Mulank Rashifal (22 मार्च 2026): जानें 1 से 9 तक के मूलांक के लिए कैसा रहेगा रविवार का दिन
22 March ka Ank Rashifal: आज 22 मार्च है और दिन रविवार। आज की तारीख के पूरे अंकों 22/03/2026, 2+2+0+3+2+0+2+6 =17 को मिलाकर जोड़ें, तो जो अंक बन रहा है, वह 17 है, जिसका जोड़ 8(1+7=8) बनता है। अंकशास्त्र संख्या 8 के स्वामी शनि हैं। इसी अंक के आधार पर आज का राशिफल बनाया गया है। इसे आप मूलांक के अनुसार ही देखें। इसे भाग्यांक भी कहा जाता है।
मूलांक 1 से 9 तक होते हैं और हर मूलांक का अपना अलग महत्व होता है। यह हमारे स्वभाव, प्रकृति, गुण, दोष आदि के बारे में बताता है। इसके जरिए आप अपने बारे में काफी कुछ जान सकते हैं। यहां जानिए मां शारदा पीठ के ज्योतिषाचार्य डॉ. मनीष गौतम जी से 1 से 9 मूलांक का रविवार यानी 22 मार्च का अंक राशिफल।
मूलांक 1
आज आपके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने का दिन है। नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। हालांकि, अहंकार से बचना आवश्यक है। यदि वे टीमवर्क पर ध्यान देंगे तो सफलता निश्चित है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
मूलांक 2
मूलांक 2 के लोग भावुक और संवेदनशील होते हैं। इस दिन उनके मन में उतार-चढ़ाव रह सकता है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। यह दिन रचनात्मक कार्यों के लिए अच्छा है, जैसे लेखन या कला। ध्यान और योग से मानसिक शांति प्राप्त होगी।
मूलांक 3
मूलांक 3 वाले लोगों के लिए यह दिन ज्ञान और विस्तार का प्रतीक है। शिक्षा, अध्यापन और आध्यात्मिक कार्यों में प्रगति हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें, लेकिन निवेश के नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में सम्मान बढ़ेगा।
मूलांक 4
आज का दिन मूलांक 4 वालों के लिए विशेष महत्वपूर्ण रहेगा। यह दिन मेहनत और अनुशासन का फल देने वाला होगा। अचानक परिवर्तन संभव है, लेकिन ये परिवर्तन भविष्य के लिए लाभदायक होंगे। धैर्य बनाए रखना जरूरी है।
मूलांक 5
मूलांक 5 वाले लोग चंचल और बुद्धिमान होते हैं। इस दिन उनके लिए संचार और यात्रा से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। नए लोगों से मुलाकात लाभदायक होगी। हालांकि जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। आर्थिक लाभ के संकेत हैं।
मूलांक 6
आपके लिए आज का दिन प्रेम और सौंदर्य का रहेगा। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। कला, फैशन और मनोरंजन से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें, विशेषकर खान-पान पर नियंत्रण रखें।
मूलांक 7
आज के दिन आप आत्मचिंतन में अधिक समय बिता सकते हैं। ध्यान, साधना और शोध कार्यों में सफलता मिलेगी। अकेलापन महसूस हो सकता है, लेकिन यह आत्मविकास के लिए उपयोगी होगा।
मूलांक 8
मूलांक 8 वालों के लिए यह दिन कर्म और न्याय का संकेत देता है। मेहनत का फल मिलने में समय लग सकता है, लेकिन निराश होने की आवश्यकता नहीं है। वित्तीय मामलों में सावधानी रखें। यह दिन धैर्य और संयम का परीक्षण करेगा।
मूलांक 9
मूलांक 9 वाले लोग ऊर्जा और साहस से भरे रहेंगे। आज के दिन उनके लिए जोश और उत्साह बना रहेगा। खेल, सेना या प्रशासन से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। क्रोध पर नियंत्रण रखना आवश्यक है, अन्यथा विवाद हो सकता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. मनीष गौतम जी महाराज
ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, हस्तरेखा और रत्न एवं कुंडली विशेषज्ञ।
Email: manishgautam0703@gmail.com
दूरभाष 7982530452
Chaitra Navratri 2026 Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की कैसे करें पूजा, जानें सही विधि
Chaitra Navratri 2026 Day 4: चैत्र नवरात्रि 2026 का चौथा दिन, 22 मार्च देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा को सृष्टि की आदि शक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने अपनी दिव्य मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की, इसलिए उन्हें सृजन की देवी भी कहा जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर साधक को स्वास्थ्य, समृद्धि और ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
कैसा है मां कुष्मांडा का स्वरूप
मां कुष्मांडा का रूप अत्यंत शांत, सौम्य और तेजस्वी माना जाता है। वे सिंह पर विराजमान रहती हैं और उनकी आठ भुजाएं हैं। इन आठ हाथों में वे कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत से भरा कलश, चक्र, गदा और जपमाला धारण करती हैं। जपमाला को सभी सिद्धियों और निधियों का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि मां कुष्मांडा का निवास सूर्य मंडल के मध्य में है और वही ब्रह्मांड की ऊर्जा को संचालित करती हैं।
मां कुष्मांडा का महत्व
धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि सृष्टि के आरंभ में जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कुष्मांडा ने ही प्रकाश और जीवन का संचार किया। उनकी उपासना करने से जीवन के कष्ट, रोग और मानसिक तनाव दूर होते हैं। भक्तों को दीर्घायु, यश और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है। नवरात्रि के इस दिन साधना करने से आत्मबल में वृद्धि होती है।
पूजन सामग्री
मां कुष्मांडा की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री में कलावा, कुमकुम, अक्षत, घी, धूप, चंदन, तिल, पीले वस्त्र, पीले रंग की चूड़ियां और पीले रंग से बनी मिठाई शामिल होती हैं। पीला रंग मां को विशेष रूप से प्रिय माना गया है।
पूजा विधि
चौथे दिन पूजा की शुरुआत प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ, अधिमानतः पीले वस्त्र धारण कर करनी चाहिए। सबसे पहले कलश की पूजा करें, इसके बाद मां कुष्मांडा का ध्यान करें। हाथ में पुष्प लेकर श्रद्धा से देवी को प्रणाम करें।
भोग में क्या अर्पित करें
मां कुष्मांडा को पीले रंग के भोग विशेष प्रिय होते हैं। इस दिन केसर युक्त मिठाइयां जैसे केसर पेठा या केसरिया हलवा अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा मालपुआ, बताशे, दही और विभिन्न प्रकार के हलवे भी चढ़ाए जा सकते हैं। व्रत रखने वाले भक्त सिंघाड़े के आटे या आलू से बने हलवे का भोग लगाकर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते हैं।
नवरात्रि का चौथा दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, सृजन शक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक है। मां कुष्मांडा की आराधना से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मकता दूर होती है। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा साधक के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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