दौड़ते-दौड़ते सफाई: ‘प्लॉगिंग’ कैसे बन रहा है फिटनेस, दोस्ती और पर्यावरण का नया ग्लोबल ट्रेंड
नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। फिटनेस संसार में एक नया ट्रेंड बड़ी तेजी से अपनी खास और पक्की जगह बना रहा है। ऐसा ट्रेंड जो सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि शहरों को भी साफ बनाने का दम खम रखता है। प्लॉगिंग—यानी दौड़ते हुए कचरा उठाना—आज न्यूयॉर्क से लेकर दिल्ली तक लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। स्वीडन से शुरू हुआ यह विचार अब एक वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुका है, जहां रन क्लब सिर्फ कैलोरी बर्न नहीं करते, बल्कि सड़कों को साफ करने का जिम्मा भी उठाते हैं।
खास बात यह है कि यह फिटनेस को एक सामाजिक अनुभव में बदल देता है। लोग साथ दौड़ते हैं, बातचीत करते हैं, नए दोस्त बनाते हैं, और कई बार रोमांटिक कनेक्शन भी यहीं से शुरू होते हैं। लेकिन प्लॉगिंग इसे एक कदम आगे ले जाता है—जहां हर कदम के साथ पर्यावरण के लिए योगदान जुड़ जाता है।
भारत में भी इस सोच की झलक देखने को मिलती है। मिलिंद सोमन जैसे फिटनेस आइकन अक्सर बीच क्लीन-अप और रनिंग के जरिए लोगों को प्रेरित करते रहे हैं। वहीं अक्षय कुमार भी स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के अभियानों से जुड़े रहे हैं। इन हस्तियों का प्रभाव यह दिखाता है कि फिटनेस अब सिर्फ व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी भी बन सकती है।
राजनीतिक स्तर पर भी इस दिशा में प्रयास हुए हैं। नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान देश में साफ-सफाई को जन आंदोलन बनाने की एक बड़ी पहल रही है।
प्लॉगिंग की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी सादगी है। इसमें किसी महंगे उपकरण या जटिल व्यवस्था की जरूरत नहीं होती—बस दौड़ते समय कचरा उठाने की आदत ही इसे खास बनाती है। यही वजह है कि यह ट्रेंड तेजी से युवाओं के बीच फैल रहा है, खासकर शहरी इलाकों में जहां फिटनेस और पर्यावरण दोनों ही बड़ी चिंता के विषय हैं।
प्लॉगिंग एक फिटनेस एक्टिविटी नहीं, बल्कि सोच है—एक ऐसी सोच, जो यह सिखाती है कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव का सबब बन सकते हैं।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बालेंद्र शाह ने 2022 में नेपाल की राजनीति में ली थी एंट्री, 27 मार्च को लेंगे पीएम पद की शपथ
काठमांडू, 26 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने गुरुवार को वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह को अपनी संसदीय दल का नेता चुना, जिससे वह देश के नए प्रधानमंत्री बनने की राह साफ हो गई है।
पार्टी ने बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाकर चुनाव लड़ा था। बालेंद्र शाह ने पांच मार्च के संसदीय चुनावों में शानदार जीत हासिल की और प्रतिनिधि सभा की 275 सीटों में से 182 सीटें जीतीं।
शुक्रवार को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के समक्ष हिंदू रीति-रिवाज के तहत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में बालेंद्र शाह प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
आरएसपी की केंद्रीय समिति ने गुरुवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया कि बालेंद्र शाह काठमांडू महानगरपालिका के मेयर रह चुके हैं, उन्हें संसदीय दल का नेता नियुक्त किया जाए। यह कदम विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद लागू होगा।
पार्टी के विधान अनुसार केवल संसदीय दल का नेता ही प्रधानमंत्री बन सकता है।
28 दिसंबर 2022 को आरएसपी अध्यक्ष रबी लामिछाने और शाह के बीच हुई सहमति के अनुसार, पार्टी ने अपने 182 विधायकों के समर्थन के साथ शाह को प्रधानमंत्री पद के लिए औपचारिक रूप से अनुमोदित किया।
चुनावों में शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 49,614 वोटों के बड़े अंतर से हराया। बालेंद्र शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि ओली को 18,734 वोट मिले। यह 1991 के बाद से नेपाल के संसदीय चुनावों में किसी भी उम्मीदवार की ओर से प्राप्त सबसे अधिक वोटों की संख्या है।
बालेंद्र शाह प्रधानमंत्री पद की शपथ सामान्य प्रथा से अलग तरीके से लेंगे। समारोह 12:34 बजे निर्धारित किया गया है। इस दौरान सात शंख वादक शंखनाद करेंगे। यह एक ऐसा अनुष्ठान है जिसके बारे में माना जाता है कि यह किसी भी शुभ कार्य की सफलता सुनिश्चित करता है।
शपथ ग्रहण के समय अन्य अनुष्ठान भी किए जाएंगे। 108 बटुक (वैदिक पुरोहित) स्वस्ति शांति का पाठ करेंगे, जबकि 16 बौद्ध भिक्षु अष्टमंगल का जाप करेंगे, जिन्हें हिंदू और बौद्ध परंपराओं में शुभ माना जाता है।
बालेंद्र शाह ने 2022 में राजनीति में प्रवेश किया, जब उन्होंने काठमांडू के मेयर पद के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में मधेसी परिवार में जन्मे शाह ने प्रारंभिक शिक्षा काठमांडू में पूरी की और बाद में भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से संरचनात्मक अभियांत्रिकी में मास्टर डिग्री हासिल की।
उनकी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि ने उन्हें अवसंरचना, शहरी विकास और सार्वजनिक कार्यों की व्यावहारिक समझ दी, जिसने उन्हें काठमांडू महानगरपालिका के मेयर के रूप में उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण को आकार देने में मदद की।
बालेंद्र शाह की यात्रा एक नई पीढ़ी के राजनेता के उदय को दर्शाती है, जो हाल के वर्षों में तेजी से नेपाल के राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में उभरे हैं।
--आईएएनएस
एवाई/वीसी
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