पीएम मोदी राज्य सभा में रखेंगे पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और भारत की रणनीति पर अपनी बात
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के विभिन्न पहलुओं और भारत की रणनीति के बारे में अपनी बात रखेंगे।
राज्यसभा में उनका संबोधन ऐसे समय में होगा, जब सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नियोजित सैन्य हमलों पर पांच दिन के विराम की घोषणा की। ट्रंप का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत चल रही है।
सोमवार को इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण देश के सामने आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी दी थी, जिसमें खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर पड़ने वाले प्रभाव और संकट के व्यापारिक और आर्थिक परिणामों के बारे में देश को बताया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इस संघर्ष ने भारत के लिए अप्रत्याशित चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी और मानवीय हैं। भारत के युद्धग्रस्त देशों और उससे प्रभावित देशों के साथ व्यापक व्यापारिक संबंध हैं।
व्यापार पर संघर्ष के पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जिस क्षेत्र में युद्ध हो रहा है, वह अन्य देशों के साथ हमारे व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग भी है। विशेष रूप से, हमारी कच्चे तेल और गैस की आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया भी भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं।
संघर्ष से प्रभावित भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, प्रभावित देशों में प्रत्येक भारतीय को आवश्यक सहायता प्रदान की गई है। मैंने व्यक्तिगत रूप से दो दौर में अधिकांश पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात की है। उन सभी ने भारतीयों की पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशियाई देशों से 3,75,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं, जिनमें ईरान से 1,000 लोग शामिल हैं और उन्होंने जरूरतमंदों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की थी, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में स्थिति की समीक्षा की गई और मौजूदा तथा प्रस्तावित शमन उपायों पर चर्चा की गई।
--आईएएनएस
एसएके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान और मध्य पूर्व पर अमेरिका की कूटनीति तेज, भारत, कनाडा और केन्या से बातचीत की
वाशिंगटन, 24 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत, कनाडा और केन्या के अपने समकक्ष नेताओं से बातचीत की। इन बातचीतों में ईरान, मध्य पूर्व की स्थिति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यह जानकारी उनके प्रवक्ता ने दी।
रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो से बात की। इस दौरान अमेरिका ईरान और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अपने सहयोगी देशों से लगातार संपर्क बढ़ा रहा है।
भारत के साथ हुई बातचीत में मध्य पूर्व की बदलती स्थिति पर चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश विभाग के उप-प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों पर विचार किया और आपसी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए साथ मिलकर काम जारी रखने पर सहमति जताई।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। भारत और अमेरिका दोनों ने साझा रणनीतिक हितों पर मिलकर काम करने के संकेत दिए हैं।
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ बातचीत में खास तौर पर ईरान और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की कार्रवाई पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर बात की।
इस बातचीत में हैती का मुद्दा भी उठा। रुबियो ने बताया कि अमेरिका वहां शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयास कर रहा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी से गठित गैंग सप्रेशन फ़ोर्स को समर्थन भी शामिल है।
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो के साथ अलग से हुई बातचीत में रुबियो ने ईरान के मुद्दे पर केन्या के रुख और क्षेत्रीय सुरक्षा में उसकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने खाड़ी देशों के खिलाफ ईरान की आक्रामकता की निंदा करने के लिए रुटो को धन्यवाद दिया और “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के उद्देश्यों पर भी चर्चा की।
रुबियो ने हैती में शांति बनाए रखने में केन्या के योगदान की भी सराहना की और गैंग सप्रेशन फ़ोर्स के लिए उसके सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। दोनों नेताओं के बीच आर्थिक संबंधों पर भी बात हुई।
इन सभी बातचीतों से यह साफ है कि अमेरिका ईरान और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने प्रमुख साझेदार देशों के साथ तालमेल मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत, कनाडा और केन्या क्रमशः एशिया, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में अमेरिका के अहम सहयोगी देश हैं, जो कूटनीति, सुरक्षा सहयोग और शांति स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
--आईएएनएस
एएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















