'एसबीआई योनो' ऐप के नाम पर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा फर्जी मैसेज, डाउनलोड नहीं करें एपीके फाइल
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। एसबीआई योनो ऐप के नाम पर सोशल मीडिया पर फर्जी मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें एपीके फाइल डाउनलोड कर आधार अपटेड करने की बात कही गई है।
पीआईबी फैक्ट चैक की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई एक पोस्ट में बताया कि एसबीआई के नाम से सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि यूजर्स को अपना आधार अपडेट करने के लिए मैसेज के साथ आई एक एपीके फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करनी होगी।
साथ ही कहा गया कि यदि आधार अपडेट नहीं किया जाता है, तो एसबीआई योनो ऐप ब्लॉक हो जाएगा।
पीआईबी फैक्ट चैक ने बताया कि यह दावा पूरी तरह से फर्जी है। एसबीआई ने इस तरह का कोई आधिकारिक मैसेज जारी नहीं किया है।
साथ ही, यूजर्स से इस तरह की एपीके फाइल डाउनलोड न करने का आग्रह किया और कहा कि कोई भी निजी जानकारी जैसे बैकिंग या आधार डिटेल्स इन फाइलों में दर्ज न करें।
इसके अलावा, इस तरह का मैसेज मिलने पर उसे जरूरी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डॉट फिशिंग एटदरेट एसबीआई डॉट को डॉट इन पर रिपोर्ट करने का आग्रह किया।
यह घटना बैंकिंग ग्राहकों को निशाना बनाने वाले फिशिंग हमलों के बढ़ते चलन को उजागर करती है, खासकर व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से।
बैंक हमेशा लोगों से ऐसे मैसेज से सतर्क रहने का आग्रह करते हैं क्योंकि इस तरह से जालसाज अकसर खाताधारक के डर का फायदा उठाकर संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते हैं और कई बार खाते से सारे पैसे निकाल लेते हैं।
इसके अतिरिक्त, सरकारी एजेंसी ने डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते चलन और योनो जैसे ऐप्स के व्यापक उपयोग के साथ, यूजर्स को अवांछित संदेशों के प्रति सतर्क रहने और केवल आधिकारिक चैनलों से सत्यापित अपडेट पर ही भरोसा करने की सलाह दी।
--आईएएनएस
एबीएस/
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Punjab: वित्त मंत्री चीमा का दावा, ओ.टी.एस. स्कीम के तहत पुराने वैट बकाये पर राहत, मुकदमेबाजी घटेगी और राजस्व होगा मजबूत
पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि वैट बकाये के लिए एकमुश्त निपटान (ओ.टी.एस.) स्कीम को भारी समर्थन मिला है, जिसके तहत लगभग 298.39 करोड़ रुपये के बकाये वाली 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 111.16 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है. पुराने टैक्स बोझ को समाप्त करने के साथ-साथ राजस्व को बढ़ावा देने के लिए इसे एक निर्णायक कदम बताते हुए वित्त मंत्री ने चेतावनी दी कि इस राहत की समय सीमा 31 मार्च तक है, जिसके बाद सरकार सख्त वसूली मोड में आ जाएगी और इस कार्रवाई के लिए लगभग 8,000 संपत्तियों की पहले ही पहचान की जा चुकी है.
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “इस स्कीम से अब तक कुल 111.16 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो चुकी है. लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ डिवीजनों की सक्रिय भागीदारी सराहनीय है. इन प्रमुख जिलों से मिला मजबूत समर्थन स्कीम के बड़े वित्तीय लाभों के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है.”
स्कीम के तहत दी गई अभूतपूर्व राहत
एक जोरदार अपील करते हुए उन्होंने कहा, “चूंकि यह स्कीम 31 मार्च, 2026 को अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है, इसलिए सभी पात्र करदाताओं को आगे आना चाहिए और राज्य के विकास में अपना योगदान देना चाहिए. कारोबारियों को ओ.टी.एस. विंडो बंद होने से पहले लंबित वैट बकाये का निपटान कर राज्य के टैक्स ढांचे से सहज रूप से जुड़ने के इस अंतिम अवसर को नहीं गंवाना चाहिए. इस स्कीम के तहत दी गई अभूतपूर्व राहत और बड़ी छूट पूरी तरह समयबद्ध है.”
करदाताओं को इस अंतिम अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए वित्त मंत्री ने चेतावनी दी, “समय सीमा समाप्त होने के बाद राज्य सरकार का मौजूदा रियायती रुख स्वाभाविक रूप से सख्त कानूनी अनुपालन और बिना समझौते वाली वसूली प्रक्रिया में बदल जाएगा, जिससे बकाया मामलों को बिना किसी छूट के सामान्य कानूनी जांच के दायरे में लाया जाएगा.”
8,000 संपत्तियों की पहले ही पहचान की जा चुकी
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि 31 मार्च 2026 के बाद जिन मामलों में बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है, उनमें कानून के प्रावधानों के अनुसार वसूली की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि तैयारी के तहत, जहां भी आवश्यक हो, कार्रवाई के लिए लगभग 8,000 संपत्तियों की पहले ही पहचान की जा चुकी है.
इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य पर जोर देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “ओ.टी.एस. स्कीम को मिला भरपूर समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों में करदाताओं के विश्वास को दर्शाता है. इस पहल का उद्देश्य राहत प्रदान करना, मुकदमेबाजी को कम करना और राज्य की राजस्व प्रणाली को मजबूत करना है.” उन्होंने आगे बताया कि सरकार द्वारा यह स्कीम विशेष रूप से पुराने वैट देनदारियों के ब्याज और जुर्माने में भारी छूट देकर निपटान का सुनहरा अवसर देने के लिए बनाई गई है, ताकि कारोबारियों को साफ-सुथरे वित्तीय खातों के साथ नई शुरुआत करने में सक्षम बनाया जा सके.
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