Rupee vs US Dollar: विदेशी पूंजी प्रवाह से रुपया 5 पैसे चढ़कर 95.17 पर बंद
मुंबई, सात अगस्त रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पांच पैसे की बढ़त के साथ 95.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी बातचीत के नतीजों को लेकर अनिश्चितता से वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा के बावजूद विदेशी पूंजी का निवेश बढ़ने से रुपये में तेजी आई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.27 प्रति डॉलर पर खुला।
कारोबार के दौरान यह 95.16 से 95.28 प्रति डॉलर के दायरे में रहा और अंत में पांच पैसे की बढ़त के साथ 95.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया बृहस्पतिवार को 14 पैसे की गिरावट के साथ 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच समझौते पर अनिश्चितता के कारण रुपये में हल्का नकारात्मक रुख रह सकता है।
हालांकि, सप्ताहांत में इस संबंध में आने वाली किसी भी खबर से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।’’ उन्होंने कहा कि सकारात्मक घटनाक्रम रुपये को सहारा दे सकता है, जबकि इसके विपरीत स्थिति में दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों की नजर अमेरिका के गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों पर भी रहेगी। उन्होंने अनुमान जताया कि डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 95 से 95.60 के दायरे में रह सकती है।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.90 पर रहा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82.30 डॉलर प्रति बैरल रहा। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 455.59 अंक टूटकर 78,499.17 अंक जबकि निफ्टी 65.35 अंक टूटकर 24,570.65 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 480.24 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।
UPI इस्तेमाल पर नहीं लगेगा शुल्क, PCI ने छोटे व्यापारियों और ग्राहकों को दी राहत
नयी दिल्ली, सात अगस्त भारतीय भुगतान परिषद (पीसीआई) ने शुक्रवार को कहा कि भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन के बावजूद उपभोक्ता और छोटे कारोबारी एकीकृत भुगतान प्रणाली यूपीआई का इस्तेमाल किसी शुल्क के बगैर करते रहेंगे। यह बयान लोकसभा में संशोधन विधेयक पारित होने के एक दिन बाद आया है, जिसमें सरकार को यूपीआई सहित अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों पर शुल्क लगाने की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। पीसीआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि 2016 में शुरू होने के बाद से यूपीआई उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त रहा है और आगे भी बिना किसी लेनदेन शुल्क के डिजिटल भुगतान जारी रहेगा।
परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि किराना दुकानों सहित छोटे व्यापारियों को यूपीआई भुगतान स्वीकार करने पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क नहीं देना होगा। इसके साथ ही पीसीआई ने कहा कि भविष्य में यदि बड़े कारोबारियों पर मर्चेंट सेवा शुल्क लगाया जाता है, तब भी उपभोक्ताओं को यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। परिषद ने स्पष्ट किया कि जहां भी लागू हो, एमडीआर शुल्क व्यापारी और भुगतान सेवा प्रदाताओं के बीच व्यावसायिक व्यवस्था होती है और इसका बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा था कि एमडीआर शुल्क ग्राहकों पर नहीं, बल्कि कारोबारियों पर लागू होता है और इससे मिलने वाली राशि का उपयोग बैंक और वित्तीय-प्रौद्योगिकी कंपनियां अवसंरचना एवं सुरक्षा सुधार में करती हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता जयराश रमेश के उस दावे को भी खारिज किया था, जिसमें कहा गया था कि आम लोगों पर यूपीआई इस्तेमाल का बोझ बढ़ सकता है।
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