Delhi Police ने Cyber Fraud में 4 आरोपियों को दबोचा, नाइजीरिया की महिला भी गिरफ्तार
नयी दिल्ली, सात अगस्त दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी निवासी एक व्यक्ति से धोखाधड़ी करने के आरोप में नाइजीरिया की एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित को पार्सल के माध्यम से अमेरिकी डॉलर और सोना भेजने का झांसा दिया और इसे प्राप्त करने के लिए विभिन्न औपचारिकताओं के बहाने उससे पैसे हासिल किए।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन गिरफ्तारियों के साथ पुलिस ने फर्जी पहचान के जरिए लोगों के साथ साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। आरोपियों की पहचान दीपक कुमार (22), कोंडा सागर (33), अजमीरा विनोद कुमार (30) और नाइजीरियाई नागरिक शिमोन मिरेकल चिनोनसो (22) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली निवासी व्यक्ति ने 31 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी कि खुद को अमेरिका का निवासी बताने वाले लोगों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है।
पुलिस ने कहा कि शिकायतकर्ता से सबसे पहले चैट और फोन कॉल के जरिए संपर्क किया गया और उसका विश्वास हासिल करने के बाद आरोपियों ने दावा किया कि उन्होंने उसके नाम पर अमेरिकी डॉलर और सोने से भरा एक पार्सल भेजा है। पुलिस के अनुसार इसके बाद आरोपियों ने तरह-तरह के बहाने बनाकर पीड़ित कोधन भेजने के लिए राजी किया गया। पुलिस ने कहा कि दावों पर विश्वास करते हुए पीड़ित ने ऑनलाइन माध्यम से कई बार में 1.46 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए।
दक्षिण पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमित गोयल ने कहा कि मामला दर्ज किया गया जिसके बाद एक टीम ने डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय लेनदेन और तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद जांच टीम ने दिल्ली से दीपक कुमार को गिरफ्तार किया और उसके बाद तेलंगाना में जयशंकर भूपालपल्ली जिले से सागर और विनोद कुमार को पकड़ा। अधिकारी ने कहा कि विस्तृत जांच के दौरान चिनोनसो की संलिप्तता के बारे में पता चला, जिसके बाद पुलिस टीम ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
Kerala KGMOA ने स्वास्थ्य मंत्री के PS पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया
तिरूवनंतपुरम, सात अगस्त केरल में चिकित्सकों के एक प्रमुख संगठन ने शुक्रवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के निजी सचिव पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के दौरे पर एक वरिष्ठ महिला सिविल सर्जन से दुर्व्यवहार किया। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं तो कड़ा विरोध किया जाएगा। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सभी श्रेणियों के चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र संगठन केरल गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को यहां आयरानिमट्टम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निजी सचिव के दौरे के दौरान हुई कथित घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया।
एसोसिएशन की तिरुवनंतपुरम जिला समिति ने एक बयान में आरोप लगाया कि वरिष्ठ सिविल सर्जन को इस बात को लेकर अपमानित किया गया कि अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं सुबह 8 बजे शुरू नहीं हुई थीं, जबकि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में काम निर्धारित समय यानी सुबह नौ बजे से शुरू होता है। एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से उन चिकित्सकों का मनोबल गिरता है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव के पास सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का आधिकारिक निरीक्षण करने या उनके प्रशासनिक कामकाज में सीधे तौर पर दखल देने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय की ओर से मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
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