शिल्पा शेट्टी ने बताया रिवर्स हाइपर एक्सरसाइज का सही तरीका, गिनाए कई फायदे
नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी अपनी हेल्दी लाइफस्टाइल और नियमित योगाभ्यास से फैंस के दिलों में खास पहचान रखती हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लोगों को योगा करने के लिए प्रेरित करती रहती हैं। अभिनेत्री ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक फिटनेस वीडियो पोस्ट किया।
वीडियो में अभिनेत्री रिवर्स हाइपर एक्सरसाइज करती दिख रही हैं। इस वीडियो के जरिए उन्होंने न सिर्फ इस एक्सरसाइज को रिवर्स हाइपर करने का सही तरीका बताया, बल्कि इसके कई फायदों पर भी रोशनी डाली। अभिनेत्री ने इसे अंडररेटेड यानी कम चर्चित लेकिन बहुत प्रभावी व्यायाम बताया, जो खासकर नितंब (ग्लूट्स) को मजबूत बनाने के लिए आरामदायक है।
शिल्पा ने लिखा, रिवर्स हाइपर के कई फायदे हैं। सबसे पहले, यह व्यायाम हिप एक्सटेंशन के जरिए ग्लूटस मैक्सिमस मांसपेशी को बहुत अच्छे से टारगेट करता है, जिससे नितंब मजबूत और आकर्षक बनते हैं। दूसरा, यह कमर के निचले हिस्से (लोअर बैक) के लिए काफी सुरक्षित माना जाता है। यह पोस्टीरियर चेन यानी पीठ, ग्लूट्स और हैमस्ट्रिंग्स को मजबूत बनाता है और रीढ़ की हड्डी पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।
उन्होंने आगे लिखा, इसके अलावा, यह व्यायाम स्क्वाट्स, डेडलिफ्ट्स जैसी भारी एक्सरसाइज को करने में मदद करता है और हिप एक्सटेंशन की ताकत बढ़ाता है। साथ ही, यह संतुलित पोस्टीरियर चेन बनाता है, यानी ग्लूट्स, हैमस्ट्रिंग्स और लोअर बैक को एक साथ एक्टिवेट करता है। आखिर में नियंत्रित तरीके से करने पर लोअर बैक की जकड़न कम होती है, जिससे खून का बहाव बेहतर होता है और रीढ़ को अच्छा सपोर्ट मिलता है।
अभिनेत्री ने इसे घर पर या जिम में आसानी से करने का भी आसान तरीका बताया। उन्होंने लिखा, ग्लूट्स की ताकत से ऊपर उठाएं। ऊपर पहुंचकर 1-2 सेकंड रुकें और फिर धीरे-धीरे नीचे लाएं।
उन्होंने सेट्स और रेप्स की डिटेल देते हुए लिखा, 3 सेट में 15 से 18 रेप्स करें। कंट्रोल के साथ ऊपर उठाएं। अब ऊपर 1-2 सेकंड होल्ड करें और धीरे-धीरे नीचे आएं।
--आईएएनएस
एनएस/वीसी
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1 अप्रैल से बदलने वाले हैं ATM और UPI के नियम, अब पैसे निकालना होगा महंगा? जानें क्या होगी नई Policy
New ATM Rules: भारत में जैसे ही नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, बैंक और भुगतान सेवा प्रदाताओं ने नकद निकासी और ATM उपयोग से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. इन बदलावों का सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो अक्सर ATM से पैसे निकालते हैं या डिजिटल तरीके से नकद निकालना पसंद करते हैं. अब सिर्फ पारंपरिक ATM वदेबिट कार्ड से ही नहीं, बल्कि UPI के जरिए की गई नकद निकासी को भी पारंपरिक ATM लिमिट में शामिल कर लिया गया है.
क्या हैं बदलाव?
सबसे पहले बात ATM से UPI कैश निकासी की HDFC Bank ने घोषणा की है कि अब अगर आप UPI के जरिए ATM या बैंक के पॉइंट से पैसे निकालते हैं, तो इसे मासिक फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में गिना जाएगा. पहले यह अलग कैटेगरी माना जाता था और इसके लिए अलग से लिमिट थी, लेकिन अब यह मुख्य मुफ्त ATM ट्रांजैक्शन की गिनती में शामिल हो जाएगा. उदाहरण के लिए, पहले अगर HDFC Bank का ग्राहक UPI से 5 बार पैसे निकाल सकता था और ATM से 5 बार, तो कुल 10 ट्रांजैक्शन होते थे. अब यह दोनों मिलकर केवल 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन ही मानेंगे.
इसलिए उठाया गया ये कदम
यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अधिकतर बैंक अपने ग्राहकों को महीने में सीमित संख्या में मुफ्त निकासी की सुविधा देते हैं. HDFC Bank के अपने ATM से 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलते हैं, जबकि अन्य बैंकों में मेट्रो शहरों में 3 और नॉन‑मेट्रो शहरों में 5 मुफ्त निकासी की सुविधा रहती है. अगर आप इस फ्री लिमिट से अधिक निकासी करते हैं, तो आपको हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन के लिए लगभग 23 रुपए (GST अलग) प्रति ट्रांजैक्शन अतिरिक्त शुल्क देना होगा. इसका सीधा अर्थ है कि अगर आप बार‑बार बिना देखे पैसे निकालते रहेंगे, तो आपके बैंक अकाउंट से अतिरिक्त चार्ज कटेंगे.
PNB ने भी निकासी लिमिट बदली
सरकारी बैंक Punjab National Bank (PNB) ने भी डेबिट कार्ड के डेली कैश निकासी लिमिट यानी रोज की नकद निकालने की सीमा बदल दी है. पहले कई कार्ड में ग्राहक रोजाना 1 लाख तक निकाल सकते थे, लेकिन अब इस लिमिट को घटा कर 50,000 से 75,000 रुपए रोजाना कर दिया गया है, जो कार्ड के प्रकार के हिसाब से अलग‑अलग लागू होगी. बैंक का कहना है कि इससे जोखिम को नियंत्रित करने और सिस्टम को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी.
इस बदलाव से उन लोगों को असर पड़ेगा जो रोजाना ज्यादा नकद निकालते हैं, जैसे कि व्यापारी, ड्राइवर, स्वतंत्र पेशेवर इत्यादि. अब उन्हें ध्यान रखना होगा कि रोज की लिमिट को पार न करें, नहीं तो बैंक अतिरिक्त शुल्क लगा सकता है.
पहले ज्यादा लिमिट वाले कार्ड भी प्रभावित
कुछ प्रीमियम डेबिट कार्ड में पहले 1 लाख तक रोज नकद निकालने की अनुमति थी, लेकिन अब उन कार्ड की लिमिट को भी कम कर दिया गया है. इसका कारण बैंक द्वारा मानकीकरण (standardization) और जोखिम प्रबंधन (risk management) को बेहतर बनाना बताया गया है.
इस कदम का सीधा असर यह है कि ग्राहक अब हमेशा की तरह बड़ी रकम नकद नहीं निकाल पाएंगे, बल्कि उन्हें बैलेंस और लिमिट का ध्यान रखना होगा. अगर वे लिमिट से अधिक ले लेते हैं, तो अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा.
Jio Payments Bank की नई QR‑आधारित कैश सुविधा
उपभोक्ताओं के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि Jio Payments Bank Limited (JPBL) ने UPI आधारित कैश विदड्रॉल सेवा की शुरुआत करने की घोषणा की है. इसके तहत अब ग्राहक QR कोड स्कैन करके नकद पैसे निकाल सकते हैं, वह भी बिना डेबिट कार्ड के!
इसका मतलब यह है कि अगर आप कहीं कार्ड भूल गए हों या पास में ATM न हो, तब भी आप QR को स्कैन करके निकासी कर सकते हैं. यह सुविधा खासकर ग्रामीण एवं छोटे शहरों में बहुत उपयोगी साबित हो सकती है.
समग्र प्रभाव और ग्राहक सलाह
इन सारे बदलावों से यह साफ होता है कि बैंकिंग सिस्टम तेजी से डिजिटल जीवन की ओर बढ़ रहा है और नकद उपयोग पर नियंत्रण कड़ा किया जा रहा है.
- ग्राहकों को सलाह दी जाती है:
- अपनी बैंक की मुफ्त ट्रांजैक्शन लिमिट जानें
- ATM और UPI से निकासी के नियम समझें
- अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए लिमिट पार न करें
- अगर संभव हो, तो डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दें
इस बदलाव से उपयोग में दक्षता तो आएगी, लेकिन ग्राहकों को अपनी बैंकिंग आदतों में सावधानी बरतनी होगी.
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