Responsive Scrollable Menu

6 साल बाद फिर लग सकती है UPI फीस:2020 में हटाया गया था MDR शुल्क; अब वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा

वित्त मंत्रालय ने डिजिटल पेमेंट से जुड़े कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इससे भविष्य में UPI पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट दोबारा लागू किया जा सकता है। इस फैसले का आम यूजर्स, दुकानदारों और बैंकिंग सिस्टम पर क्या असर पड़ेगा सवाल-जवाब में जानें.. सवाल 1. वित्त मंत्रालय ने किस कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा है और इससे क्या बदलेगा? जवाब: वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A को हटाने या उसमें संशोधन का प्रस्ताव दिया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में यह धारा बैंकों और पेमेंट कंपनियों को UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट मोड्स पर किसी भी प्रकार का शुल्क या चार्ज वसूलने से रोकती है। इस नियम में बदलाव के बाद सरकार को यह तय करने का कानूनी अधिकार मिल जाएगा कि किन डिजिटल पेमेंट मोड्स को फ्री रखना है और किन पर शुल्क की अनुमति देनी है। सवाल 2. क्या इसका मतलब यह है कि अब UPI का इस्तेमाल करने पर तुरंत चार्ज देना होगा? जवाब: नहीं, इस संशोधन का मतलब यह कतई नहीं है कि UPI पेमेंट्स पर तुरंत चार्जेस लागू हो रहे हैं। यह कदम केवल सरकार को भविष्य के लिए नियम और नीतियां बनाने की कानूनी छूट देता है। कानून बदलने के बाद सरकार जब चाहेगी, तब नोटिफिकेशन जारी करके यह तय कर सकेगी कि किस तरह के पेमेंट्स पर फीस लागू होगी और कौन से पेमेंट्स पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे। सवाल 3. MDR क्या होता है और अगर यह लागू हुआ तो किसकी जेब पर असर पड़ेगा? जवाब: MDR वह फीस होती है जो कोई व्यापारी डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने के बदले बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे फोनपे, गूगलपे, पेटीएम को देता है। अगर भविष्य में UPI पर MDR दोबारा लागू किया जाता है, तो इसका असर व्यापारियों और पेमेंट इकोसिस्टम पर पड़ेगा। आम नागरिक जो रोजाना की खरीदारी के लिए UPI से पेमेंट करते हैं, उन पर कोई सीधा शुल्क नहीं लगेगा। सवाल 4. UPI और रुपे कार्ड पर MDR कब से हटा दिया गया था और क्यों? जवाब: सरकार ने जनवरी 2020 में UPI और रुपे डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर MDR को जीरो कर दिया था। डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने और देश में कैशलेस इकोनॉमी को मजबूत करने के मकसद से ऐसा किया गया था। इसके बाद से ही देश में UPI पेमेंट्स का तेजी से विस्तार हुआ। सवाल 5. सरकार को इस कानून में बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक बिना किसी कमाई के चला पाना वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। हाल ही में मार्च में वित्त पर संसद की स्थाई समिति ने भी इस पर चिंता जताई थी। समिति ने कहा था कि जीरो-एमडीआर नीति के कारण पेमेंट इंडस्ट्री और बैंकों को घाटा हो रहा है। इसकी भरपाई के लिए एक टिकाऊ रेवेन्यू मॉडल बेहद जरूरी है। सवाल 6. सरकार अभी बैंकों और पेमेंट कंपनियों को कितना इंसेंटिव देती है? जवाब: सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य वाले BHIM-UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शंस को सपोर्ट करने के लिए ₹2,000 करोड़ का इंसेंटिव बजट आवंटित किया है। यह इंसेंटिव स्कीम FY2021-22 में शुरू की गई थी। हालांकि, संसदीय समिति ने नोट किया कि यह राशि पेमेंट इंडस्ट्री की वास्तविक लागत का बहुत छोटा हिस्सा ही कवर कर पाती है। सवाल 7. इस कानूनी संशोधन का मुख्य उद्देश्य क्या है? जवाब: इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य दो चीजों के बीच संतुलन बनाना है। एक तरफ आम जनता के लिए किफायती और आसान डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को बनाए रखना। दूसरी तरफ UPI इकोसिस्टम (बैंक, फिनटेक कंपनियां) को वित्तीय रूप से मजबूत और टिकाऊ बनाए रखना। सवाल 8. भविष्य में आगे क्या होने की संभावना है? जवाब: कानूनी संशोधन पारित होने के बाद सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी। संभावना जताई जा रही है कि बड़े मर्चेंट्स या उच्च मूल्य वाले ट्रांजैक्शंस के लिए चरणबद्ध तरीके से मामूली MDR लागू किया जा सकता है, जबकि छोटे दुकानदारों और आम कंज्यूमर पेमेंट्स को फ्री ही रखा जाएगा। नॉलेज पार्ट: 'जानिए क्या है MDR?' जब भी आप किसी दुकान पर कार्ड या UPI स्कैन करके पेमेंट करते हैं, तो उस ट्रांजैक्शन को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करने में बैंक, पेमेंट गेटवे और सॉफ्टवेयर कंपनियों का खर्च आता है। इस सर्विस के बदले मर्चेंट से ली जाने वाली फीस को 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (MDR) कहते हैं। रीडर्स के लिए काम की टिप आम यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर भविष्य में MDR वापस भी आता है, तो नियम के मुताबिक इसका शुल्क व्यापारी को देना होता है, ग्राहक को नहीं। इसके अलावा, आपका व्यक्तिगत UPI ट्रांसफर यानी पर्सन टू पर्सन पूरी तरह फ्री ही रहेगा।

Continue reading on the app

RRB Group D Recruitment 2026: 22,195 पदों पर भर्ती, जानें परीक्षा तिथि, चयन प्रक्रिया और जरूरी जानकारी

RRB Group D Recruitment 2026: रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए RRB Group D ...

Continue reading on the app

  Sports

सरफराज खान की भारतीय टेस्ट टीम में वापसी... श्रीलंका सीरीज में चोटिल साई सुदर्शन की जगह लेंगे

Sarfaraz Khan comeback team india: बीसीसीआई ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन की जगह मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को भारतीय टीम में शामिल किया है. सुदर्शन पैर के अंगूठे में स्ट्रेस फ्रैक्चर से उबर रहे हैं. प्रथम श्रेणी क्रिकेट की 92 पारियों में 64.73 की औसत से 5114 रन बनाने वाले सरफराज की स्पिन के खिलाफ बेहतरीन तकनीक और नई फिटनेस ने उन्हें यह मौका दिलाया है. वह कोलंबो में टीम से जुड़ेंगे. Sun, 9 Aug 2026 20:51:45 +0530

  Videos
See all

Amish Devgan: 'ब्लेम गेम' की सियासत पर डिबेट में गुस्साए GEN Z genz #amishdevgan #aarpaar #debate #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-09T15:45:37+00:00

Viral Video: आस्था के सफर में SDRF बनी मददगार! #sdrf #kawadyatra #viralshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-09T15:46:06+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers