'मैं 26वीं पत्नी हूं, पति कर चुका है 25 शादियां, रोते हुए फेसबुक लाइव आए BJP विधायक और डॉक्टर बेटी
Seoni BJP MLA Facebook Live: मध्य प्रदेश के सिवनी से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी अपनी बेटी के साथ फेसबुक पर लाइव आए और दोनों रो पड़े। उन्होंने अपने दामाद पर 25 शादियां करने और धोखाधड़ी का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर उत्तराखंड के बुनकरों और शिल्पकारों का सम्मान, CM धामी ने किया ‘लोकल टू ग्लोबल’ का आह्वान
देहरादून में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के पारंपरिक बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद की ओर से आयोजित 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट बुनकरों और शिल्पकारों को सम्मानित किया तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया.
मुख्यमंत्री ने बिच्छू घास यानी नेटल फाइबर से तैयार पारंपरिक उत्पाद खरीदकर स्थानीय कारीगरों का उत्साह भी बढ़ाया. उन्होंने कहा कि हथकरघा और हस्तशिल्प केवल रोजगार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन की पहचान भी हैं.
उत्तराखंड के उत्पादों की बढ़ रही पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पाद अपनी गुणवत्ता और विशिष्टता के कारण देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पहचान बना रहे हैं. हर्षिल की ऊनी शॉल, मुनस्यारी और धारचूला की थुलमा, अल्मोड़ा की ट्वीड, छिनका की पंखी, रंगवाली पिछौड़ा, रिंगाल शिल्प और बिच्छू घास से बने उत्पाद उत्तराखंड की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को दर्शाते हैं.
सरकार का प्रयास है कि इन उत्पादों को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर बड़े बाजारों तक पहुंचाया जाए. इसके लिए डिजाइन, प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है.
स्वरोजगार योजना से शिल्पकारों को आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 278 बुनकरों और शिल्पकारों को चार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण और एक करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है. इससे करीब 834 लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया गया है.
इसके अलावा राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम और समग्र हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना के जरिए कारीगरों को आधुनिक मशीनें, प्रशिक्षण, डिजाइन सहायता और कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
ई-कॉमर्स से विदेशी बाजार तक पहुंच
सरकार अब पारंपरिक उत्पादों की बिक्री के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, मेले और प्रदर्शनियों का सहारा ले रही है. इसका उद्देश्य उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को देश के बड़े शहरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई पारंपरिक उत्पादों को जीआई टैग मिलने से उनकी पहचान और ब्रांड वैल्यू मजबूत हुई है. प्रभावी ब्रांडिंग और बेहतर मार्केटिंग के जरिए स्थानीय शिल्पकारों की आय बढ़ाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.
‘वोकल फॉर लोकल’ को जन आंदोलन बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्थानीय और स्वदेशी वस्तुओं की खरीद को प्राथमिकता देने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी बुनकर या शिल्पकार से उत्पाद खरीदना सिर्फ सामान खरीदना नहीं है, बल्कि उसके परिवार की आजीविका और मेहनत का सम्मान करना भी है.
उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड की पारंपरिक कला को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाई जा सकती है.
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