राम मंदिर दान चोरी को लेकर संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन, भगवा कपड़े पहनकर पहुंचे पप्पू यादव, स्पीकर ने दी कड़ी चेतावनी
विपक्ष के सांसदों ने आज संसद परिसर में दो तरह के प्रदर्शन किये, पिछले दो तीन दिनों से राम मंदिर दान चोरी मुद्दे पर संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर रही समाजवादी पार्टी को आज कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के सांसदों का साथ भी मिला वहीं कांग्रेस ने “अमित शाह संसद से गायब क्यों? बैनर के साथ प्रदर्शन किया उन्हें भी अन्य विपक्षी दलों का साथ मिला लेकिन इस दौरान ऐसा कुछ हुआ जिसे लेकर लोकसभा की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने नाराजगी जताई और सांसदों को चेतावनी भी दी।
संसद भवन के परिसर में आज कांग्रेस सांसद आज एक बड़ा सा बैनर लेकर आये, उनके हाथ में कुछ नारे लिखीं तख्तियां भी थीं, कल जब कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था तो उसके बैनर पर लिखा था आर्डर किसने दिया ? और आज जब फिर प्रदर्शन किया तो उसपर लिखा था अमित शाह संसद से गायब क्यों? उनके इस प्रदर्शन को अन्य विपक्षी सांसदों का भी साथ मिला और सभी ने मिलकर नारेबाजी की और गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा माँगा।
साधू के वेश धारण कर पप्पू यादव का प्रदर्शन
संसद परिसर में समाजवादी पार्टी ने भी राम मंदिर दान चोरी मामले पर अपना प्रदर्शन आज भी जारी रखा, सांसदों के हाथ में एक दान पात्र था जिसमें वे दान मांग रहे थे, और भाजपा के विरोध में चंदा चोर जैसे नारे लगा रहे थे, इस प्रदर्शन की ख़ास बात ये रही कि निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इसमें एक साधू का वेश धारण किया और भगवा वस्त्र पहनकर गले में रुद्राक्ष की माला डालकर प्रदर्शन किया।
ओम बिरला ने दी सांसदों को चेतावनी
पप्पू यादव के इस व्यवहार पर भाजपा सांसदों ने आपत्ति जताई और इसे स्पीकर ओम बिरला के संज्ञान में लाया, ओम बिरला ने कहा मैंने पहले भी कहा था कि सदन के अन्दर तख्तियां लेकर आना, बैनर लेकर आना संसद की परम्पराओं और मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और कुछ सदस्य तो वेश बदलकर संसद में वस्त्र पहनकर जिस तरह से आते हैं मेरी उन सांसदों को चेतावनी है संसद या संसद परिसर में ऐसा ना करें आपको जनता ने चुना है आप उसकी पवित्रता बनाये रखें।
विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह से मांगा जवाब
उधर आज लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की गैर मौजूदगी पर सवाल उठाये और उनके सदन में आकर बयान देने की मांग की, कांग्रेस ने कहा छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की और उसकी जिम्मेदारी लेने की जगह गृह मंत्री अमित शाह सदन से ही गायब है, आखिर वे बताएं कि लाठीचार्ज करने का, गोली चलाने का आदेश किसने दिया क्योंकि दिल्ली पुलिस तो उनके ही अधीन आती है। आखिर वो बयान देने से बच क्यों रहे हैं ?
मूंग खरीदी पर शिवराज सिंह चौहान ने लिखा CM मोहन यादव को पत्र, कहा- लक्ष्य नहीं, 25% तक स्वीकृति देता है केंद्र, राज्य सरकार खरीदी तेज करे
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर चल रही मांगों और सियासत के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) को पत्र लिखा है। केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के पत्र का जिक्र भी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार राज्यों को मूंग खरीदी का कोई ‘लक्ष्य’ नहीं देती, बल्कि पीएम-आशा योजना के तहत मूल्य समर्थन योजना (PSS) में तय सीमा के अनुसार खरीदी की स्वीकृति देती है।
शिवराज सिंह चौहान ने पत्र में बताया कि ग्रीष्मकालीन मौसम 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश को 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। देश के विभिन्न राज्यों के लिए कुल 5,23,243 मीट्रिक टन मूंग खरीदी स्वीकृत हुई है। इसमें केवल मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 87% है, जो देश में सबसे अधिक है। वहीं उत्तर प्रदेश को 48,298 मीट्रिक टन, हरियाणा को 2,115 मीट्रिक टन और गुजरात को 18,250 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति मिली है। जबकि मध्य प्रदेश के लिए यह मात्रा 4,54,580 मीट्रिक टन है।
एदल सिंह कंषाना के पत्र पर क्या कहा?
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना द्वारा 28 जुलाई लिखे पत्र में कहा गया है कि केंद्र ने मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीदी का ‘लक्ष्य’ दिया है। शिवराज सिंह चौहान ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि, “केंद्र सरकार खरीदी का लक्ष्य तय नहीं करती। पीएम-आशा के तहत PSS के दिशा-निर्देशों के अनुसार शुरुआत में राज्य के उत्पादन के 25% तक खरीदी की स्वीकृति दी जाती है।”
उन्होंने यह भी बताया कि 25% से अतिरिक्त मात्रा की खरीदी की अनुमति तय प्रक्रिया के तहत दी जा सकती है। इसके लिए पहले राज्य में केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा स्वीकृत 25% मात्रा की खरीदी पूरी होनी चाहिए। इसके बाद अतिरिक्त मात्रा पर सचिवों की समिति फैसला लेती है।
पिछले वर्षों में भी बढ़ती रही स्वीकृति
पत्र के मुताबिक केंद्र ने वर्ष 2021-22 में 2,75,645 मीट्रिक टन, 2022-23 में 2,75,645 मीट्रिक टन, 2023-24 में 3,30,763 मीट्रिक टन, 2024-25 में 4,19,692 मीट्रिक टन और 2025-26 में 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की अनुमति दी। शिवराज ने कहा कि, “पिछले वर्षों में स्वीकृत मात्रा के बाद बची अतिरिक्त मूंग का उपार्जन राज्य सरकार ने किया और किसानों से समय पर खरीदी सुनिश्चित की गई।”
अब तक करीब 60 हजार मीट्रिक टन खरीदी, शिवराज बोले- तेजी लाए राज्य
केंद्रीय कृषि मंत्री ने पत्र में 29 जुलाई तक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि, “मध्य प्रदेश में अभी करीब 60 हजार मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हुई है, जबकि केंद्र से 4.54 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की स्वीकृति उपलब्ध है।” उन्होंने किसानों के व्यापक हित को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से राज्य में मूंग खरीदी की प्रक्रिया शीघ्रता से सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
यहाँ देखें पत्र की कॉपी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News










