NHRC ने MP Government से मांगी रिपोर्ट, विदिशा में बेतवा नदी पार कर स्कूल जाते हैं छात्र
नयी दिल्ली, सात अगस्त राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने मध्यप्रदेश सरकार को उन खबरों के सिलसिले में एक नोटिस जारी किया है, जिनमें दावा किया गया है कि विदिशा जिले में कई विद्यार्थी स्कूल पहुंचने के लिए बेतवा नदी पार करते समय अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। आयोग ने एक बयान में कहा है कि उसने विदिशा जिले में स्कूल जाने के लिए बेतवा नदी पार करते समय ‘चेक डैम’ के खंभों पर कूदकर अपनी जान जोखिम में डालने वाले स्कूली विद्यार्थियों के बारे में मीडिया में आई एक खबर का स्वतः संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने कहा कि अगर यह खबर सच है, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है।
आयोग के मुताबिक, ये विद्यार्थी कथित तौर पर इस ‘‘खतरनाक रास्ते’’ का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि इससे सड़क मार्ग की 13 किलोमीटर की दूरी घटकर सिर्फ 1.5 किलोमीटर रह जाती है। एनएचआरसी ने कहा है कि संविधान का अनुच्छेद 21ए, छह से 14 साल की उम्र के बच्चों को सरकार की ओर से नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने की गारंटी देता है। बच्चों के लिए नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 भी छह से 14 साल की उम्र के हर बच्चे के लिए शिक्षा को एक अधिकार बनाता है।
इसके अलावा, आयोग ने उल्लेख किया कि उच्चतम न्यायालय ने अविनाश मेहरोत्रा बनाम भारत संघ (2009) मामले में यह माना है कि शिक्षा के अधिकार में सुरक्षित स्कूल और सुरक्षित अवसंरचना का अधिकार भी शामिल है। आयोग ने कहा कि बच्चों के स्कूल पहुंचने के लिए सुरक्षित परिवहन का न होना ‘‘गरिमापूर्ण तरीके से शिक्षा पाने के उनके मूल अधिकार का उल्लंघन है।’’ इसी के तहत, आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बयान में कहा गया है कि चार अगस्त को मीडिया में आई एक खबर के अनुसार, खुले हुए ‘चेक डैम’ के खंभों के बीच बने चौड़े अंतराल को बच्चों के खतरनाक तरीके से कूदकर पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
बताया जाता है कि एक छात्रा अपनी वार्षिक परीक्षा में अनुतीर्ण हो गई, क्योंकि वह स्कूल नहीं जा सकी थी। छोटे कद की वजह से वह खंभों को पार नहीं कर सकी थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने उक्त स्थान का दौरा किया और कलेक्टर को इस समस्या के बारे में बताया।
हालांकि, आयोग ने कहा कि नदी पार करने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाने की समय-सीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
IGI Airport पर जब्त हुआ 869 ग्राम सोना, खिलौने वाले स्कूटर के टायरों में छिपाकर लाया था यात्री
नयी दिल्ली, सात अगस्त दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर जेद्दा से मुंबई होते हुए पहुंचे एक यात्री को सोने की तस्करी करने के आरोप में पकड़ा गया, जिसे उसने खिलौने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर के टायर में छिपाया हुआ था। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, खुफिया सूचना और यात्री की जानकारी के आधार पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने छह अगस्त को हवाई अड्डे के टर्मिनल-एक पर दिल्ली पहुंचने के बाद यात्री को रोक लिया।
बयान में कहा गया कि यात्री जेद्दा से मुंबई और वहां से दिल्ली पहुंचा था। उसके पंजीकृत सामान में घरेलू उपयोग की वस्तुओं के साथ खिलौने वाला एक इलेक्ट्रिक स्कूटर भी था। सीमा शुल्क विभाग के अनुसार, बैग और पंजीकृत सामान की ‘एक्स-रे’ जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ संदिग्ध चीजें दिखाई दीं।
हालांकि, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) से गुजरते समय कोई चेतावनी संकेत नहीं मिला, फिर भी अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की गहन जांच की। जांच के दौरान इलेक्ट्रिक स्कूटर के टायरों के भीतर बेहद चालाकी से छिपाकर रखे गए 24 कैरट सोने के 19 कटे हुए टुकड़े बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 869.5 ग्राम था। अधिकारियों के अनुसार, इन्हें तस्करी के उद्देश्य से छिपाया गया था।
सीमा शुल्क विभाग ने इस संबंध में तस्करी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










