'हेल्दी फूड' के नाम पर बाजार में बेची जा रही ये पांच चीजें है हानिकारक; लंबे समय तक सेवन कर सकता है बीमार
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। आज की जीवनशैली ऐसी है कि खुद के लिए ताजा और संतुलित आहार बना पाना भी मुश्किल है, और यही कारण है कि लोग घर की तुलना में बाहर के खाने पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गए हैं।
बाजार में हेल्दी बताकर कई खाने के उत्पाद बेचे जाते हैं, जिनमें नकली फ्लेवर और चीनी न होने का दावा किया जाता है, लेकिन यह सिर्फ हमारी गलतफहमी है। बाजार में मिलने वाले कथित हेल्दी फूड सेहत के लिए अच्छे हो, यह जरूरी नहीं। आज हम उन हेल्दी फूड्स के बारे में जानेंगे, जो हमारी सेहत को खराब कर रहे हैं।
पहले नंबर पर है फ्रूट जूस। यहां डिब्बाबंद और फलों की दुकान पर मिलने वाले दोनों तरह के जूस की बात हो रही है। डिब्बाबंद जूस को हेल्दी बताकर बेचा जाता है, लेकिन उसमें कलर और चीनी भी मिली होती है। वहीं दुकान पर मिलने वाले जूस में फाइबर नहीं होता है।
दूसरे नंबर पर हैं तुरंत बन जाने वाले ओट्स। इंस्टेंट ओट्स को भी काफी ज्यादा प्रोसेस किया जाता है, जिसमें चीनी और कलर दोनों मिला होता है। इसमें भरपूर मात्रा में फ्लेवर भी मिलाया जाता है। कोशिश करें कि स्टील-कट ओट्स का सेवन करें क्योंकि ये पौष्टिकता से भरे होते हैं।
तीसरे नंबर पर है ब्राउन ब्रेड। बाजारों में ब्राउन ब्रेड को आटा या मल्टीग्रेन बताकर बेचा जाता है, लेकिन यह झूठ है। इसमें आटे का इस्तेमाल बहुत ही कम होता है और अधिकतर भाग मैदा से ही बना होता है। ऐसे में किसी भी तरह के ब्राउन ब्रेड के सेवन से बचें।
चौथे नंबर पर है फ्लेवर्ड दही या लस्सी। बाजारों में पैक्ड फ्लेवर्ड दही या लस्सी आसानी से मिल जाती है, जिसे हम बिना किसी हिचक के पी लेते हैं क्योंकि है तो लस्सी ही! लेकिन फ्लेवर्ड दही या लस्सी में कई तरह के फ्लेवर और केमिकल मिलाए जाते हैं और इसमें शुगर भी अधिक मात्रा में होता है।
पांचवें नंबर पर हैं शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स। आज के समय में सभी चीनी से परहेज तो करना चाहते हैं लेकिन मीठा खाना छोड़ नहीं पाते और शुगर-फ्री के नाम पर कुछ भी खा लेते हैं, लेकिन शुगर-फ्री जैसी कोई चीज नहीं होती है। हमारा शरीर प्राकृतिक गुड़ और शहर को भी शुगर की तरह ही लेता है और पैक्ड प्रोडक्ट्स में रिफाइंड शुगर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका लंबा इस्तेमाल शरीर को बीमार कर सकता है।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
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Kushmanda Mata Chalisa: नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा, जरूर पढ़ें माता इस चालीसा का पाठ, होगी हर मनोकामनाएं पूरी
Kushmanda Mata Chalisa Lyrics: आज यानी 22 मार्च 2026 को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है. मा कुष्मांडा की चालीसा का पाठ करने से साधक को न केवल स्वास्थ्य और संपत्ति की प्राप्ति होती है, बल्कि यह मानसिक शांति और सुख का भी स्रोत है. मां कुष्मांडा के सौम्य और हंसमुख स्वरूप को देखकर उनके भक्तों का मन प्रसन्न और स्थिर होता है. माना जाता है कि उनके मुस्कान (कुशमंड) से सृष्टि का निर्माण हुआ, और इसी कारण उनका ध्यान और पाठ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है. इस चालीसा का नियमित पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, संकट दूर होते हैं और जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है. श्रद्धा और भक्ति से किए गए पाठ से माता की विशेष कृपा हमेशा प्राप्त होती है. चलिए पढ़ते हैं मां कुष्मांडा की चालीसा का पाठ.
माता कुष्मांडा चालीसा (Maa Kushmanda Chalisa Lyrics In Hindi)
॥दोहा॥
माता कुष्मांडा की जय, करुणा की सागर।
सुख-सम्पत्ति देने वाली, जय माँ, जय अंबर॥
॥चालीसा॥
जयति जयति जगत की माता।
कुष्मांडा देवी सुखदायी भ्राता॥
शुम्भ-निशुम्भ हरणी माता।
भक्तों की विपदा हरणी भ्राता॥
कुश (कुमार) मंद हर्ष से भरी।
चारों ओर कृपा की झरी॥
हंस पर सवार हे माता।
कृपा का अविरल बहाता॥
कुम्भ करों में जल से भरे।
धन-धान्य से भरे सारे घर॥
आभा से दीप्त हे माता।
भक्तों के संकट मिटाता॥
चतुर्थी तिथि शुभ कहलाती।
व्रत रखने से सब सफल होती॥
मंत्र का जप करों हे प्यारे।
जीवन सुखी हो जाए सारे॥
अंत में सुन लो अरज हमारी।
जीवन सवारे भवसागर से॥
जय माता कुष्मांडा भवानी।
कृपा करो हे जगत की रानी॥
॥ इति श्री कुष्मांडा चालीसा सम्पूर्ण ॥
माता कुष्मांडा की चालीसा का लाभ
आर्थिक और व्यावसायिक समृद्धि: कुष्मांडा चालीसा के पाठ से व्यापार, नौकरी और निवेश में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और धन की प्राप्ति होती है.
स्वास्थ्य और रोग मुक्ति: माता की कृपा से शारीरिक रोगों से छुटकारा मिलता है और स्वास्थ्य उत्तम रहता है.
मानसिक शांति और भय से मुक्ति: तनाव, चिंता और डर से ग्रसित लोगों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.
कठिन कार्यों में सफलता: अटके हुए या कठिन कार्य माता के आशीर्वाद से पूरे होते हैं.
परिवारिक सुख: परिवार में सुख, प्रेम और शांति का माहौल बना रहता है.
रक्षा कवच: यह चालीसा नकारात्मक शक्तियों, तंत्र-मंत्र और बुरी नजर से रक्षा करती है.
पूजा विधि
नवरात्रि के चौथे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें.
मां कुष्मांडा की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं.
उन्हें फूल, फल और कद्दू (कुम्हड़ा) का भोग लगाएं.
इसके बाद श्रद्धा के साथ चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें.
पूजा करते समय मन को शांत रखें और मां का ध्यान करें.
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