दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश बना भारत, शहर के मामले में दिल्ली चौथे नंबर पर
वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025 के ताजा आंकड़े सामने आ गए हैं और ये भारत के लिए काफी डराने वाले हैं. स्विस कंपनी IQAir की इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश बन गया है. अगर दुनिया के सबसे ज्यादा पॉल्यूटेड देशों की बात करें, तो पड़ोसी देश पाकिस्तान इस लिस्ट में पहले नंबर पर है. पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो का नंबर आता है. भारत पिछले साल यानी 2024 में इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर था, जिसमें अब मामूली सुधार तो हुआ है लेकिन प्रदूषण का स्तर अब भी खतरे के निशान से बहुत ऊपर बना हुआ है.
लोनी बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर
इस रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा उत्तर प्रदेश के लोनी शहर को लेकर हुआ है. लोनी को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया है. यहां का औसत PM2.5 स्तर 112.5 µg/m³ दर्ज किया गया है, जो वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की 5 µg/m³ की तय गाइडलाइन से 22 गुना ज्यादा है. वहीं देश की राजधानी नई दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में चौथे स्थान पर है. हैरानी की बात यह है कि दुनिया के टॉप-10 सबसे प्रदूषित शहरों में 5 शहर भारत के ही हैं. इनमें यूपी के गाजियाबाद और लोनी के अलावा असम का बर्नीहाट, नई दिल्ली और पश्चिम बंगाल का उला शहर शामिल हैं.
वैश्विक स्तर पर बढ़ा प्रदूषण का ग्राफ
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के 54 देशों में PM2.5 के स्तर में बढ़ोतरी हुई है, जबकि 75 देशों में इसमें कमी देखी गई है. दुनिया के केवल 14 परसेंट शहर ही ऐसे हैं जो WHO के कड़े मानकों पर खरे उतर पाए हैं. साल 2025 में क्लाइमेट चेंज की वजह से जंगलों में लगी आग ने वैश्विक प्रदूषण को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है. यूरोप और कनाडा में बड़े पैमाने पर बायोमास उत्सर्जन हुआ, जिससे करीब 1,380 मेगाटन कार्बन वातावरण में घुला. अमेरिका और यूरोप में भी इसका असर दिखा है, जहां अमेरिका में PM2.5 का स्तर बढ़कर 7.3 µg/m³ तक पहुंच गया है.
मॉनिटरिंग सिस्टम हुआ कमजोर
हवा की क्वालिटी जांचने वाले सिस्टम को लेकर भी रिपोर्ट में चिंता जताई गई है. मार्च 2025 में अमेरिकी ग्लोबल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम के बंद होने से कई देशों के पास डेटा की कमी हो गई है. CREA की एक रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के 44 देशों में प्रदूषण की मॉनिटरिंग का सिस्टम बहुत कमजोर हुआ है. आलम यह है कि 6 देश तो ऐसे हैं जहां हवा की क्वालिटी मापने का कोई जरिया ही नहीं बचा है. भारत के संदर्भ में देखें तो 2024 में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी थी और दुनिया के 20 सबसे गंदे शहरों में से 13 भारत के ही थे. हालांकि इस बार संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन हवा की क्वालिटी में सुधार अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
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