Kerala KGMOA ने स्वास्थ्य मंत्री के PS पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया
तिरूवनंतपुरम, सात अगस्त केरल में चिकित्सकों के एक प्रमुख संगठन ने शुक्रवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के निजी सचिव पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के दौरे पर एक वरिष्ठ महिला सिविल सर्जन से दुर्व्यवहार किया। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं तो कड़ा विरोध किया जाएगा। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सभी श्रेणियों के चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र संगठन केरल गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को यहां आयरानिमट्टम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निजी सचिव के दौरे के दौरान हुई कथित घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया।
एसोसिएशन की तिरुवनंतपुरम जिला समिति ने एक बयान में आरोप लगाया कि वरिष्ठ सिविल सर्जन को इस बात को लेकर अपमानित किया गया कि अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं सुबह 8 बजे शुरू नहीं हुई थीं, जबकि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में काम निर्धारित समय यानी सुबह नौ बजे से शुरू होता है। एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से उन चिकित्सकों का मनोबल गिरता है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव के पास सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का आधिकारिक निरीक्षण करने या उनके प्रशासनिक कामकाज में सीधे तौर पर दखल देने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय की ओर से मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
Tejashwi Yadav ने Bihar DGP से सीवान SP पर कार्रवाई मांगी, छात्र प्रदर्शन में AK-47 इस्तेमाल का मुद्दा उठाया
पटना, सात अगस्त राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक(डीजीपी)विनय कुमार से मुलाकात की और 25 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एके-47 राइफल के कथित इस्तेमाल के मामले में सीवान के पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों पर इस तरह की राइफल के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। राजद नेता ने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों पर एके-47 का इस्तेमाल केवल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर ही किया जा सकता था।
इस मुद्दे पर दोनों ही चुप्पी साधे हुए हैं और कुछ भी नहीं कह रहे हैं। संबंधित पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।’’ जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने डीजीपी से संबंधित एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, तो यादव ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारी छात्रों पर एकके-47 के इस्तेमाल के मामले में एसपी समेत सब पर कार्रवाई होनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने संसद में इस मुद्दे को उठाया।’’ यादव ने कहा कि वह दोनों नेताओं को आमंत्रित करना चाहेंगे कि वे यहां आएं और 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से मुलाकात करें। उस दिन वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए ‘बिहार बंद’ के समर्थन में कई जिलों में प्रदर्शन किये थे और उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई थी।
बंद के दौरान पटना, सारण, सीवान, औरंगाबाद, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्णिया और भोजपुर में हिंसा हुई, जबकि समस्तीपुर, नवादा, नालंदा, मधुबनी और शेखपुरा में मामूली प्रदर्शन देखने को मिले थे। प्रदर्शनकारियों ने पटना के डाक बंगला चौराहे पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था, जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है, जिसे सीवान में प्रदर्शन के दौरान एके-47 राइफल का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था।
एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था जिसमेंकांस्टेबल को प्रदर्शन के दौरान एके-47 का कथित तौर पर इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि ‘पीटीआई’ इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
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