दिल्ली के जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर धमाके से मचा हड़कंप, ये थी ब्लास्ट की असली वजह
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में स्थित जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 6:05 बजे तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी. शुरुआती तौर पर यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया, लेकिन कुछ ही देर में जांच के बाद स्थिति साफ हो गई और राहत की सांस ली गई.
पतंग के मांझे से हुआ हादसा
जांच में सामने आया कि यह कोई विस्फोट या साजिश नहीं थी, बल्कि पास में पतंग उड़ा रहे बच्चों की वजह से यह घटना हुई. पतंग का मांझा मेट्रो की ओवरहेड बिजली लाइनों में फंस गया, जिससे चिंगारी निकली और हल्की आवाज के साथ ‘धमाके’ जैसा प्रभाव बना. यह घटना बुराड़ी की ओर जाने वाली मेट्रो लाइन पर हुई, जहां बिजली तारों में स्पार्किंग से कुछ देर के लिए खतरे की स्थिति बन गई.
खबर अपडेट हो रही है..
ईरान में सैन्य संघर्ष का असर: 1,500 से ज्यादा की मौत, 32 लाख हुए बेघर
तेहरान, 26 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका और इजरायल की एयर स्ट्राइक से शुरू हुए संघर्ष में ईरान में 1,500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। ये आकंड़े ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिए हैं। दावा ये भी है कि संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है, क्योंकि अधिकारियों ने अभी तक पूर्ण गणना नहीं की है।
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी का अनुमान है कि संघर्ष से हुई तबाही से देश में बड़े पैमाने पर विस्थापन भी हुआ है। यूएनएचसीआर के मुताबिक, 28 फरवरी को हमले शुरू होने के बाद से ईरान में 3.2 मिलियन (32 लाख) लोग—जो आबादी का 3 प्रतिशत से ज्यादा है—पहले ही बेघर हो चुके हैं।
संघर्ष के सत्ताईस दिन बाद, सहायता एजेंसियां और ईरान की सीमा से लगे देश एक संभावित शरणार्थी संकट के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं क्योंकि आम लोग हिंसा के डर से सुरक्षित स्थानों की तलाश में भाग रहे हैं।
तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और अजरबैजान ने बॉर्डर, सीमित अधिकृत क्रॉसिंग और कभी-कभी तीसरे देश के नागरिकों को निकालने की रिपोर्ट दी है।
इराक से वापसी की संख्या कम रही, और 325 ईरानी नागरिकों ने संकट का हवाला देते हुए बॉर्डर पार किया है। ईरान में, लोगों को अपने टूटे-फूटे घरों से निकलने पर मजबूर होना पड़ा है। कई अस्पताल, परमाणु संयंत्र, रिफाइनरी और डीसेलिनेशन (खारे पानी को मीठा करना) प्लांट पर असर पड़ा है।
ईरान में संघर्ष शुरू होने के बाद से 85,176 से अधिक सिविलियन साइट्स को नुकसान पहुंचा है, जिसमें 282 स्वास्थ्य केंद्र, 600 स्कूल, और 64,583 आवास शामिल हैं। अकेले तेहरान में, शहर प्रशासन ने स्थानीय मीडिया को बताया कि राजधानी में लगभग 14,000 रिहायशी आवासों को नुकसान पहुंचा है और कम से कम 6,000 लोगों को म्युनिसिपल होटलों में ठहराया गया है।
ईरान अकेला ऐसा देश नहीं है जहां तेजी से बढ़ते संघर्ष की वजह से लोगों के सामने विस्थापन का संकट पैदा हो हुआ है। लेबनान की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। इजरायली सैन्य अभियान के चलते दक्षिणी लेबनान के हजारों लोग अपने घर-इलाके छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल (एनआरसी) के अनुसार, इजरायली सेना ने अपनी सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने के लिए कई इलाकों को खाली कराने का आदेश जारी किया। इस आदेश से प्रभावित क्षेत्र करीब 1,470 वर्ग किलोमीटर (568 वर्ग मील) से अधिक है, जो लेबनान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















