FIFA वर्ल्ड कप से जुड़ा नीट पेपर लीक मामला, मिनटों में वायरल हुए थे सवाल-जवाब
NEET UG Paper Leak CBI Chargesheet: नीट यूजी पेपर लीक में सीबीआई की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, हैरान करने वाली सच्चाइयां सामने आ रही हैं. टेलीग्राम ग्रुप्स, WhatsApp पर डिजिटल फाइल्स और 'FIFA वर्ल्ड कप' नाम से सीक्रेट बैच का खुलासा हुआ है. जानिए लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की यह पूरी साजिश कैसे रची गई.
H1N1 Cases in Delhi: राजधानी में तेजी से पैर पसार रहा स्वाइन फ्लू! क्या है यह वायरस, जानें इसके लक्षण व बचाव
H1N1 Cases in Delhi: जैसे-जैसे दिल्ली में मानसून की एंट्री हो रही है, वैसे-वैसे बीमारियों का भी खतरा बढ़ रहा है. बारिश के इस मौसम में राज्य में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो राजधानी में अब तक 2 मरीजों की इस फ्लू से मौत हो चुकी है. ऐसे में दिल्ली का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. मगर दिल्ली सरकार की ओर से किसी भी मरीज की मौत की पुष्टी नहीं हुई है. हेल्थ मिनिस्टर डॉक्टर पंकज सिंह ने कहा कि बारिश का मौसम शुरू होते ही सरकार एक्टिव मोड पर काम करने लगी है. सरकारी अस्पतालों को भी मरीजो के लिए तैयार किया गया है. ज्यादा बैड्स भी लगाए गए हैं. डेंगु के लक्षण लेकर आने वाले सभी मरीजों को त्वरित जांच और इलाज उपलब्ध करवाया जाएगा. मेडिकल स्टाफ पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही है. हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं है जब स्वाइन फ्लू दिल्ली में फैला हो, पहले भी कई बार राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू फैल चुका है. ऐसे में आपको इस बीमारी के बारे में जरूर जानना चाहिए.
क्या है स्वाइन फ्लू? (What is Swine Flu)
स्वाइन फ्लू यानी कि H1N1 वायरस. यह एक संक्रामक बीमारी है, जो फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ी हुई है. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पहले यह बीमारी सूअरों में पाई जाती थीं लेकिन अब इंसानों में भी इसके मिलते-जुलते वायरस पाए जाने लगे. इंसानों के बीच अब यह वायरस कॉमन है. इतना ही नहीं यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में तुरंत और बहुत आसानी से फैल जाती है.
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2009 में इसे महामारी घोषित किया गया
क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के अनुसार, h1n1 वायरस को अप्रैल वर्ष 2009 में शोधकर्ताओं ने H1N1 के एक नए प्रकार की खोज की थी. उन्होंने इसे सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में पाया था. यह वायरस अमेरिका और दुनिया भर में तेजी से फैल गया था. डॉक्टरों का कहना है कि युवाओं का शरीर अब भी इस वायरस को इम्यून नहीं हुआ है. इसलिए, इस वायरस को महामारी घोषित किया गया था.
स्वाइन फ्लू के लक्षण (Symptoms of Swine Flu)
- बुखार
- मांसपेशियों में दर्द
- ठंड लगना और पसीना आना
- खांसी होना
- गले में खराश
- बंद नाक
- नाक बहना
- आंखों में दर्द
- पूरे शरीर में दर्द
- आंखों से पानी आना और लाल होना
- थकान और कमजोरी
- दस्त
डॉक्टर को कब दिखाएं?
आमतौर पर लोग दवाएं लेने और आराम करने से ठीक हो जाते हैं लेकिन कई बार मरीज की स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है जिस वजह से डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी हो जाता है. यदि ऐसे लक्षण दिखे तो तुरंत मेडिकल हेल्प लेने की जरूरत है.
- सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना
- सीने में दर्द
- शरीर में पानी की कमी होना
- पेशाब न आना
- चक्कर आना
- दौरे पड़ना
- पहले से मौजूद बीमारियों का बढ़ जाना
- बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करना
- मांसपेशियों में दर्द होना
कैसे फैलता है h1n1 वायरस?
स्वाइन फ्लू में आपकी नाक, गले और लंग्स की अंदरुनी परत वाली सेल्स संक्रमित होने लगती हैं. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या फिर झूठा खाने से फैल सकता है. यदि एक संक्रमित व्यक्ति छींकता है तो हवा में उसकी बूंदे रह जाती है. ये दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकती है और सांसों के जरिए शरीर के अंदर वायरस प्रवेश कर जाता है. किसी संक्रमित मरीज ने कोई टेबल, बॉटल आदि जैसी चीजें छूई हैं तो उसकी सतह से भी संक्रमण हो सकता है.
कैसे करें इस वायरस से बचाव?
- फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
- संक्रमित क्षेत्रों में जाने से बचे.
- घर से बाहर मास्क का प्रयोग जरूर करें.
- अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ करने के बाद भोजन करें.
- सेनिटाइजर साथ रखें.
- इंफेक्शन से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाएं
- संक्रमितों के संपर्क में न आएं.
Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
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