अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंचा, न्यूक्लियर रिएक्टर पर हमले से तनाव बढ़ा
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध अब खतरनाक मोड़ ले चुका है. यह हर पल घातक होता जा रहा है. एक ओर जहां अमेरिक और इजरायल मिलकर ईरान में तबाही मचा रहे हैं. वहीं ईरान भी पूरे दमखम के साथ अपने वार कर रहा है. इजरायल के शहर तेल अवीव, अराद और डिमोना पर हाल ही में घातक मिसाइलों और ड्रोन से हमले हुए हैं. यहां पर चारों ओर से सायरन की आवजें गूंज रही हैं.
ईरान मिसाइलें कहर बरपा रहीं
ईरान ने हाल ही में इजरायल के डिमोना शहर पर अटैक किया है. यहां पर उसके संवेदनशील न्यूक्लियर रिएक्टर मौजूद हैं. इसे दुनिया का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला इलाका माना जाता है. मगर यहां पर ईरान की मिसाइलें कहर बरपा रही हैं. इजरायल के आयरन डोम (Iron Dome) और एरो (Arrow) जैसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम फेल हो रहे है. वे भी इन मिसाइल हमलों को रोक नहीं पा रहे हैं. अराद और उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में रिहायशी इमारतें बुरी तरह से तबाह हो रही हैं. ड्रोन और ग्राउंड विजुअल्स में आग, मलबा और घायल लोगों की तस्वीरें सामने आई हैं.
अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तगड़ा नुकसान
ईरान का दावा है कि उसने इन हमलों में इजरायल को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है. इजरायल ही नहीं, ईरान ने खाड़ी देशों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया जैसे अड्डे पर हमला कर ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता को दर्शाने का प्रयास किया है. ईरान से डिएगो गार्सिया आइलैंड की दूरी करीब 4000 किलोमीटर है. ईरान की दोनों मिसाइलें यहां पर पहुंचने में असफल रहीं.
ईरान कमजोर होता नहीं दिखाई दे रहा
दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा कि ईरान लगातार कमजोर हो रहा है. ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म होने के कगार पर है. मगर जमीनी हालात कुछ और बयां कर रहे हैं. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान की असली ताकत उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें हैं. यह लंबी दूरी तक सीटक मार करने में सक्षम हैं. यही कारण है कि इजरायल और अमेरिका के लगातार हो रहे हमलों के बाद भी ईरान कमजोर होता नहीं दिखाई दे रहा है.
युद्ध को देश के अस्तित्व की लड़ाई बताया
इस दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध को देश के अस्तित्व की लड़ाई के तौर पर बताया है. उनके बयान के बाद इजरायल ने भी ईरान के ठिकानों पर जवाबी हमले को काफी तेज किया है. हालात बिगड़ते जा रहे हैं. न्यूक्लियर साइट्स पर हो रहे हमले ने संघर्ष को बेहद खतरनाक बना दिया है. सवाल यह है कि कहीं यह युद्ध परमाणु युद्ध में तब्दील न हो जाए. इससे महायुद्ध का खतरा बना हुआ है.
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कॉइनडीसीएक्स के सह-संस्थापक 71 लाख रुपए के क्रिप्टो फ्रॉड केस में गिरफ्तार, कंपनी ने एफआईआर को 'झूठा' बताया
मुंबई, 22 मार्च (आईएएनएस)। क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनडीसीएक्स के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल को कथित क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले के संबंध में मुंबई के एक पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तार किया गया है।
एफआईआर के अनुसार, एक व्यक्ति ने दावा किया कि क्रिप्टो घोटाले में उसके साथ 71 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई है, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया है।
पहले खबरें आई थीं कि गिरफ्तारी से पहले दोनों सह-संस्थापकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, कॉइनडीसीएक्स ने किसी भी प्रकार की गलती से इनकार किया और एफआईआर को झूठा बताते हुए कंपनी के खिलाफ एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।
कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि कथित धोखाधड़ी में कंपनी का आधिकारिक प्लेटफॉर्म शामिल नहीं था, बल्कि यह कॉइनडीसीएक्स और उसके संस्थापकों का नाम इस्तेमाल करने वाली एक फर्जी वेबसाइट के माध्यम से हुई थी।
कंपनी ने कहा, “हमारे सह-संस्थापकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर झूठी है और कॉइनडीसीएक्स के संस्थापक बनकर धोखाधड़ी करने वालों द्वारा कंपनी के खिलाफ साजिश रचने के तहत दर्ज की गई है, जिसका मकसद आम जनता को ठगना है।”
कंपनी ने आगे कहा कि उसने पहले ही उपयोगकर्ताओं को ऐसी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के बारे में चेतावनी देते हुए सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिए हैं।
कंपनी ने आगे स्पष्ट किया कि शिकायत में यह गलत दावा किया गया है कि धोखेबाजी से हासिल की गई राशि को थर्ड-पार्टी खातों में नकद में ट्रांसफर किया गया। इनका कॉइनडीसीएक्स से कोई लेनादेना नहीं है।
कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रांड की नकल और साइबर धोखाधड़ी भारत के डिजिटल फाइनेंशियल इकोसिस्टम में एक बढ़ती हुई चिंता का विषय है।
कॉइनडीसीएक्स ने कहा कि उसने अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 के बीच अपने प्लेटफॉर्म की नकल करने वाली 1,200 से अधिक फर्जी वेबसाइटों की पहचान की है और उपयोगकर्ताओं को बार-बार ऐसे घोटालों का शिकार होने से सावधान किया है।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह चल रही जांच में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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