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Three-Language Formula पर जयंत चौधरी ने दूर किया भ्रम, कहा- NEP में राज्यों को पूरी छूट

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) किसी भी राज्य पर हिंदी सहित किसी एक भाषा को थोपती नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट रूप से बहुभाषावाद को बढ़ावा देती है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि हालांकि तमिलनाडु ने एनईपी 2020 पर कुछ आपत्तियां व्यक्त की हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा के तहत राज्य को 538 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जो कि केंद्र सरकार का एक प्रमुख स्कूली शिक्षा कार्यक्रम है।
 

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चौधरी ने कहा कि खर्च के संबंध में और आगे की निकासी के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जारी करने के संबंध में स्थापित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल का पालन करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मंत्री ने कहा कि किसी भी भाषा को थोपने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। एनईपी में प्रस्तावित तीनों भाषाएँ दो-भाषा सूत्र के अनुरूप हैं... इसमें पूर्ण लचीलापन है। हिंदी सहित किसी भी भाषा को थोपा नहीं गया है। इसे पूरी तरह से लागू करना राज्य सरकार पर निर्भर है।

मंत्री जी ने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुच्छेद 4.13 में स्पष्ट रूप से बहुभाषावाद को बढ़ावा दिया गया है, जिसमें कई भाषाओं के शुरुआती संपर्क से सीखने की क्षमता और परिणामों में होने वाले स्पष्ट लाभों का उल्लेख किया गया है। इसमें राज्यों को तीन भाषाओं को पढ़ाने के लिए स्कूलों की क्षमता विकसित करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि 15 वर्ष की आयु तक कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाओं में दक्षता हासिल हो जाए, जबकि तीसरी भाषा स्थानीय मांग पर निर्भर करती है।
 

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उन्होंने स्पष्ट किया कि इसलिए इसे वास्तव में लागू करना राज्यों पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा योजना के तहत सरकार भाषा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सहायता प्रदान करती है, और यह समग्र शिक्षा 2.0 में जोड़ा गया एक नया घटक है। शिक्षा के लिए केंद्रीय निधि जारी किए जाने पर चौधरी ने कहा कि तमिलनाडु को कुछ आपत्तियां हैं जिन्हें उन्होंने समय-समय पर व्यक्त किया है। मुख्य रूप से, उनका मुख्य मुद्दा यह है कि नई नीति को दो-भाषा फॉर्मूले तक सीमित कर दिया गया है और यही उनकी आपत्ति का आधार है।

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Raghav Chadha ने उठाया Mobile Data का मुद्दा, बोले- बचा हुआ डेटा खत्म करना Consumer Rights का हनन है

 मोबाइल फोन के प्लान के अनुसार रोजाना मिलने वाले डेटा का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाने की स्थिति में उसका बाद में उपयोग करने की व्यवस्था होने की मांग करते हुए सोमवार को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि यह केवल डेटा की ही नहीं बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए चड्ढा ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन रीचार्ज कराता है तो उसे उसके प्लान के अनुसार डेटा मिलता है। ‘‘यह डेटा रात बारह बजे समाप्त हो जाता है।’’

उन्होंने कहा ‘‘उपभोक्ता से पैसा पूरा लिया जाता है लेकिन रात बारह बजे तक अनुपयुक्त डेटा दिन समाप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है। यह अनुपयुक्त डेटा हमें अगले दिन नहीं मिलता जबकि यह हमारी मेहनत के पैसों से खरीदा जाता है।’’ उन्होंने कहा ‘‘विडंबना यह है कि रोज के डेटा की सीमा तय होती है, लेकिन मासिक डेटा सीमा नहीं होती। मासिक डेटा सीमा होने पर पूरा डेटा इस्तेमाल होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि लोग छुट्टी के दिन डेटा का अधिक उपयोग करते हैं।

लेकिन ऐसा नहीं होता और बचा हुआ डेटा वैलिडिटी समाप्त होने पर एक्सपायर हो जाता है।’’ चड्ढा ने कहा कि आज इंटरनेट हर चीज के लिए जरूरी हो गया है और यह हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है। आप सांसद ने मांग की कि अनुपयुक्त डेटा का बाद में इस्तेमाल करने की सुविधा दी जानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डेटा वैलिडिटी समाप्त होने के साथ समाप्त न हो। ‘‘यह डेटा की ही बात नहीं है बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है।’’

उन्होंने कहा कि माह के अंत में अगर अधिक डेटा बचा हो तो उपयोगकर्ता को इस डेटा का समायोजन अपने रीचार्ज प्लान में करने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त डेटा को ‘डिजिटल संपत्ति’ माना जाए और उसे स्थानांतरित करने की सुविधा उपयोगकर्ता को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी बिजली की खपत की जाती है उतना ही पैसा हम देते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह जितना डेटा इस्तेमाल हो, उपयोगकर्ता से उतने का ही पैसा लिया जाना चाहिए।

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  Sports

कौन है वो तूफानी गेंदबाज...जिसे केकेआर ने बनाया अपना नया 'हथियार', 150kmph की रफ्तार से उखाड़ता है स्टंप्स

who is Navdeep Saini: तेज गेंदबाज नवदीप सैनी की आईपीएल में वापसी हो गई है. 150 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले सैनी को केकेआर ने 75 लाख रुपये में साइन किया है. टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट खेल चुके सैनी के पास 32 आईपीएल मैचों का अनुभव है. केकेआर से जुड़कर भावुक हुए सैनी ने इसे अपने करियर की नई शुरुआत बताया है. सैनी को चोटिल हर्षित राणा की जगह केकेआर टीम में शामिल किया गया है. Wed, 25 Mar 2026 22:26:35 +0530

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