Responsive Scrollable Menu

इंडोनेशिया में टीबी के खिलाफ जंग तेज, टीकाकरण को लेकर बनाई राष्ट्रीय रणनीति

जकार्ता, 24 मार्च (आईएएनएस)। इंडोनेशिया ने वर्ल्ड टीबी डे के मौके पर ऐलान किया कि वो तपेदिक (टीबी) के खिलाफ जंग पूरी मुस्तैदी से लड़ेगा। देश संक्रमण को रोकने, संक्रमितों को ट्रेस करने और 2030 तक इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के बड़े लक्ष्य की तरफ तेजी से बढ़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ठोस रणनीतिक कदम उठा रहा है।

इंडोनेशिया में टीबी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारत के बाद दूसरे नंबर पर इंडोनेशिया है। अनुमान है कि यहां हर साल लगभग 10 लाख 90 हजार टीबी के मामले सामने आते हैं जबकि इससे मरने वालों की संख्या 1,25,000 है, जो हर घंटे लगभग 14 लोगों की मौत के बराबर है।

इंडोनेशिया के हेल्थ मिनिस्टर बुडी गुनाडी सादिकिन ने हाल ही में जकार्ता में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में एक सुनवाई के दौरान कहा, दवा मौजूद है और बहुत असरदार भी है, लेकिन इसे लेकर समस्या बरकरार है। पूरी तरह से देश से खात्मा नहीं हो पाया है।

उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया नेशनल स्ट्रेटेजी और हेल्थ सिस्टम में सुधार के जरिए बढ़ते मामलों से निपटने की कोशिशें तेज कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि देश यह पक्का करने के लिए काम कर रहा है कि एक साल के अंदर दस लाख टीबी मरीजों की पहचान की जाए, उनको सही उपचार मुहैया कराया जाए और इलाज की सफलता दर 90 फीसदी रखने का टारगेट है।

इंडोनेशिया की एंटी-टीबी स्ट्रेटेजी में नेशनल टीबी स्ट्रेटेजिक प्लान 2025-2029 बनाना शामिल है, जिसे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के सपोर्ट से किए गए नेशनल टीबी प्रोग्राम रिव्यू के नतीजों के आधार पर बनाया गया है।

यह प्लान प्रोग्रेस का आकलन करने, सिस्टम में कमियों की पहचान करने और नेशनल टीबी रिस्पॉन्स को मजबूत करने, केस का पता लगाने में तेजी लाने, इलाज के नतीजों को बेहतर बनाने और कम्युनिटी एंगेजमेंट को बढ़ाने के लिए जरूरी कामों को बताने पर फोकस करता है।

इंडोनेशिया टीबी को खत्म करने में मदद के लिए रेगुलेटरी और फाइनेंसिंग सुधारों को भी आगे बढ़ा रहा है। डब्ल्यूएचओ के एक जॉइंट प्रोग्राम रिव्यू में टीबी पर 2021 के प्रेसिडेंशियल रेगुलेशन को अपडेट करने की सिफारिश की गई ताकि कानूनी अथॉरिटी को मजबूत किया जा सके, सस्टेनेबल फंडिंग पक्की की जा सके और कोऑर्डिनेशन में सुधार किया जा सके।

केस के बीच के अंतर को कम करने के लिए ज्यादा स्क्रीनिंग, तेजी से रेफरल और डायग्नोस्टिक देरी को कम करने की भी बात कही गई।

2025 के मध्य से, इंडोनेशिया ने अपने एंटी-टीबी प्रयासों के हिस्से के तौर पर सर्विलांस और डेटा सिस्टम को मजबूत किया है। हेल्थ अथॉरिटीज नेशनल टीबी इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एसआईटीबी) को बड़े एसएटीयू सेहत डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट कर रही हैं ताकि पब्लिक और प्राइवेट हेल्थकेयर सुविधाओं में ज्यादा सटीक और समय पर रिपोर्टिंग पक्की हो सके।

बेहतर डेटा सिस्टम से उन मरीजों की पहचान करने और रिसोर्स को ज्यादा असरदार तरीके से बांटने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने बताया कि बीमारी की रिपोर्टिंग और कम डायग्नोसिस बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं, क्योंकि पहले टीबी के कम से कम चार में से एक मामले का पता ही नहीं चल पाता था। सर्विलांस बढ़ाकर और डिजिटल इंटीग्रेशन को बढ़ाकर, इंडोनेशियाई सरकार का मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी मरीज बिना इलाज के न रहे और कम्युनिटी में चल रहे ट्रांसमिशन को रोका जा सके।

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इलाज और रोकथाम में सुधार के अलावा, इंडोनेशिया इनोवेशन, खासकर वैक्सीन डेवलपमेंट में निवेश कर रहा है। उम्मीद है कि 2028 या 2029 तक टीबी वैक्सीन उपलब्ध होगा।

टीबी वैक्सीन कैंडिडेट एम72/एएस01ई इंडोनेशिया में क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंच गई है। इन ट्रायल्स में देश के 2,000 से ज्यादा लोग शामिल हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ और इंडोनेशियन सोसाइटी ऑफ रेस्पिरोलॉजी के ऑनरेरी बोर्ड के चेयर, तजंद्रा योगा अदितमा ने कहा कि नई वैक्सीन बड़ों में ट्यूबरकुलोसिस को रोकने के लिए डिजाइन की गई है और यह मौजूदा बीसीजी वैक्सीन की जगह ले सकती है, साथ ही इसके बचाव के असर को बढ़ाने के लिए बूस्टर का भी काम कर सकती है।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

'धुरंधर हैं सीएम योगी', 'Dhurandhar 2' को लेकर सियासी घमासन शुरू, पूर्व सपा नेता ने की तारीफ

Dhurandhar 2, Puja Pal on Atique Ahmed: निर्देशक आदित्य धर ( Aditya Dhar) की धुरंधर 2 दर्शकों को खूब पसंद आ रही है. फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन कर रही है और रिकॉर्ड भी बना रही है. इस फिल्म को जहां किसी ने प्रोपोगेंडा फिल्म का टैग दिया तो किसी ने हिस्ट्री क्रिएट करने वाली फिल्म बताया. इस फिल्म में कई किरदार हैं जिसको लेकर लोगों ने सवाल उठाए, लेकिन एक किरदार सबसे ज्यादा चर्चा में उसका नाम आतिफ अहमद. जो यूपी के माफिया अतीक अहमद से प्रेरित बताया जा रहा है. इस फिल्म के बाद अतीक अहमद का नाम फिर से चर्चा में आ गया है. आइए आपको बताते हैं कि इसको लेकर क्या घमासान छिड़ा हुआ है. 

अतीक अहमद ने की थी पति की हत्या

दरअसल, सपा की बागी विधायक पूजा पाल ने अतीक अहमद को लेकर अपना रिएक्शन दिया है. बता दें कि पूजा पाल ने अतीक अहमद पर उनके पति राजू पाल की हत्या का आरोप लगाया था. पूजा पाल से जब पूछा गया कि धुरंधर 2 फिल्म में अतीक अहमद को नकली नोटों का सप्लायर बताया गया है. इसके अलावा सपा के नेता रामगोपाल यादव ने कहा है कि सपा की सरकार आने के बाद अतीक अहमद का बदला लिया जाएगा. इस पर पूजा पाल ने कहा कि योगी धुरंधर सीएम है उन्होंने अतीक के साम्राज्य का अंत किया है. इस फिल्म में अखिलेश और अतीक के संबंधों को उजाकर किया गया है. 

सीएम योगी ने अतीक के साम्राज्य का किया अंत

मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए पूजा पाल ने कहा, 'योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के एक धुरंधर मुख्यमंत्री हैं. जिन्होंने अतीक और मुख्तार जैसे माफियाओं के साम्राज्य का अंत किया. धुरंधर 2 फिल्म ने अखिलेश यादव और अतीक अहमद के बीच के संबंधों को उजाकर कर दिया है. अतीक अहमद सपा के संरक्षण में देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा था. अतीक सिर्फ मेरा ही गुनहगार नहीं था वो मेरे पति राजू पाल की हत्या का भी गुनहगार था. उसने मेरी जिंदगी ही तबाह नहीं की बल्कि हजारों परिवारों की जिंदगी तबाह की. अतीक लोगों की हत्याएं करवाता था और नशे का कारोबार करके युवाओं को अपराधी बनाकर समाज को नुकसान पहुंचाता था.'

ये भी पढ़ें: 'पाकिस्तान में किसी पर भरोसा नहीं', रणवीर सिंह की 'Dhurandhar' का 'पाक' में असर देख घबराए शाहिद अफरीदी 

सपा का बड़ा फाइनेंसर मारा गया

उन्होंने आगे कहा, 'समाजवादी पार्टी के संक्षरण में अतीक और उसकी गैंग ने नकली नोटों का काराबोर किया. साथ ही देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया. समाजवादी पार्टी को अतीक अहमद की सारी गतिविधियों की जानकारी थी. लेकिन अतीक पर की गई कार्रवाई अखिलेश यादव को पसंद नहीं आई. अतीक अहमद के रूप में समाजवादी पार्टी का बड़ा फाइनेंसर मारा गया. जिससे अखिलेश यादव असंतुष्ट थे. इसलिए रामगोपाल यादव कह रहे हैं कि समाजवादी पार्टी की सत्ता आने के बाद अतीक अहमद की हत्या का बदला लिया जाएगा. ये शब्द चाहे रामगोपाल यादव के हो लेकिन विचार अखिलेश यादव के हैं. सपा का पूरा सिस्टम अपराधियों और हत्यारों को बचाने के लिए काम करता है. अतीक की क्रब पर अखिलेश यादव फातिहा भी पढ़ने जाते हैं. जब  मैंने अतीक के सफाए का स्वागत किया तो मुझे समाजवादी पार्टी से निकाल दिया जाता है. 

सीएम योगी नहीं होते तो मैं जिंदा नहीं होती

मेरा स्पष्ट मानना है कि अतीक अहमद की हत्या के बाद भी अगर मैं जिंदा हूं तो इसकी एक वजह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं. अगर अखिलेश यादव की सरकार होती या वो मुख्यमंत्री होते तो अब तक मेरी हत्या हो चुकी होती. 

ये भी पढ़ें: Dhurandhar 2 से क्या घबरा गए अक्षय कुमार? 'Bhoot Bangla' की रिलीज से पहले कह डाली ऐसी बात

Continue reading on the app

  Sports

Rajasthan Royals: 15,286 करोड़ रुपये में बिकी राजस्थान रॉयल्स की टीम, अमेरिका की इस बड़ी कंपनी ने खरीदा

Rajasthan Royals: आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स करीब 15,286 करोड़ रुपये में बिकी गई है। टीम को अमेरिकी बिजनेसमैन ने खरीदा है। Tue, 24 Mar 2026 17:48:09 +0530

  Videos
See all

Iran की 79वें लहर! कोड वर्ड..'या खैर अल फतेहिन'! | #iranisraelwar #warnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T12:42:57+00:00

Bareilly में बवाल! इश्क, जिद और पथराव #shorts #viralnews #viralvideo #upnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T12:45:36+00:00

Iran strikes Israeli capital Tel Aviv as US says talks with Tehran remain 'fluid' | BBC News #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T12:40:34+00:00

Goonj with Rubika Liyaquat : Parliament Session | Congress Vs BJP | Iran Israel War | LPG Gas #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T12:45:06+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers