CM Yogi Iran-America War: युद्ध को लेकर सीएम Yogi ने आम जनता को दी नसीहत, 'हमें सरकार साथ देना चाहिए'
ईरान और इसराइल के बीच जो युद्ध चल रहा है पूरा मध्य पूर्व एशिया पूरा उससे प्रभावित है और पूरी दुनिया ही लगभग प्रभावित है. भारत के अंदर हम एक शानदार और यशस्वी नेतृत्व में प्रधानमंत्री के शानदार और यशस्वी नेतृत्व में सुरक्षित भी हैं और बेखूब अपने विकास की यात्रा को आगे बढ़ाने का काम भी कर रहे हैं. यह लगातार चल रहा है. याद करिए यह युद्ध लंबा खींचा तो प्रभावित तो हर व्यक्ति होगा. हमें मानसिक रूप से उसके लिए तैयार होना होगा.
परिणाम हम सबके सामने आएंगे
अफवाहों पर ध्यान नहीं देना होगा. जब आपत्ति आती है, कोई चुनौती आती है तो मुकाबला करने के लिए व्यक्ति को सरकार के साथ मिलकर के कदम से कदम मिलाकर चलना होगा. यही सच्ची राष्ट्रभक्ति होती है. जब हम सरकार के साथ किसी भी नेशनल इशू में मिलकर के काम करते हैं तो परिणाम हम सबके सामने आएंगे. हमारी राष्ट्रभक्ति इस बात को लेकर के होगा कि अगर देश के हित में सरकार ने कोई कदम उठाया है तो हम लोग उसके लिए अपने आप को तैयार करें. अब कोई भी रसोई गैस का सिलेंडर याद करिए इस गल्फ वार के पहले अगर किसी के घर में एक महीने तक रसोई गैस का सिलेंडर चल जाता था
तो आज वह पांचव छठे दिन ही रसोई गैस का सिलेंडर लेने के लिए क्यों पहुंच रहा है? अरे जब नंबर आएगा उसके तीन दिन पांच दिन पहले वह जाए अपना रजिस्ट्रेशन करवा दें. उनके घर तक फिर रसोई गैस पहुंच जाएगी.
आप तक रसोई गैस पहुंच जाएगी
लोगों ने प्रदेश के अंदर ये व्यवस्था करवाए करने के लिए कहा है हर जिला प्रशासन से कि जैसे रसोई गैस का सिलेंडर होम डिलीवरी होता था. पहले घर तक पहुंचाती थी एजेंसियां वैसे ही पहुंचाएंगे. लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं है. लेकिन कुछ लोग हैं जो अफवाह फैला के माहौल खराब करना चाहते हैं. कुछ लोग हैं अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं. जब आपकी बारी आएगी आप तक रसोई गैस पहुंच जाएगी. जब आवश्यकता हो तभी आप डीजल लेने के लिए जाइए. पेट्रोल लेने के लिए जाइए.
लाइन लगाने की आवश्यकता क्या?
अगर हम उतावलेपन में अफवाह में आकर के इस प्रकार के किसी दुष्प्रचार और किसी अफवाह के चक्कर में पड़ते हैं. हम लोगों की राष्ट्रभक्ति पर लोग संदेह करेंगे. इसलिए बहनों और भाइयों यह तो हमें सतर्कता रखनी होगी. हमें अपने राष्ट्रीय नेतृत्व को इस बात के लिए धन्यवाद देना चाहिए. भारत के अंदर सब कुछ अच्छा है. उत्सव उत्साह पूर्ण माहौल में उत्सव मनाए जा रहे हैं.
Jewar Airport: खराब मौसम में भी सुरक्षित लैंड होगी फ्लाइट, कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है एयरपोर्ट, कल है उद्घाटन
Jewar Airport: भारत में हवाई यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे. यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा और इससे हवाई यात्रा काफी आसान और तेज होने की उम्मीद है.
कब होगा उद्घाटन
प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे गौतम बुद्ध नगर पहुंचेंगे. वहां वे एयरपोर्ट के टर्मिनल का निरीक्षण करेंगे और दोपहर 12 बजे आधिकारिक रूप से एयरपोर्ट के पहले चरण (फेज-1) का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे.
क्यों स्पेशल है एयरपोर्ट?
यह एयरपोर्ट भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड (नई जगह पर बनाया गया) एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है. इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के Indira Gandhi International Airport पर बढ़ते दबाव को कम करना है. अभी दिल्ली एयरपोर्ट पर बहुत ज्यादा यात्री आते हैं, जिससे भीड़ और देरी की समस्या होती है. जेवर एयरपोर्ट बनने के बाद यह बोझ कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी.
आधुनिक एविएशन नेटवर्क करने की है योजना
सरकार की योजना है कि दोनों एयरपोर्ट मिलकर एक मजबूत और आधुनिक एविएशन नेटवर्क तैयार करें. इससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को एक ग्लोबल एविएशन हब बनाने में मदद मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और मजबूत होगी.
कितनी लागत में तैयार हुआ एयरपोर्ट
इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया गया है. यानी इसमें सरकार और निजी कंपनियां दोनों मिलकर काम कर रही हैं. एयरपोर्ट के पहले चरण को बनाने में करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत आई है.
कितनी है एयरपोर्ट की क्षमता?
शुरुआत में यह एयरपोर्ट हर साल लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभाल सकेगा. भविष्य में इसे और बड़ा किया जाएगा ताकि इसकी क्षमता बढ़ाकर 7 करोड़ (70 मिलियन) यात्रियों तक पहुंचाई जा सके.
दी गईं कई आधुनिक सुविधाएं
एयरपोर्ट में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं. इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जिस पर बड़े-बड़े विमान (wide-body aircraft) आसानी से उतर और उड़ान भर सकते हैं. इसके अलावा, यहां उन्नत नेविगेशन सिस्टम जैसे Instrument Landing System (ILS) लगाया गया है, जिससे खराब मौसम में भी विमान सुरक्षित उतर सकते हैं.
मौसम के कारण कम प्रभावित होंगी फ्लाइट
एयरपोर्ट पर आधुनिक लाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे यह 24 घंटे और हर मौसम में काम कर सकेगा. यह सुविधा यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद होगी, क्योंकि उड़ानें मौसम के कारण कम प्रभावित होंगी.
कार्गो सिस्टम है यहां खास पहलू
इस एयरपोर्ट का एक खास पहलू इसका कार्गो (माल ढुलाई) सिस्टम भी है. यहां एक मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब बनाया जा रहा है, जिससे सड़क, रेल और अन्य परिवहन साधनों के जरिए सामान को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकेगा. शुरुआत में यह एयरपोर्ट हर साल लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन माल संभाल सकेगा, जिसे आगे चलकर 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है.
पर्यावरण को लेकर कैसी है तैयारी?
यह एयरपोर्ट पर्यावरण के लिहाज से भी खास है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह भविष्य में “नेट-जीरो एमिशन” यानी कम से कम प्रदूषण पैदा करे. इसके लिए ऊर्जा बचाने वाली तकनीकों और पर्यावरण के अनुकूल उपायों का इस्तेमाल किया गया है.
मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित
लोकेशन की बात करें तो यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित है, जिससे इसकी कनेक्टिविटी बहुत अच्छी होगी. इसे एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां सड़क, रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी. कुल मिलाकर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के विकास में एक बड़ा बदलाव ला सकता है. इससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
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