Allahabad High Court ने भूमि अधिग्रहण प्रावधान वैध ठहराए, 2013 अधिनियम के तहत मिलेगा मुआवजा
लखनऊ, सात अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 के भूमि अधिग्रहण प्रावधानों को सही ठहराया है। हालांकि अदालत ने निर्देश दिया कि जिन भू-स्वामियों की संपत्तियां इस कानून के तहत अधिग्रहित की जाएं, उन्हें 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत उपलब्ध मुआवजा और पुनर्वास सुविधाओं से कम लाभ नहीं मिलना चाहिए। अदालत ने अयोध्या में विकसित की जा रही तीन आवासीय योजनाओं को रद्द करने से भी यह कहते हुए इनकार किया कि इस चरण में उन्हें रद्द करने से एकीकृत विकास योजना बाधित होगी।
अदालत ने कहा कि इनका क्रियान्वयन 2020 से जारी है और काफी सरकारी पैसा खर्च हो चुका है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 173 पृष्ठ का निर्णय पारित किया। इन याचिकाओं के जरिए 1965 के अधिनियम की धारा 28, 31, 32 और 55 की संवैधानिक वैधता और तीन अयोध्या आवास योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को चुनौती दी गई थी।
अदालत ने इस कानून की धारा 28, 31 और 32 को सही ठहराया। हालांकि अदालत ने कहा कि धारा 55 और इसकी अनुसूची को यदि बिना सुरक्षा उपायों के लागू किया जाता है तो इससे संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा जो कानून के समक्ष समानता की गारंटी देता है। अदालत ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास बोर्ड को 2013 के कानून के मुताबिक मुआवजा निर्धारित करने का निर्देश दिया।
Uttarakhand: Ravi Tamta ने Almora में Electric Helicar का सफल परीक्षण किया
पिथौरागढ़, सात अगस्त उत्तराखंड में अल्मोड़ा के काफलूखान क्षेत्र के रहने वाले 32 वर्षीय युवा अविष्कारक रवि टम्टा ने शुक्रवार को ड्रोन तकनीक में नवाचार करते हुए अपनी कार्यशाला में खुद तैयार की गयी एक सीट वाली इलेक्ट्रिक हेलीकार के प्रोटोटाइप का सफल उड़ान परीक्षण किया। अल्मोड़ा में मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्थानीय स्तर पर तैयार हेलीकार ‘हेपीडा स्काईनेक्स’ ने एक मिनट तक उड़ान भरी और एक स्थानीय हेलीपैड पर सुरक्षित रूप से उतर गयी। प्रत्यक्षदर्शी शेखर द्विवेदी ने बताया, चार रोटर ब्लेड और बीच में एक सीट वाली इस हेलीकार को टम्टा ने वहां जमा भीड़ के सामने एक मिनट तक सफलतापूर्वक उड़ाया।
शेखर के अनुसार, टम्टा ने 2014 में स्थानीय स्तर पर असेंबल किए गए हेलीकॉप्टर को भी उड़ाया था। बाद में मौके पर इकट्ठा पत्रकारों को जानकारी देते हुए टम्टा ने कहा कि उनकी बनाई इलेक्ट्रिक हेलीकार का इस्तेमाल राजमार्गों पर यातायात नियंत्रण के काम में किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार उन्हें इजाज़त देगी, तो वह इस उपकरण का पेटेंट लेना चाहेंगे।
अपनी हेलीकार की क्षमता के बारे में बात करते हुए टम्टा ने कहा कि अगर डीजीसीए से अनुमति मिली तो वह अल्मोड़ा शहर से 40 किलोमीटर दूर अपने गांव काफलूखान तक का सफ़र 40 मिनट में तय कर सकते हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी रवि टम्टा के प्रोटोटाइप के सफल उड़ान परीक्षण पर उन्हें बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उनकी यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि हमारे युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में धामी ने कहा, “आपका यह अभिनव प्रयास उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। विश्वास है कि आप भविष्य में भी अपने नवाचारों से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
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