ITR-U की डेडलाइन नजदीक: जानें क्या नए बदलाव हुए, कैसे 31 मार्च तक सुधार सकते रिटर्न की गलतियां
ITR U Deadline: अगर आपने अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में कोई गलती कर दी है या कोई आय दिखाना भूल गए, तो उसे सुधारने का आखिरी मौका अब आपके पास है। टैक्सपेयर्स 31 मार्च तक अपडेटेड टैक्स रिटर्न फाइल करके अपनी गलतियां ठीक कर सकते हैं। समय रहते यह काम कर लेने से ज्यादा जुर्माना और कानूनी झंझट से बचा जा सकता।
ITR-U, इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(8A) के तहत दी गई सुविधा है, जो करदाताओं को अपनी पुरानी रिटर्न में सुधार करने या छूटी हुई आय को घोषित करने का मौका देती। खास बात यह है कि अगर आपने पहले रिटर्न फाइल नहीं किया या डेडलाइन मिस कर दी, तब भी आप आईटीआर-U के जरिए अपडेटेड रिटर्न भर सकते हैं।
नियम के मुताबिक, किसी भी असेसमेंट ईयर के खत्म होने के 48 महीनों के भीतर ITR-U फाइल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, असेसमेंट ईय़र 2021-22 के लिए ITR-U फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 है, जबकि असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए यह समय सीमा 31 मार्च 2030 तक रहेगी। हालांकि हर साल 31 मार्च का दिन अहम होता है, क्योंकि देरी के साथ अतिरिक्त टैक्स का बोझ बढ़ता जाता है।
ITR-U में क्या नए बदलाव हुए?
बजट 2026 में सरकार ने आईटीआर-U से जुड़े कुछ अहम बदलाव किए हैं, जिससे टैक्सपेयर्स को और सुविधा मिलेगी। अब री-असेसमेंट प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी आईटीआर-यू फाइल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त 10% टैक्स देना होगा। अब लॉस सेट-ऑफ की सुविधा भी दी गई है, यानी आप अपने घाटे को एडजस्ट कर सकते हैं।
कितना लगेगा अतिरिक्त टैक्स?
ITR-U फाइल करते समय सामान्य टैक्स और ब्याज के अलावा अतिरिक्त टैक्स भी देना होता है, जो समय के साथ बढ़ता है जाता है।
12 महीने के भीतर: 25% अतिरिक्त टैक्स + ब्याज
12 से 24 महीने: 50 फीसदी अतिरिक्त टैक्स + ब्याज
24 से 36 महीने: 60 फीसदी अतिरिक्त टैक्स + ब्याज
36 से 48 महीने: 70% अतिरिक्त टैक्स + ब्याज
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि आईटीआर-U कोई अनिवार्य रिटर्न नहीं है, बल्कि यह एक मौका है जिससे आप अपनी गलती सुधार सकते हैं और टैक्स नियमों का पालन कर सकते हैं। हालांकि अगर आप इसे पूरी तरह नजरअंदाज करते हैं, तो आयकर विभाग की ओर से नोटिस, आकलन या भारी पेनल्टी (टैक्स का 200% तक) लग सकती है।
इसलिए बेहतर है कि 31 मार्च से पहले अपनी रिटर्न की समीक्षा करें और जरूरत हो तो तुरंत अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर लें।
(प्रियंका कुमारी)
Gold Silver Price Today: रामनवमी पर सोने-चांदी के दाम धड़ाम, जानिए कितना सस्ता हुआ गोल्ड?
Gold Silver Price Today (27 March 2026): मिडिल ईस्ट तनाव के कारण भारत में पिछले कई दिनों से कीमतों धातुओं की कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं। आज रामनवमी (27 मार्च 2026) के मौके पर भी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, शुक्रवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 2,490 रुपए घटकर 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई। इससे पहले बुधवार को यह 1.46 लाख रुपए थी।
इसी तरह, एक किलो चांदी की कीमत 9,114 रुपए घटकर 2.25 लाख रुपए हो गई। 25 मार्च को इसका भाव 2.35 लाख रुपए प्रति किलो था। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 28 दिनों में सोने की कीमत में 15,382 रुपए और चांदी की कीमत में 41,000 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है। आइए अब देश के बड़े शहरों में गोल्ड के ताजा दाम देखें।
देश के बड़े शहरों में 24 कैरेट गोल्ड के ताजा दाम
| शहर | गोल्ड के दाम प्रति 10 ग्राम |
| दिल्ली | ₹1,44,860 |
| मुंबई | ₹1,44,710 |
| चेन्नई | ₹1,46,510 |
| कोलकाता | ₹1,44,710 |
| भोपाल | ₹1,44,760 |
| जयपुर | ₹1,44,860 |
| अहमदाबाद | ₹1,44,760 |
| रायपुर | ₹1,44,710 |
| पटना | ₹1,44,760 |
| लखनऊ | ₹1,44,860 |
गिरावट के पीछे मुख्य वजहें
हालांकि आमतौर पर युद्ध जैसे माहौल में सोने और चांदी की कीमतें बढ़ती हैं, इस बार हालात अलग दिख रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
कैश की सुरक्षा: मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। इसके चलते वे अपने सोने और चांदी को बेचकर नकद राशि इकठ्ठा कर रहे हैं, ताकि अनिश्चित समय में उनके पास लिक्विड फंड उपलब्ध हो।
प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थीं। बड़े निवेशकों ने ऊंचे दाम पर अपनी होल्डिंग बेचनी शुरू कर दी, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।
ब्याज दरों का असर: अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त ब्याज दर नीति अपनाने के चलते कीमती धातुओं की मांग पर असर पड़ा और उनकी चमक कम हुई।
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, आने वाले समय में भी सोना-चांदी के दामों में गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल इन धातुओं में निवेश करने से बचना चाहिए।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) का हॉलमार्क वाला गोल्ड ही खरीदें। हॉलमार्किंग नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे AZ4524, और यह बताता है कि सोना कितने कैरेट का है।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने की सही कीमत और वजन खरीदने से पहले अलग-अलग सोर्सेज से क्रॉस-चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग होता है। इन सावधानियों का ध्यान रखकर आप सुरक्षित और सही निवेश कर सकते हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi


















