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ये हैं श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-5 गेंदबाज, नंबर-2 के नाम से तो खौफ खाते थे बल्लेबाज

IND VS SL: भारतीय क्रिकेट टीम इस वक्त श्रीलंका दौरे पर है. दोनों टीमों के बीच 15 अगस्त से 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाने वाली है. इससे पहले भारतीय टीम श्रीलंका इलेवन के साथ वॉर्म-अप मैच खेल रही है. ये बात जगजाहिर है कि एक टेस्ट मैच गेंदबाज ही जिताता है. तो क्या आपको मालूम है कि श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज कौन से हैं? अगर नहीं, तो कोई बात नहीं, क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको टॉप-5 गेंदबाजों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं.

श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-5 भारतीय गेंदबाज

5- ईशांत शर्मा

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट में पांचवें स्थान पर इशांत शर्मा का नाम आता है. इशांत ने 2008 से 2017 के बीच 12 मुकाबले खेले, जिसकी 22 पारियों में उन्होंने 29.80 के औसत से 35 विकेट चटकाए हैं. उन्होंने 1 बार फाइव विकेट हॉल लिया है. ईशांत ने 362 ओवर्स गेंदबाजी की, जिसमें 66 मेडेन ओवर्स फेंके.

4- कपिल देव

श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की लिस्ट में चौथे नंबर पर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर खिलाड़ी कपिल देव का नाम आता है. कपिल देव ने 1982 से 1994 के बीच 26.55 के औसत से 45 विकेट झटके हैं. उन्होंने 2 बार फोर विकेट हॉल लिया और 1 बार फाइव विकेट हॉल भी लिया. कपिल देव ने 452.3 ओवर्स फेंके, जिसमें 128 मेडेन ओवर्स फेंके.

3- हरभजन सिंह

इस लिस्ट में नंबर-3 पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह का नाम आता है. भज्जी ने 1999 से 2015 के बीच श्रीलंका के खिलाफ 16 टेस्ट मैच खेले, जिसकी 26 पारियों में उन्होंने 39.77 के औसत से 53 विकेट चटकाए. इस दौरान हरभजन सिंह ने 2 बार फोर विकेट हॉल और 2 बार फाइव विकेट हॉल लिया. उन्होंने 2 बार 10 विकेट लेने का कारनामा किया. भज्जी ने श्रीलंका के खिलाफ 664.2 ओवर्स गेंदबाजी की, जिसमें 96 मेडेन ओवर्स फेंके.

2- रविचंद्रन अश्विन

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रविचंद्रन अश्विन का नाम आता है. अश्विन ने लंकाई टीम के खिलाफ 2015 से 2022 के बीच 11 टेस्ट मैच खेले, जिसकी 21 पारियों में उन्होंने 21.93 के औसत से 62 विकेट चटकाए. उन्होंने इस दौरान 7 फोर विकेट हॉल, 3 फाइव विकेट हॉल लिए और एक बार 10 विकेट लेने का कारनामा किया. अश्विन 453.4 ओवर में 87 मेडेन ओवर्स फेंके.

1-अनिल कुंबले

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड पूर्व भारतीय दिग्गज अनिल कुंबले के नाम पर दर्ज है. कुंबले ने श्रीलंका के खिलाफ 1993 से 2008 तक 18 टेस्ट मैच खेले, जिसकी 28 पारियों में उन्होंने 31.20 के औसत से 74 विकेट लिए. इस दौरान कुंबे की इकोनॉमी 2.67 की रही. उन्होंने 3 बार फोर विकेट हॉल और 4 बार फाइव विकेट हॉल लिया और 2 बार 10 विकेट लेने का कारनामा किया. कुंबले ने अपने करियर में श्रीलंका के खिलाफ 862.1 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 193 मेडन ओवर्स फेंके.

श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज

रैंक गेंदबाज मैच पारी विकेट औसत 4 विकेट 5 विकेट मैच में 10 विकेट
1 अनिल कुंबले 18 28 74 31.20 3 4 2
2 रविचंद्रन अश्विन 11 21 62 21.93 7 3 1
3 हरभजन सिंह 16 26 53 39.77 2 2 2
4 कपिल देव 17 31 45 26.55 2 1 0
5 ईशांत शर्मा 12 22 35 29.80 0 1 0

ये भी पढ़ें: श्रीलंका में खुली भारतीय गेंदबाजों की पोल, विकेट के लिए तरसे, फिर केएल राहुल ने ऐसे दिलाई पहली सफलता

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केवल हथकरघा दिवस नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता आंदोलन का भी ऐतिहासिक दिन: CM योगी

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जहां स्वदेशी, हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा देने को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है. सीएम योगी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश में विकास नहीं, बल्कि वोटबैंक और परिवारवाद की राजनीति होती थी.  

स्वतंत्रता के संकल्प को मजबूत किया

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "बबुआ" देर से उठते थे, शाम तक महफिल सजती थी, ऐसे में प्रदेश के विकास की चिंता कैसे होती. लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 7 अगस्त केवल हथकरघा दिवस ही नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता आंदोलन का भी ऐतिहासिक दिन है. वर्ष 1905 में इसी दिन स्वदेशी आंदोलन ने देश की आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी थी. स्वदेशी ने उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे भारत को एक सूत्र में बांधकर स्वतंत्रता के संकल्प को मजबूत किया. 

विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई गई

सीएम योगी ने कहा कि हथकरघा प्रदेश की समृद्ध विरासत है. प्रदेश में लगभग ढाई लाख परिवार सीधे हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं और पावरलूम को जोड़ लिया जाए तो करीब 30 लाख लोगों की आजीविका इस क्षेत्र पर निर्भर है. उन्होंने बताया कि सरकार ने हस्तशिल्पियों और बुनकरों के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. पिछले वर्ष 40 हजार हस्तशिल्पियों को 109 करोड़ रुपये की विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई गई. 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले भदोही का कालीन उद्योग लगभग मृतप्राय हो चुका था, लेकिन आज वहीं के कालीन वैश्विक बाजार में करोड़ों रुपये का निर्यात कर रहे हैं. नई संसद के लिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भदोही के कालीन को प्राथमिकता देने की बात कही थी. सरकार का प्रयास है कि देश का पैसा देश के कारीगरों पर खर्च हो, जिससे उनके जीवन में समृद्धि आए. 

प्रदेश के बारे में सोचने का समय कहां

अपने संबोधन में सीएम योगी ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा, "कुछ लोगों के साथ कुछ शब्द जीवनभर जुड़े रहते हैं. कुछ लोग जीवनभर 'बबुआ' ही बने रहते हैं. 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे, 5 बजे जिम जाते थे और 7 बजे महफिल सज जाती थी. फिर प्रदेश के बारे में सोचने का समय कहां था." 

उन्होंने कहा कि इसी कारण पहले प्रदेश दंगों, लंबे कर्फ्यू, इंसेफेलाइटिस और डेंगू जैसी समस्याओं से जूझता था. सरकारी स्कूलों की स्थिति बदहाल थी, न पेयजल की व्यवस्था थी और न ही शौचालय. आज स्कूलों में बच्चों को बैग, पुस्तकें और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं और प्रधानमंत्री के 'निपुण भारत' अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. 

विकास के बजाय वोट बैंक की राजनीति होती थी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बिजली, सड़क और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी. व्यापारी और बेटियां सुरक्षित नहीं थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय विकास के बजाय वोट बैंक की राजनीति होती थी, जिसका सबसे अधिक नुकसान गरीबों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को उठाना पड़ा. उन्होंने कहा कि हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र में करीब 70 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं और सुरक्षित तथा बेहतर माहौल मिलने से उन्हें भी व्यापक लाभ मिला है.

 

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