ये गलती नहीं, युद्ध अपराध; ईरानी विदेश मंत्री ने US-इजरायल के खिलाफ क्यों खोला नया मोर्चा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि शजराह तैय्यबेह प्राथमिक विद्यालय पर हुआ हमला “सोची-समझी और चरणबद्ध कार्रवाई” थी।
Lockdown: तो नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन? सरकार ने दे दिया क्लियर जवाब
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग का असर अब भारत में भी महसूस किया जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही देश में कई तरह की अफवाहों ने जन्म ले लिया है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरों पर थी कि युद्ध के चलते देश में फिर से लॉकडाउन लग सकता है और एलपीजी यानी रसोई गैस की भारी कमी होने वाली है. इन तमाम चिंताओं और अफवाहों पर शुक्रवार को केंद्र सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देश में लॉकडाउन लगने की कोई भी संभावना नहीं है और लोग ऐसी झूठी खबरों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें.
तीन केंद्रीय मंत्रियों ने अफवाहों को नकारा
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत तीन बड़े मंत्रियों ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें 'फेक' करार दिया है. वहीं, पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान देश को भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि देश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि लॉकडाउन लगाया जाए. उन्होंने सप्लाई चेन को लेकर भी महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए और बताया कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि देश के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं.
एलपीजी प्रोडक्शन में 40 परसेंट की बढ़ोतरी
रसोई गैस की कमी की खबरों पर सफाई देते हुए सुजाता शर्मा ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरी इस समय अपनी 100 परसेंट कैपेसिटी के साथ काम कर रही हैं. इतना ही नहीं, देश में एलपीजी का प्रोडक्शन पिछले कुछ समय में 40 परसेंट तक बढ़ा है. सरकार का कहना है कि गैस की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी. यह बयान उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो युद्ध की वजह से ईंधन और गैस की किल्लत की आशंका जता रहे थे.
आखिर क्यों लोगों को लगा?
दरअसल, लॉकडाउन की ये अफवाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद शुरू हुई थीं, जो उन्होंने चार दिन पहले संसद में दिया था. पीएम मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक रह सकता है. उन्होंने यह भी याद दिलाया था कि कोरोना के समय भी देश ने एकजुट होकर ऐसी चुनौतियों का सामना किया था. उनके इसी संदर्भ को गलत तरीके से पेश किया गया और लोगों ने इसे आने वाले लॉकडाउन से जोड़कर देखना शुरू कर दिया.
मिडिल ईस्ट संकट पर सरकार की पैनी नजर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. हालात पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल केंद्रीय मंत्रियों की कमेटी का गठन किया गया है. यह कमेटी युद्ध के कारण भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ने वाले असर की समीक्षा करेगी. गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. ईरान ने न केवल मिसाइलों से जवाब दिया है, बल्कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर भी कंट्रोल कर लिया है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित होने का डर बना हुआ है.
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