Mohan Bhagwat के Gen-Z बयान पर विपक्षी दलों ने BJP के दोहरे रवैये पर उठाए सवाल
मुंबई, सात अगस्त राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से शुक्रवार को सवाल किया कि जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि जेन-जी को राष्ट्र विरोधी नहीं करार देना चाहिए तो भाजपा नेताओं ने युवा प्रदर्शनकारियों पर हमला क्यों किया? राकांपा (शप) और कांग्रेस ने भाजपा और इसके वैचारिक संगठन, आरएसएस पर ‘‘दोहरे मानदंड की राजनीति’’ करने का आरोप लगाया। भागवत ने मुंबई में ‘इंडियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स’ (आईआईएमयूएन) के 15वें वर्षगांठ कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को ‘जेन-जी’ और ‘जेन अल्फा’ के लगभग 2,000 सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अगर ‘जेन-जी’ के लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, तो वे राष्ट्र विरोधी नहीं हैं।
वे हमारे ही लोग हैं। वे हमारी अगली पीढ़ी हैं। आपको उनसे बातचीत करने और बेहतर तालमेल बनाने की जरूरत है।’’ ‘जेन-जी’ 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी है जबकि ‘जेन-अल्फा’ कहे जाने वाले बच्चों का जन्म 2013 से 2025 के बीच हुआ है।
राकांपा (शप) के प्रवक्ता महेश तापसे ने एक बयान में कहा कि देश संघ परिवार के दो बिल्कुल अलग-अलग चेहरे देख रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि जहां एक ओर भागवत ने यह कहा कि जेन जी’ को राष्ट्र विरोधी नहीं कहना चाहिए, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के कई बड़े नेताओं -- जिनमें सांसद निशिकांत दुबे और कंगना रनौत शामिल हैं -- ने नीट विवाद को लेकर हुए देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी युवाओं पर सार्वजनिक रूप से गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने सवाल किया, ‘‘इस विरोधाभास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भारत के युवाओं को यह जानने का हक है कि कौन सा चेहरा आरएसएस की असली विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है?’’ तापसे ने कहा, ‘‘यह सोच-समझकर बनाई गई राजनीतिक रणनीति लगती है -- एक तरफ सरकार की छवि को उदार बनाने की कोशिश की जाती है, तो दूसरी ओर असहमति की आवाज को डराने-धमकाने, ध्रुवीकरण करने और उसे (असहमति की आवाज को) अवैध ठहराना जारी रहता है। भारत के युवा इस दोहरे मानदंड वाले रवैये से गुमराह नहीं हो सकते।’’ राकांपा(शप) नेता ने कहा कि अगर भागवत का सचमुच में मानना है कि ‘जेन-जी’ संवाद, सम्मान और भरोसे के हकदार हैं, तो नैतिक रूप से सही यही होगा कि वह भाजपा के उन नेताओं की सार्वजनिक रूप से आलोचना करें, जिन्होंने बार-बार उन युवा भारतीयों की नीयत और देशभक्ति पर सवाल उठाए हैं। तापसे ने कहा, ‘‘आरएसएस और भाजपा दो अलग-अलग बातें नहीं कह सकते और साथ ही यह उम्मीद भी नहीं कर सकते कि देश उन पर भरोसा करेगा।
राजनीतिक विमर्श के जरिए भारत के युवाओं को दबाया नहीं जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि युवा भारतीय अच्छी शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा, रोजगार के अवसर और शासन में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। राकांपा (शप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि भाजपा और उसके समर्थक अब जेन-जी की लोकप्रियता का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हुआ, तब वे कहां थे?
जेन-जी पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया, यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब भाजपा नीत सरकार को देना होगा।’’ कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि भागवत ने जेन-जी की शिक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि आरएसएस प्रमुख ने इस अहम क्षेत्र पर खर्च को बढ़ा कर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 6 प्रतिशत तक करने की वकालत की है। सावंत ने एक बयान में कहा, ‘‘अब उम्मीद है कि आरएसएस के निर्देश पर सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों में नियुक्त किए गए कुलपति, प्रोफेसर और अन्य अयोग्य अधिकारियों को तुरंत हटा दिया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने में संघ ने बड़ी भूमिका निभाई है।’’ इस बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने दावा किया कि पिछले महीने नयी दिल्ली में जेन-जी’ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई भाजपा की अंदरूनी कलह का नतीजा थी। उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा के भीतर प्रधानमंत्री पद के लिए खींचतान चल रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर हुआ आंदोलन तो महज शुरुआत है। यह सरकार के खिलाफ देशव्यापी आक्रोश का नतीजा है।
Breaking News | रांची छात्र आंदोलन पर बड़ी खबर, AISA अध्यक्ष Neha Bora पर फेंकी स्याही! | Ranchi |
रांची छात्र आंदोलन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने से हंगामा मच गया। छात्रों के समर्थन में मार्च के दौरान हुई इस घटना के बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया। क्या है पूरा मामला? देखिए पूरी खबर। #ranchistudentprotest #ranchistudentmovement #ranchi #jharkhand #studentprotest #studentmovement #studentissues #studentmarch #aisaprotest #aisa #nehabora #nehaboranews #timesnownavbharat You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
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