मेनोपॉज के दौरान क्यों बढ़ जाती हैं दांतों की समस्याएं? जानिए कारण और आसान उपाय
नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, स्वास्थ्य संबंधी समस्या शुरू होने लगती है। 40 से 50 साल की उम्र के बाद महिलाओं में दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं। इसका मुख्य कारण शरीर में एस्ट्रोजन नाम के हार्मोन का कम होना है। यही वजह है कि इस समय महिलाओं को अपनी ओरल हेल्थ यानी दांतों की देखभाल पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है।
महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव हर चरण में होते हैं, चाहे वह पीरियड्स हो, गर्भावस्था हो या फिर डिलीवरी के बाद का समय। लेकिन मेनोपॉज के दौरान होने वाले बदलाव लंबे समय तक असर डालते हैं। इस समय शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है, जिससे कई शारीरिक बदलाव होते हैं। इसका असर मुंह के अंदर भी देखने को मिलता है, जहां दांत और मसूड़े कमजोर होने लगते हैं।
सबसे पहले असर लार यानी सलाइवा पर पड़ता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, एस्ट्रोजन हार्मोन लार बनाने वाली ग्रंथियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। जब इसकी मात्रा कम हो जाती है, तो मुंह में सूखापन बढ़ जाता है। लार हमारे मुंह की प्राकृतिक सुरक्षा होती है, जो बैक्टीरिया से लड़ती है और दांतों को सड़ने से बचाती है। जब लार कम बनती है, तो दांतों में कीड़े लगने, सेंसिटिविटी और बदबू जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
इसके अलावा, इस समय शरीर में कैल्शियम की कमी भी होने लगती है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। यही कमजोरी जबड़े की हड्डी को भी प्रभावित करती है। जब जबड़ा कमजोर होता है, तो दांतों की पकड़ ढीली होने लगती है और कई बार दांतों के टूटने का खतरा बना रहता है। ऐसे में मेनोपॉज के बाद महिलाओं को अपनी हड्डियों के साथ-साथ दांतों की मजबूती पर भी ध्यान देना चाहिए।
अगर कुछ चीजों का ध्यान रखा जाए, तो इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। इस दौरान खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर चीजें खानी चाहिए, जैसे दूध, दही, हरी सब्जियां और फल आदि, ये सभी दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। साथ ही, ज्यादा मसालेदार और एसिड बनाने वाले खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह मुंह की परेशानी को बढ़ा सकते हैं।
--आईएएनएस
पीके/एएएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
विराट की किस गलती की वजह से रोहित को मिली थी कप्तानी? पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने बताई सच्चाई
Rohit Sharma Captain after Virat Kohli : इंडियन क्रिकेट टीम की कप्तानी रोहित शर्मा को क्यों दी गई थी. इस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और उस वक्त के बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बड़ा बयान दिया है. गांगुली के बयान से साफ पता चल गया है कि विराट कोहली की किस गलती के वजह से रोहित शर्मा को कप्तान बनाया गया था.
रोहित शर्मा को लेकर सौरव गांगुली ने दिया बड़ा बयान
सौरव गांगुली ने टीवी 9 के साथ बात करते हुए कहा, 'जब वह बीसीसीआई प्रेसिडेंट थे और जय शाह सेक्रेटरी थे, तो दोनों को लगा कि रोहित ही कैप्टनसी के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन हैं क्योंकि विराट कोहली को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी. रोहित पहले ही मुंबई इंडियंस के साथ 4-5 ट्रॉफी जीत चुके थे, जो एक बहुत बड़ा फैक्टर भी था. अब देखिए कि वह इंडियन क्रिकेट को कहां ले गए हैं, ट्रॉफी जीत रहे हैं और अपने बल्ले से आगे बढ़कर लीड कर रहे हैं. रोहित को एक और बात जो उन्हें खास बनाती है, वो ये है कि रोहित एक अच्छ खिलाड़ी और इंसान हैं. खासकर युवा खिलाड़ी हमेशा उनकी बहुत तारीफ करते हैं'.
Sourav Ganguly on Rohit Sharma captaincy:????????️
— Shanu (@Shanu_3010) March 25, 2026
“Rohit Sharma is India's most famous captain. I was the board's president at that time. I was the president and Jay Shah was the secretary. We thought he would be the best captain at that time. When Virat Kohli refused him to be the… pic.twitter.com/DPX1GDCLzC
ये भी पढ़ें : कौन सी 2 टीमें खेलेंगी IPL 2026 का फाइनल, जानें किन 8 टीमों को टूर्नामेंट से पहले ही दिग्गज ने किया बाहर
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















