'PSL की पॉपुलैरिटी खत्म, इंडियन फ्रेंचाइजी ने जानबूझकर किया ऐसा...' इंग्लैंड के दिग्गज ने भारत को बनाया विलेन
IPL vs PSL : पाकिस्तान और भारत के बीच जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. ये जंग भारत और पाकिस्तान के बीच खेल के मैदान पर हो रही है. भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को पहले एशिया कप में धोया और फिर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पीट डाला. अब आईपीएल भी पाकिस्तान पर प्रहार करने का एक माध्यम बनकर सामने आ रहा है. अब नया मामला इन दोनों देशों के बीच क्या है, आइए आज इसके बारे में जानते हैं.
दरअसल पाकिस्तान में 26 मार्च से पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) शुरू होने वाला है. ये पाकिस्तान की टी20 क्रिकेट लीग है. इसके साथ ही भारत में इंडियन प्रीमियर लगी (IPL) की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है. ऐसे में आईपीएल में कई खिलाड़ी चोटिल हो गए हैं. उनकी जगह पर सभी आईपीएल फ्रेंचाइजी नए खिलाड़ियों की तलाश कर रही हैं.
पीएसएल छोड़कर आईपीएल को चुन रहे खिलाड़ी
उनकी ये तलाश अब पाकिस्तान से पूरी हो रही है. पाकिस्तान सुपर लीग में खेलने वाले खिलाड़ी वहां से अपना नाम निजी कारणों के चलते वापस ले रहे हैं. इसके बाद वो पीएसएल को छोड़कर आईपीएल 2026 का दामन थाम रहे हैं. ऐसा ताजा उदाहरण श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका का है, जो पीएसएल छोड़कर अब आईपीएल खेलेंगे.
शनाका ने पीएसएल छोड़ थामा आईपीएल का हाथ
पीएसएल 2026 के लिए दासुन शनाका को ऑक्शन में लाहौर कलंदर्स ने PKR 2.2 करोड़ में खरीदा था. उन्होंने पीएसएल से अपना नाम वापस ले लिया है. अब वो आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए इंग्लैडं के ऑलराउंडर सेम कुरेन की जगह लेंगे. इस पर आधिकारिक मुहर लगाना अभी बाकी है.
???? CONFIRMED ????
— Cricbuzz (@cricbuzz) March 22, 2026
Dasun Shanaka signed by Rajasthan Royals as replacement for injured Sam Curran ahead of #IPL2026.
Shanaka, unsold at the mini-auction, was part of Lahore Qalandars' PSL squad. pic.twitter.com/eFaQtJTwt0
इससे पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी भी पीएसएल छोड़कर आईपीएल खेलने के लिए आ चुके हैं. वो कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलेंगे. आईपीएल में खेलने के लिए अभी कुछ और खिलाड़ी भी पीएसएल छोड़कर आ सकते हैं. इस सबके बीच इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और क्रिकेटर नासिर हुसैन ने इस पूरे मामले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने भारत को पाकिस्तान का विलेन बना डाला है.
नारिस ने भारत को बनाया पाकिस्तान के सामने विलेन
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने कहा, 'अगर ऐसा होता रहा, तो पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की पॉपुलैरिटी बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी. मुझे लगता है कि इंडियन फ्रेंचाइजी जानबूझकर ऐसा कर रही हैं. क्योंकि जब उन्हें पहले से पता है कि वो विदेशी खिलाड़ी पीएसएल में खेल रहे हैं, तो वो उन्हें इंडिया में खेलने के लिए तभी क्यों अप्रोच करते हैं जब उनका कोई खिलाड़ी घायल हो जाता है? वो जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं ताकि इंडिया में कोई पीएसएल न देखे और पाकिस्तान सुपर लीग आखिर में बंद हो जाए'.
???? MASSIVE STATEMENT NASSER HUSSAIN ON FOREIGN PLAYERS CHOOSE IPL OVER PSL ????
— lndian Sports Netwrk (@IS_Netwrk29) March 22, 2026
Nasser Hussain Said ????️
"If this keeps happening, the PSL’s popularity will end very quickly. I think the Indian franchises are doing this intentionally. Because when they already know those foreign… pic.twitter.com/TOVn80ZWwl
कब हुई थी पीएसएल की शुरुआत
पाकिस्तान सुपर लीग की शुरुआत साल 2016 में हुई थी. तब से अब तक पीएसएल में दुनिया भर के खिलाड़ी खेलते हैं. इसमें भारत शामिल नहीं हैं. जबकि इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत साल 2008 में हुई थी. आईपीएल के पहले सीजन में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया था, लेकिन इसके बाद पाकिस्तानी आतंकवादियों के द्वारा लगातार भारत पर हुए हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ी के आईपीएल में खेलने पर बैन लगा दिया गया.
तब से पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी आईपीएल में नहीं खेलता है. अब आईपीएल से बांग्लादेश के खिलाड़ियों को भी बैन कर दिया गया है. इस बार आईपीएल 2026 से मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स ने बीसीसीआई के आदेश के बाद बाहर कर दिया था. जबकि पाकिस्तान सुपर लीग में इस बार अफगानिस्तान के खिलाड़ी खेलते हुए नजर नहीं आएंगे. उन्होंने पीएसएल का बॉयकॉट कर दिया है.
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भारत में यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत पर रूस का बड़ा बयान, दूतावास की भूमिका पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। भारत की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 13 मार्च को नई दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया था। छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी मामले पर रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, ये लोग म्यांमार सीमा पार कर मिजोरम में दाखिल हुए थे और स्थानीय हथियारबंद जातीय समूहों के साथ संपर्क बनाए, ताकि उन्हें ईयू में बने ड्रोन सप्लाई किए जा सकें और उन्हें ड्रोन असेंबल-रिपेयर करने और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर करने की ट्रेनिंग दी जा सके। भारतीय मीडिया ने एनआईए के हवाले से कहा कि ये हथियारबंद समूहों ने उत्तर-पूर्वी भारत में विद्रोहियों के साथ संबंध बनाए हुए हैं।
भारत में यूक्रेनी दूतावास को घेरते हुए उन्होंने कहा, भारत में यूक्रेनी दूतावास की प्रतिक्रिया काफी हैरान करने वाली थी, क्योंकिउसने इस घटना को छिपाने और अपने नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियों को, जो साफ तौर पर इलाके में हालात को अस्थिर करने के लिए बनाई गई थीं, छिपाने की कोशिश की। यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों द्वारा भारत के काउंटर-टेररिज्म कानून के उल्लंघन पर चुप रहना चुना और बिना समय बर्बाद किए “कुछ भारतीय और रूसी न्यूज एजेंसियों” पर जानबूझकर तथ्यों को गलत साबित करने का आरोप लगाया।
यूक्रेनी राष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना से साफ पता चलता है कि जेलेंस्की का शासन दुनियाभर में अस्थिरता का मुख्य निर्यातक है। रूस ने नाटो और ईयू द्वारा यूक्रेन के बड़े पैमाने पर मिलिट्रीकरण से जुड़े खतरों के बारे में बार-बार चेतावनी दी है। उसे सप्लाई किए गए हथियारों का ठीक से हिसाब नहीं है और वे कहीं भी सामने आ सकते हैं। आज, कीव ग्लोबल ब्लैक मार्केट में हथियारों और मिलिट्री टेक्नोलॉजी का एक बड़ा सप्लायर है, जिसमें लैटिन अमेरिकी ड्रग कार्टेल को मिलिट्री प्रोडक्ट सप्लाई करना और अफ्रीका में आतंकवादियों को ट्रेनिंग देना शामिल है। पश्चिमी देशों का बनाया यूक्रेनी जाल मिडिल ईस्ट, साउथ एशिया और साउथईस्ट एशिया में क्षेत्रीय झगड़ों तक पहुंच रहा है।
मारिया जखारोवा ने कहा, कुछ ही दिन पहले जेलेंस्की ने खुलेआम कहा था कि कई सौ यूक्रेनी लड़ाकों को फारस की खाड़ी इलाके में चल रहे झगड़े में हिस्सा लेने के लिए इंस्ट्रक्टर और अनमैन्ड एरियल व्हीकल इस्तेमाल करने में माहिर एक्सपर्ट्स के तौर पर तैनात किया गया है। बेशक, यूक्रेन के सैन्य टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट पर इंटरनेशनल निगरानी लागू करने का सवाल ही नहीं उठता।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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