जयंत चौधरी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को एक झटका लगा है। पार्टी की यूपी यूनिट के अध्यक्ष रामाशिश राय ने शुक्रवार को अपने पद और पार्टी, दोनों से इस्तीफ़ा दे दिया। यह घटनाक्रम राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक सात महीने पहले हुआ है। राय ने कहा कि उन्होंने यह कदम सत्ताधारी BJP के नेतृत्व वाले NDA की बांटने वाली राजनीति के कारण उठाया है। RLD, UP और केंद्र, दोनों जगह NDA का हिस्सा है।
स्किल डेवलपमेंट और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत को लिखे एक पत्र में राय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र पर प्रभावशाली और आर्थिक रूप से ताकतवर वर्गों का कब्ज़ा हो रहा है और समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का चलन बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, रोज़गार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों के कारण आम लोगों में परेशानी बढ़ रही है। रालोद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का एक प्रमुख घटक है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की केंद्र सरकार तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में साझेदार है।
राय को 27 मई 2022 को राष्ट्रीय लोकदल की उत्तर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि संविधान, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर हो रहे प्रहार से लोकतंत्र आज खतरे में है। व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश, इन्हीं वैचारिक एवं नैतिक कारणों से मैं राष्ट्रीय लोकदल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र प्रस्तुत कर रहा हूं। उन्होंने पत्र में संगठन के लिए अपने योगदान का उल्लेख करते हुए युवाओं, छात्रों, किसानों की समस्याओं का भी जिक्र किया। राय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र धीरे-धीरे धनबल और प्रभावशाली वर्गों के नियंत्रण में सिमटता दिखाई दे रहा है और समाज को जाति, उपजाति व संप्रदाय के आधार पर विभाजित करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें
National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Continue reading on the app