उत्तराखंड सरकार के 4 साल हुए पूरे, परेड ग्राउंड में सीएम ने जनता को संबोधित किया
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने 23 मार्च को सरकार के चार साल पूरा होने पर परेड ग्राउंड में कार्यक्रम को संबोधित किया, जिसका नाम 4 साल बेमिसाल रखा गया था. उन्होंने इस मौके पर विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया. वहीं, सीएम धामी ने कहा कि- जनता ने उन्हें फिर से राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया था, इसके बाद इसी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था. अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है. अधिक जानकारी के लिए देखें पूरा वीडियो-
Navratri Vrat Paran 2026: 26 या 27 मार्च कब होगा नवरात्रि का पारण? नोट करें व्रत खोलने का सही समय
Navratri Vrat Paran 2026: आज नवरात्रि का कौन सा दिन है?(aaj navratri ka kaun sa din hai) धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 24 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का छठा दिन है. इस दिन पर माता कात्यायनी की विशेष रूप से पूजा-पाठ की जाती है. शास्त्र कहते हैं कि व्रत का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान पारण होता है. इसको विधि-विधान के साथ पूरा करना चाहिए. कहते हैं कि सही तरीके से पारण किया जाए तो उस व्रत का पूर्ण फल मिलता है. बता दें कि नवरात्रि के पारण तीन तरीकों से किए जाते हैं. जैसे कोई अष्टमी को कन्या पूजन के बाद पारण करता है तो कोई नवमी के बाद व्रत खोलता है. वहीं, कुछ लोग दशमी पूजा के बाद व्रत पारण करते हैं. चलिए जानते हैं इस साल नवरात्रि व्रत का पारण कब होगा.
नवरात्रि व्रत का पारण कब होगा 2026? (Navratri Vrat Ka Paran Date 2026)
द्रिक पंचांग के अनुसार, नवरात्रि व्रत का पारण 26 और 27 मार्च दोनों दिन किया जा सकता है. ऐसे में जो लोग अष्टमी-नवमी को व्रत खोलेंगे, उन्हें 26 मार्च को कन्या बिठाने के बाद अपना व्रत पारण करना है. वहीं, जो लोग दशमी पर व्रत खोलते हैं, उन्हें 27 मार्च को चैत्र नवरात्र का पारण करना है.
नवरात्रि व्रत पारण का शुभ मुहूर्त (Navratri Vrat Paran Muhurat 2026)
- 26 मार्च 2026- कन्या पूजन के बाद कभी भी व्रत खोल सकते हैं.
- 27 मार्च 2026 - साधक इस दिन दशमी तिथि पर व्रत खोल सकते हैं. इस दिन पारण का समय सुबह 10:08 बजे के बाद का है.
ध्यान रखें कि पारण हमेशा शुभ मुहूर्त में और विधि-विधान से करना चाहिए, ताकि व्रत का पूरा पुण्य प्राप्त हो सके.
कैसे किया जाता है नवरात्रि का पारण? (Navratri Vrat Paran Vidhi)
नवरात्रि व्रत का पारण सिर्फ भोजन करने से पूरा नहीं होता है बल्कि इसके पीछे एक पूरी धार्मिक प्रक्रिया होती है. सबसे पहले सुबह स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें और माता दुर्गा की विधिवत पूजा करें. इसके बाद घर में हवन करना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि हवन से वातावरण शुद्ध होता है और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है.
हवन के बाद घर में छोटी-छोटी कन्याओं को आमंत्रित किया जाता है. इन कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है. उनके चरण धोकर उन्हें आसन पर बैठाया जाता है और फिर उन्हें भोजन कराया जाता है. आमतौर पर कन्या पूजन में हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद बनाया जाता है. इसके साथ ही फल, नारियल और बताशे भी अर्पित किए जाते हैं.
भोजन के बाद कन्याओं को दान-दक्षिणा, वस्त्र या उपहार देकर सम्मानपूर्वक विदा किया जाता है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है. इसके बाद भक्त स्वयं माता रानी को अर्पित किए गए भोग को ग्रहण करते हैं और अपना व्रत खोलते हैं. ऐसे आपका नवरात्रि व्रत का पारण पूरा हो जाएगा.
पारण के समय रखें ये खास बातें
पारण करते समय कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. व्रत खोलने से पहले किसी भी तरह का तामसिक भोजन नहीं खाना चाहिए बल्कि उपवास करना चाहिए. पारण हमेशा सात्विक भोजन से ही करें. इसके अलावा क्रोध, नकारात्मक विचार और विवाद से दूर रहें, क्योंकि ये व्रत के पुण्य को कम कर सकते हैं.
नवरात्रि व्रत का पारण धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और आत्म-शुद्धि का प्रतीक है. सही विधि और समय पर पारण करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
ये भी पढ़ें- Maa Katyayani Chalisa: चैत्र नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जरूर पढ़ें चालीसा, मिलेगा फल
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















