Gujarat Govt: देश भर में अपनाया जा रहा है गुजरात के बायो-CNG मॉडल, पशुपालकों की आय में हो रहा है इजाफा
Gujarat Govt: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात का वेस्ट टू वेल्थ मॉडल देश भर में प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में उभरकर सामने आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन एनर्जी और आत्मनिर्भर भारत के विजन की तरह ही राज्य का बनास बायो-सीएनजी प्लांट मॉडल अब देश भर में अपनाया जा रहा है.
सीएमओ यानी सीएम ऑफिस की मानें तो बनास डेयरी द्वारा विकसित इस मॉडल को अब देश के लगभग 15 प्रदेशों में लागू किया जा रहा है. इस परियोजना के तहत गोबर जैसे जैविक कचरे को स्वच्छ ईंधन (सीएनजी) और जैविक खाद में बदलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा रही है.
10 नए बायो-सीएनजी प्लांट स्थापित किए जाएंगे
इस क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए गुजरात सरकार ने बजट में 60 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है. इसके तहत सहकारी दुग्ध समितियों के मदद से करीब 10 नए बायो-सीएनजी प्लांट स्थापित किए जाएंगे. बनासकाठा में पहले से इसका प्लांट सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जिसमें हर रोज 40 मिट्रिक टन गोबर प्रोसेस किया जा रहा है. वहीं, नए प्लांट 100 मिट्रीक टन रोजाना की क्षमता के साथ विकसित किए राज्य रहे हैं.
400 से अधिक पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय का साधन खुला
इस योजना की मदद से गुजरात के 20-25 गावों के 400 से अधिक पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय का साधन खुला गया है. अब किसानों से गोबर खरीदा जा रहा है और गोबर के लिए उन्हें किलो के हिसाब से पेमेंट हो रही है. इस वजह से आय के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
सालाना 12 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न हो रहा
प्रत्येक प्लांट से हर रोज करीब 1800 किलो बायो-सीएनजी, 25 टन ठोस और 75 टन तरल जैविक खाद का उत्पादन हो रहा है. इससे रोजाना तीन लाख से अधिक और सालाना 12 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न हो रहा है. पर्यावरण संरक्षण में भी इस मॉडल की अहम भूमिका सामने आई है. हर साल इस वजह से करीब 6,750 टन कार्बन उत्सर्जन की कमी आती है. ‘ग्रीन बनासकांठा’ से ‘ग्रीन गुजरात’ की दिशा में ये पहल राज्य सरकार की सतत विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाती है.
Maa Siddhidatri Ki Aarti: आज चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन पर करें मां सिद्धिदात्री की आरती, मिलेगा देवी का आशीर्वाद
Maa Siddhidatri Ki Aarti: आज यानी 27 मार्च 2026, शुक्रवार को चैत्र नवरात्र के पावन त्योहार का समापन हो रहा है. नवरात्रि त्योहार का नौवां और अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है. माना जाता है कि मां सिद्धिदात्री भक्तों को सिद्धि और ज्ञान प्रदान करती हैं. उनकी कृपा से भक्तों के जीवन में सफलता और शांति की उन्नति होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी भक्त सच्चे मन से मां सिद्धिदात्री की आराधना करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. मां सिद्धिदात्री को देवी दुर्गा का नौवां स्वरूप माना जाता है और उन्हें मोक्ष देने वाली देवी भी कहा जाता है.
मान्यता है कि भगवान शिव ने भी मां सिद्धिदात्री की तपस्या कर सिद्धियां प्राप्त की थीं. इसलिए इस दिन मां की पूजा का विशेष महत्व होता है. नवरात्रि की नवमी पर भक्त विधि-विधान से पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. हालांकि बिना मां की आरती के पूजा अधूरी मानी जाती है. ऐसे में अगर आप भी नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा कर रहे हैं तो पूजा के बाद उनकी आरती जरूर करें. चलिए यहां पढ़ते हैं मां सिद्धिदात्री की आरती.
मां सिद्धिदात्री की आरती (Maa Siddhidatri Ki Aarti Lyrics In Hindi)
जय सिद्धिदात्री मां, तू सिद्धि की दाता।
तू भक्तों की रक्षक, तू दासों की माता।
तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।
तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि।
कठिन काम सिद्ध करती हो तुम।
जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम।
तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है।
तू जगदम्बे दाती तू सर्व सिद्धि है।
रविवार को तेरा सुमिरन करे जो।
तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो।
तू सब काज उसके करती है पूरे।
कभी काम उसके रहे ना अधूरे।
तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया।
रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया।
सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली।
जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली।
हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा।
महा नंदा मंदिर में है वास तेरा।
मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता।
भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता।
मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि
इस दिन सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें फिर अपने मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई कर लें. इसके बाद मंदिर पर गंगाजल छिड़क कर शुद्ध कर लें. इस दिन हवन करने का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन मां दुर्गा के साथ सभी देवी देवताओं को ध्यान करते हुए हवन करें. मां सिद्धिदात्री को अब भोग लगाएं और उनके मंत्रों का जप करें. अंत में आरती करें.
मां सिद्धिदात्री का मंत्र (Maa Siddhidatri Mantra)
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
बीज मंत्र
ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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