Petrol Diesel Price: कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद बदले पेट्रोल-डीजल के दाम, ये है नया भाव
Petrol Diesel Price: मध्य पूर्व में जारी जंग के बीच बुधवार को वैश्विक बाजार में क्रूड की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई. उसके बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं. जबकि बीते सप्ताह कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई थीं. बता दें कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान पर पहुंच गए थे. मध्य पूर्व में जारी जंग के चलते क्रूड की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई. हालांकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पर इसका असर देखने को नहीं मिला. लेकिन बुधवार यानी 25 मार्च को क्रूड की कीमतें अचानक से 100 डॉलर से नीचे आ गईं.
जानें क्या हैं आज वैश्विक बाजार में क्रूड के दाम?
ग्लोबल मार्केट में जंग के चलते बीते 25 दिनों में कच्चे तेल के दाम काफी बढ़े हैं. लेकिन 25 मार्च को इसमें जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. बुधवार को डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 4.77 डॉलर यानी 5.17 प्रतिशत गिरकर 87.58 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं. जबकि ब्रेंट क्रूड का भाव 6.54 डॉलर यानी 6.26 प्रतिशत टूटकर 97.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए.
वहीं मुरबन क्रूड का भाव 15.29 डॉलर यानी 11.31 प्रतिशत गिरकर 119.9 डॉलर प्रति बैरल हो गया. वहीं नैचुरल गैस की कीमत 0.067 डॉलर यानी 2.28 प्रतिशत सस्ती होकर 2.876 डॉलर पर आ गईं. वहीं गैसोलिन का भाव 0.164 डॉलर यानी 5.22 प्रतिशत कम होकर 2.984 डॉलर पर आ गईं. वहीं हीटिंग ऑयल का भाव 0.275 डॉलर या 6.4 प्रतिशत गिरकर 4.016 डॉलर हो गया.
ट्रंप के एक एलान के बाद वैश्विक बाजार में सस्ता हुआ कच्चा तेल
बता दें कि वैश्विक बाजार में मध्य पूर्व में जारी जंग के चलते क्रूड की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रति डोनाल्ड ट्रंप के हाल में दिए बयान के बाद क्रूड की कीमतें कम हो गईं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने जंग जीत है और ईरान कोई भी परमाणु हथियार ना रखने को लेकर सहमत हो गया है. ट्रंप के इस बयान के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम धड़ाम हो गए. ट्रंप के बयान के बाद ऐसे कयास लगाए जाने लगे कि अब अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग रुक जाएगी. जिससे वैश्विक बाजार क्रूड की कीमतें अचानक से गिर गईं.
डीएचएस कर्मचारियों के समर्थन में उतरे मार्कवेन मुलिन, बोले- 30 दिन बिना वेतन काम करना समर्पण की मिसाल
वाशिंगटन, 25 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका में फंडिंग को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच नए होमलैंड सिक्योरिटी सचिव मार्कवेन मुलिन ने विभाग के कर्मचारियों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बिना वेतन 30 दिनों तक काम करने वाले डीएचएस (डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी) के कर्मचारियों ने अपनी प्रतिबद्धता साबित कर दी है, और वे खुद 365 दिन उनके साथ खड़े रहेंगे।
मार्कवेन मुलिन ने ये बयान उस समय दिया जब उन्होंने ओवल ऑफिस में अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी के सामने शपथ लेकर पदभार संभाला। ऐसे समय में उन्होंने जिम्मेदारी ली है, जब अमेरिकी कांग्रेस में फंडिंग को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है।
डीएचएस सचिव मुलिन ने कर्मचारियों से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, मुझे डीएचएस के कई कर्मचारियों से मिलने का मौका मिला। ये लोग पिछले 30 दिनों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं।
उन्होंने इसे देश की सुरक्षा के प्रति उनकी गहरी निष्ठा का प्रतीक बताते हुए कहा, अगर आपको उनकी प्रतिबद्धता समझनी है, तो देखिए कि वे बिना वेतन के भी देश की सुरक्षा में जुटे हैं। ये सिर्फ राजनीति की वजह से हो रहा है।
उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाते हुए कहा, आप 365 दिन लड़ रहे हैं, तो समझिए मैं भी 365 दिन आपके साथ खड़ा हूं।
अपने काम करने के तरीके पर मार्कवेन मुलिन ने साफ कहा, कोई भी मुझसे ज्यादा मेहनत नहीं करेगा, और मैं किसी को खुद से आगे नहीं निकलने दूंगा। राष्ट्रपति ने मुझे यह जिम्मेदारी दी है, और असफलता कोई विकल्प नहीं है।
डीएचएस सचिव मुलिन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका काम पूरी तरह गैर-राजनीतिक रहेगा। उन्होंने कहा, मुझे फर्क नहीं पड़ता कि आपका राज्य रेड है या ब्लू। मेरा काम है हर अमेरिकी की बराबर सुरक्षा करना।
इस मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुलिन की तारीफ करते हुए उन्हें महान देशभक्त बताया और कहा कि वे मजबूती और निष्पक्षता के साथ विभाग का नेतृत्व करेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में फंडिंग रोकने की वजह से डीएचएस बंद हो गया है। ट्रंप ने इस विवाद को इमिग्रेशन नीति से जोड़ते हुए कहा कि डेमोक्रेट्स अवैध आप्रवासी अपराधियों और गैंग सदस्यों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि प्रशासन ऐसे लोगों को देश से बाहर करने के अपने अभियान को जारी रखेगा। उन्होंने कहा, जिस भी अवैध प्रवासी का आपराधिक रिकॉर्ड है, उसे तुरंत डिपोर्ट किया जाना चाहिए।
उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में सीमा सुरक्षा को लेकर भी दावा किया कि अमेरिका ने इतिहास की सबसे सुरक्षित सीमा बनाई है और अवैध आप्रवासन में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है।
बता दें कि 9/11 हमलों के बाद बनाए गए डीएचएस की जिम्मेदारी सीमा सुरक्षा, इमिग्रेशन, ट्रांसपोर्ट सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे अहम क्षेत्रों की है। मार्कवेन मुलिन, जो एक दशक से ज्यादा समय तक कांग्रेस में रहे हैं, ट्रंप के करीबी सहयोगी माने जाते हैं और सख्त इमिग्रेशन नीतियों के समर्थक हैं।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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