IPL 2026: करीब एक साल से इन 2 आईपीएल कप्तानों ने नहीं खेला कोई T20 मैच, फ्रेंचाइजी टीमों की बढ़ सकती है मुश्किलें
IPL 2026: आईपीएल 2026 का इंतजार अब खत्म होने वाला है. सिर्फ 3 दिनों के बाद आईपीएल 2026 की शुरुआत हो जाएगी, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है. सभी टीमों की कप्तान भी तय हो चुके हैं. इसी बीच एक चौंकाने वाली बात चली है कि 2 आईपीएल टीमों के कप्तानों ने पिछले 10 महीनों में कोई टी20 मैच नहीं खेला है. दोनों कप्तानों ने आखिरी बार टी20 आईपीएल ही खेला था. ऐसे में उनके फिटनेस और फॉर्म टीमों की टेंशन बढ़ा सकती है. हम बात कर रहे हैं पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर और लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत की.
ऋषभ पंत ने पिछले करीब 1 साल से नहीं खेला कोई टी20 मैच
ऋषभ पंत के लिए आईपीएल 2025 बेहद ही खराब गुजरा था. पंत पूरे सीजन रनों के लिए संघर्ष करते नजर आए थे. इसके बाद पंत जुलाई 2025 में इंग्लैंड दौरे पर चोटिल हो गए थे, जिसके बाद वो ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर हो गए थे. इसके बाद पंत ने नवंबर 2025 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से दमदार वापसी की थी. उन्होंने शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया की कप्तानी की थी. हालांकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में पंत को मौका नहीं मिला था. आपको जानकर हैरानी होगी कि पंत ने जुलाई 2024 में आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच खेला है. वहीं आईपीएल 2025 के बाद ऋषभ पंत ने कोई भी टी20 मैच नहीं खेला है. ऐसे में आईपीएल 2026 उनके लिए चुनौती वाली होगी.
Captain @RishabhPant17 is ready for the new season ????
— IndianPremierLeague (@IPL) March 21, 2026
Will he lead the @LucknowIPL to their maiden #TATAIPL title? ???? pic.twitter.com/0xA2aDkdDS
श्रेयस अय्यर भी 10 महीने से टी20 क्रिकेट से हैं बाहर
पंजाब किंंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी करीब 10 साल से कोई टी20 मैच नहीं खेला है. अय्यर ने आखिरी बार टी20 मैच आईपीएल ही खेला था. आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की भिड़ंत हुई थी. अय्यर ने 11 साल बाद अपनी कप्तानी में पंजाब किंग्स को फाइनल में पहुंचाया था, लेकिन आरसीबी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था.
इसके बाद श्रेयस अय्यर अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज के दौरान चोटिल हो गए थे, जिसकी वजह से वो लंबे समय तक मैदान से दूर रहे. इसी वजह से वो टी20 वर्ल्ड कप 2026 का भी हिस्सा नहीं बने. आपको बता दें कि दिसंबर 2023 के बाद से श्रेयस अय्यर ने कोई टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है. वहीं आईपीएल 2025 के बाद उन्होंने कोई टी20 मैच नहीं खेला है. ऐसे में आईपीएल 2026 में श्रेयस अय्यर की चुनौती बड़ी होगी. अब देखने वाली बात होगी कि इस सीजन अय्यर का प्रदर्शन कैसा रहता है.
A special run to the final in 2025 ????
— IndianPremierLeague (@IPL) March 22, 2026
Will Captain Shreyas Iyer lead @PunjabKingsIPL to glory in #TATAIPL 2026? ????@ShreyasIyer15 pic.twitter.com/kNEBlDhm9t
टी20 क्रिकेट लगातार खेलना जरूरी
T20 क्रिकेट में आपको पास ज्यादा गेंद खेलने का नहीं मिलता है. यानी कम गेंदों पर आपको ज्यादा रन बनाने होते हैं. ऐसे में इस फॉर्मेट में लगातार खेलना जरूरी होता है. ऐसे में लंबे समय तक टी20 क्रिकेट से बाहर रहने के बाद ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआती मुकाबले चुनौतीपूर्ण होने वाली है. हालांकि दोनों खिलाड़ियों के पास आईपीएल खेलने का काफी है. ऐसे में उन्हें फॉर्म में वापसी करनी आती है. अब देखने वाली बात होगी कि आईपीएल 2026 में पंत और अय्यर का बल्ले से प्रदर्शन कैसा रहता है.
दुर्लभ पृथ्वी खनिज स्थायी चुंबक की घरेलू उत्पादन क्षमता वर्ष 2030 तक 5,000 टन तक पहुंचने की उम्मीद : केंद्र
नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि दुर्लभ खनिज और लिथियम की खोज में तेजी से दुर्लभ पृथ्वी खनिज स्थायी चुंबक की घरेलू उत्पादन क्षमता वर्ष 2030 तक 5,000 टन तक पहुंच जाएगी।
केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में कहा कि भारत ने दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुंबकों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने और लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज के लिए प्रयासों को तेज कर दिया है। इसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक उत्पादन क्षमता को 5,000 टन तक पहुंचाना है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश की दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुंबकों की वर्तमान आवश्यकता लगभग 4,000 टन है, जिसके वर्ष 2030 तक बढ़कर लगभग 8,000 टन होने का अनुमान है। यह वृद्धि घरेलू क्षमताओं के तेजी से विस्तार की आवश्यकता को दर्शाती है।
उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन स्थायी चुम्बकों की प्रायोगिक परियोजना शुरू की गई है, जबकि विशाखापत्तनम में समैरियम-कोबाल्ट चुम्बक संयंत्र को 500 टन प्रति वर्ष की प्रारंभिक उत्पादन क्षमता के साथ चालू कर दिया गया है। अगले चरण में इस क्षमता को बढ़ाकर 2,000 टन और वर्ष 2030 तक 5,000 टन तक पहुंचाया जाएगा।
सरकार महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और विकास में तेजी लाने के लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण के तहत विभिन्न मंत्रालयों के साथ समन्वय के साथ काम कर रही है।
लिथियम और दुर्लभ पृथ्वी तत्व इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं, और स्वच्छ ऊर्जा परविर्तन के साथ-साथ विश्वसनीय ऊर्जा प्रणालियों की आवश्यकता वाली उभरती प्रौद्योगिकियों का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, भारत आयात पर निर्भरता कम करने, घरेलू उत्पादन बढ़ाने और भविष्य के औद्योगिक तथा तकनीकी विकास को समर्थन देने के लिए एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित करते हुए महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत बना रहा है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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