्दिस्तान) के राष्ट्रपति नेचिरवान बरजानी के आवास को निशाना बनाकर किए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसे अस्वीकार्य बताया है।
एक्स पर भी इस बयान को पोस्ट किया गया, जिसमें लिखा है—कतर, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बरजानी के दुहोक प्रांत स्थित आवास को निशाना बनाकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता है।
आगे लिखा, विदेश मंत्रालय, हिंसा, आतंकवाद और आपराधिक कृत्यों को अस्वीकार करने के कतर राज्य के दृढ़ रुख को दोहराता है; चाहे उनके पीछे मकसद या कारण कुछ भी क्यों न हों। मंत्रालय इस बात की पुष्टि करता है कि कतर उन सभी कृत्यों को पूरी तरह से अस्वीकार करता है, जो मित्र राष्ट्र इराक की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर कर सकते हैं।
हमले के बाद से ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राष्ट्रपति आवास पर हमले की खबर मिलते ही अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी किया गया। यूएस ने इसे कायरतापूर्ण आतंकी कृत्य बताया। कहा कि वह कुर्दिस्तान और इराक की संप्रभुता और सुरक्षा के साथ मजबूती से खड़ा है। अमेरिका का आरोप है कि इसके पीछे ईरान समर्थित उग्रवादी गुट का हाथ है।
वहीं ईरान ने स्पष्ट किया कि वो इससे इत्तेफाक नहीं रखता। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बिना किसी पुख्ता सबूत के ईरान को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
रविवार को इराक की राजधानी बगदाद के करादा इलाके में एक ड्रोन भी गिरा। यह इलाका एक व्यावसायिक और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, जहां लोग आमतौर पर इकट्ठा होते हैं। इराकी मीडिया केअनुसार,र यह एक छोटा ड्रोन था और इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले तड़के बगदाद में अमेरिकी दूतावास को भी निशाना बनाया गया था। कुर्द क्षेत्र एरबिल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और एक अमेरिकी एयरबेस पर भी हमले हुए थे। इसी दौरान राष्ट्रपति आवास को भी निशाने पर लिया गया था।
--आईएएनएस
केआरर/
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