ट्रंप की बातचीत का दावा झूठा, जवाबी कार्रवाई के डर से पीछे हटा अमेरिका : ईरान
नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान को झूठा करार देते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। ईरान सैन्य मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर उनका रुख यथावत है।
ईरान सैन्य मुख्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, ईरान और अमेरिका के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। ट्रंप की ओर से बातचीत का दावा झूठा है। अमेरिका के ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी के बाद पीछे हटना खतरे से बचने की कोशिश है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का रुख नहीं बदला है।
ईरान सैन्य मुख्यालय ने कहा, ईरान की जवाबी कार्रवाई के डर से ट्रंप अपने 48 घंटे के अल्टीमेटम से पीछे हट गए।
ईरान के सैन्य मुख्यालय ने कहा कि हमारी ओर से पहले ही साफ कर दिया गया था कि अगर अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करता है तो इजरायल के बिजली, ऊर्जा और आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा। मध्य-पूर्व के उन देशों में मौजूद पावर प्लांट, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं, वैध निशाने माने जाएंगे। इसके साथ ही जब तक हमारे क्षतिग्रस्त प्लांट दोबारा नहीं बन जाते, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा कि अमेरिका की ईरान के साथ सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को पूरी तरह खत्म करने को लेकर गंभीर वार्ता जारी है। डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर अमेरिका अगले पांच दिन तक कोई हमला नहीं करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा, ईरान के साथ पिछले दो दिनों में बेहद सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है, जिसका मकसद मध्य पूर्व में जारी टकराव का पूर्ण समाधान निकालना है। चर्चाओं का ये दौर पूरे हफ्ते जारी रहेगा। दोनों देशों के बीच गहन और विस्तृत चर्चाओं के सकारात्मक रवैए को देखते हुए, मैंने अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए।
इससे पहले रविवार को ट्रंप की एक पोस्ट ने हंगामा मचा दिया था। ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी ईरान को दी थी और कहा था कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया तो ईरान के बड़े बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। इसके जवाब में ईरान ने भी दावा किया कि वह अमेरिकी सहायता से चलने वाले किसी भी संयंत्र को नहीं छोड़ेगा।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
कराची के गुल प्लाजा के बेसमेंट में फिर लगी आग, दो महीने पहले 70 से ज्यादा की हुई थी मौत
इस्लामाबाद, 23 मार्च (आईएएनएस)। कराची के गुल प्लाजा के बेसमेंट में दोबारा रविवार को आग लग गई। यह वही जगह है जहां दो महीने पहले आग लगी थी और हादसे में 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
पाकिस्तानी अधिकारियों को संदेह है कि ठीक उसी जगह दोबारा आग का कारण नशे के आदी लोग हो सकते हैं, जो तांबा चोरी करने की कोशिश कर रहे थे।
घटना के बाद, साउथ के कार्यवाहक डिप्टी कमिश्नर आमिर फजल ओवैसी ने कहा कि आग संभवतः नशे के आदी लोगों की वजह से लगी, हालांकि जांच जारी है।
पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, ओवैसी ने बताया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर पहुंचने पर इमारत के अंदर कई लोग मिले, जो कथित तौर पर तार और अन्य सामान चोरी करने के लिए अंदर घुसे थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेसमेंट में एक व्यक्ति बेहोश हालत में मिला।
नबी बख्श पुलिस के अनुसार, घायल व्यक्ति, जो नशे का आदी है, अपने साथियों के साथ चोरी के इरादे से गुल प्लाजा में घुसा था।
पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने मलबे में मौजूद तारों से तांबा निकालने के लिए उन्हें जलाने की कोशिश की, जिससे आग भड़क उठी।
घायल व्यक्ति आग में फंस गया, जबकि उसके साथी भागने में सफल रहे। उसके कान और नाक से खून बह रहा था और उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया है।
हाल ही में गुल प्लाजा मॉल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तनवीर पास्ता ने गुल प्लाजा मॉल में 17 जनवरी को लगी भीषण आग की जांच कर रहे पाकिस्तान के न्यायिक आयोग को बताया कि बचाव सेवाएं देर से पहुंचीं और आग लगने के शुरुआती अहम घंटों के दौरान इमारत के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में नाकाम रहीं।
उन्होंने ये बातें सिंध हाई कोर्ट के जस्टिस आगा फैसल की अध्यक्षता वाले एकल-न्यायाधीश आयोग द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देते हुए कही। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय इमारत से बाहर निकलने के सभी रास्ते खुले और काम कर रहे थे।
पास्ता ने कहा, “राहत सेवाएं वास्तव में फज्र की नमाज के बाद सक्रिय हुईं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और आग बेकाबू हो गई थी।”
उन्होंने आरोप लगाया, “बचाव दल के पास इमारत के अंदर जाने और फ्लोर से लोगों को बचाने के लिए न तो उपकरण थे, न मास्क। आग बुझाने के लिए फोम भी उपलब्ध नहीं था। शुरुआती घंटों में बचाव का कोई प्रयास नहीं किया गया।”
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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