लता मंगेशकर का दर्दभरा गाना, जिसे सुनकर थियेटर में खूब रोए थे लोग
नई दिल्ली: 1976 की फिल्म 'लैला मजनू' का गाना 'कोई पत्थर से ना मारे' एक क्लासिक हिंदी गाना है. इसे मदन मोहन ने कंपोज किया था, इसमें लता मंगेशकर की शानदार आवाज है. इसे साहिर लुधियानवी ने लिखा था. यह सदाबहार गाना मदन मोहन ने अपने निधन से पहले कंपोज किया था. फिल्म के साउंडट्रैक का बाकी काम जयदेव ने पूरा किया था. यह इमोशनल गाना ऋषि कपूर और रंजीता कौर पर फिल्माया गया है. इस गाने की हुक लाइन्स को फिल्म 'आजा नचले' के टाइटल ट्रैक में फिर से इस्तेमाल हुई थीं, जिसे सलीम-सुलेमान ने कंपोज किया था. कहते हैं कि जब यह गाना पर्दे पर लोगों के सामने आया था, तब लोग खूब रोए थे.
Photos : कूदता-फांदता युवक, जूते में स्मोक क्रैकर, हाथ में टियर गैस स्प्रे। देखिए पूरा वाक़िये जब लोकसभा में हर तरफ हो गया धुआं-धुआं
सदन की कार्यवाही के शून्यकाल के दौरान दोनों युवक दर्शक गैलरी से फ़्लोर पर कूद गए और सांसदों की टेबल पर चढ़कर आगे की और बढ़ने लगे, इस दौरान उनके द्वारा कुछ फेंका गया, जिससे गैस निकल रही थी ।
अचानक हुए एक घटाक्रम का सीधा प्रसारण भी लोकसभा टीवी पर हो गया, सांसदों द्वारा युवकों को पकड़ा गया ।
पकड़े गये एक युवक के पास पर सागर नाम लिखा हुआ था, वह मैसूर से सांसद प्रताप सिम्हा का गेस्ट बताया जा रहा है ।
यही वो दर्शक गैलरी है जहां से युवकों ने सदन में छलांग लगा दी, चूँकि आज संसद हमले की बरसी भी है इसलिए इस घटना ने सभी को डरा दिया ।
अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद सदन की कारवाही लोकसभा उपसभापति द्वारा स्थगित कर दी गई ।
युवकों को सांसदों द्वारा पकड़ा गया और सुरक्षा में लगे जवानों को सोप दिया गया, जिन्हें गिरफ़्तार कर के पुलिस स्टेशन ले जाया गया है ।
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