स्पेनिश पीएम को 'शुक्रिया' अदा करते हुए ईरान ने इजरायल पर दागीं मिसाइलें
तेहरान, 23 मार्च (आईएएनएस)। यूएस-इजरायल संघर्ष के 24वें दिन चर्चा में ईरान का वो संदेश है जो हथियारों पर लिखकर दुश्मन देश तक पहुंचाया गया। रविवार को ईरान ने इजरायल के बड़े शहरों को निशाना बनाया। जिन बैलिस्टिक मिसाइल्स का प्रयोग किया गया, वे संदेशे में लिपटी थीं। ईरानी स्टेट मीडिया ने इसकी जानकारी दी है।
तस्नीम और मेहर न्यूज एजेंसी ने कुछ पोस्टर प्रकाशित किए। इनमें से एक पर स्पेनिश पीएम पेड्रो सांचेज की तस्वीर चस्पा है। अंग्रेजी और फारसी भाषाओं में उनका बयान से नो टू वार अंकित है। अंग्रेजी में लिखा है थैंक्यू प्राइम मिनिस्टर साथ ही ये भी कि ये युद्ध न सिर्फ अमानवीय है बल्कि अवैध भी है।
मेहर न्यूज एजेंसी ने जो खबर प्रकाशित की है उसमें आईआरजीसी सैन्यकर्मी मिसाइलों पर स्टिकर लगाते देखे जा सकते हैं।
दरअसल, हाल ही में सांचेज ने कहा था कि स्पेन की नीति युद्ध के खिलाफ है। उन्होंने अमेरिका-इजरायल हमलों को गैरकानूनी और खतरनाक बताया था।
कथित तौर पर ईरान के सैनिकों ने इन मिसाइलों को लॉन्च करते समय नारे भी लगाए। इससे साफ है कि यह सिर्फ हमला नहीं, बल्कि एक तरह का संदेश देने की कोशिश भी थी कि दुनिया के कुछ मुल्क ईरान के साथ हैं, संघर्ष अमानवीय है, यूरोप इन हमलों से खुश नहीं है, और युद्ध मसले का हल नहीं है।
संघर्ष शुरू होने के बाद स्पेन ने अमेरिका को अपने ‘रोटा नेवल बेस’ और ‘मोरन एयर बेस’ का इस्तेमाल करने से मना कर दिया था। इससे नाराज होकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पेन को व्यापारिक रिश्ते खत्म करने की धमकी दी। हाल ही में ब्रसेल्स में हुए यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन में भी सांचेज ने दोहराया कि यह जंग पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए सही नहीं है।
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईएई) प्रमुख फातिह बिरोल ने इस संघर्ष को दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में कहा कि अभी का हाल बहुत खराब है। यह ऐसा है जैसे एक साथ कई तेल और गैस का संकट एक साथ चल रहा है। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो दुनिया का कोई भी देश इससे बच नहीं पाएगा। इस लड़ाई में कई तेल और गैस से जुड़े ठिकानों पर हमले हुए हैं, जिससे सप्लाई पर असर पड़ा है।
--आईएएनएस
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असम से बंगाल तक..., 5 राज्यों में चुनावी 'जंग', 17 करोड़ वोटर तय करेंगे सत्ता के 'धुरंधर' कौन?
2026 assembly election dates Assam Kerala Tamil Nadu West Bengal Puducherry: चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है. इन पांच राज्यों में कुल 824 सीटों पर मतदान होगा. यहां लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. मतदान अप्रैल में विभिन्न चरणों में होगा और सभी जगहों पर मतगणना एक साथ 4 मई को होगी.
आचार संहिता लागू है, सुरक्षा के किए जा रहे ये बंदोबस्त...
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शेड्यूल जारी किया था. इस घोषणा के साथ ही इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी. बता दें चुनाव आयोग ने सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और मतदाता सुविधा को ध्यान में रखते हुए तारीखें तय की हैं.
मतदान की प्रमुख तारीखें
- असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होंगे.
- तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल 2026 को मतदान होंगे.
- पश्चिम बंगाल में दो चरणों में पहला 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल 2026 को मतदान होंगे.
अब तक क्या हो चुका है?
चुनाव आयोग ने 16 मार्च को गजट नोटिफिकेशन जारी किया था. नामांकन की अंतिम तिथि 23 मार्च 2026 है, जबकि नामांकन जांच 24 मार्च को होगी. उम्मीदवार 26 मार्च तक नाम वापस ले सकते हैं. राजनीतिक दल अब जोर-शोर से प्रचार में जुट गए हैं. भाजपा, कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, एआईएडीएमके और वाम मोर्चा जैसे दल गठबंधन और उम्मीदवारों की लिस्ट पर मंथन कर रहे हैं.
कुल सीटें और मतदाता संख्या
- असम में कुल 126 सीटों पर मतदान होगा.
- केरल में 140 सीटों पर मतदान होगा.
- तमिलनाडु में 234 सीटों पर मतदान होगा.
- पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर मतदान होगा.
- पुडुचेरी में 30 सीटों पर मतदान होगा.
- कुल मिलाकर 2.18 लाख से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए गए हैं.
मुख्य राजनीतिक मुकाबला
ये चुनाव राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर काफी अहम माने जा रहे हैं. असम में भाजपा सत्ता बचाने की कोशिश करेगी, जबकि केरल में लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस गठबंधन के बीच त्रिकोणीय लड़ाई दिख रही है. तमिलनाडु में डीएमके बनाम एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन, पश्चिम बंगाल में टीएमसी बनाम भाजपा और पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस-बीजेपी की चुनौती होगी.
Q1: इन चुनावों में कुल कितने मतदाता हैं?
उत्तर- लगभग 17.4 करोड़ मतदाता.
Q2: मतगणना कब होगी?
उत्तर- सभी पांच जगहों पर 4 मई 2026 को एक साथ.
Q3: पश्चिम बंगाल में दो चरण क्यों?
उत्तर- सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर प्रबंधन और मतदाताओं की सुविधा के लिए. पिछले चुनाव में भी कई चरण थे, लेकिन इस बार सिर्फ दो.
Q4: नामांकन की अंतिम तारीख क्या है?
उत्तर- 23 मार्च 2026.
Q5: क्या आदर्श आचार संहिता लागू है?
उत्तर- हां, घोषणा के दिन से ही लागू हो गई है.
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