यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट पक्षपातपूर्ण, भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित देश: पीके सहगल
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) की हालिया रिपोर्ट पर भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी और रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रि.) पीके सहगल ने शनिवार को अपनी प्रतिक्रिया दी।
मेजर जनरल (रि.) पीके सहगल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए अमेरिकी रिपोर्ट का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने रिपोर्ट को बहुत बड़ी भूल करार दिया।
सहगल ने कहा, असल में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां अल्पसंख्यकों का जीवन बांग्लादेश की तुलना में बहुत अच्छा है...आज भारत शांति, सुकून और सद्भाव का एक उदाहरण है।
उन्होंने पड़ोसी देशों की स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा, बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की आबादी लगातार कम हो रही है। पाकिस्तान में भी ऐसे ही हालात हैं। अमेरिका पहले इन जगहों और खुद अपने देश में हिंदुओं के मंदिरों और हिंदू समुदाय के लोगों के साथ क्या होता है, उसे देख ले। उसके बाद भारत पर ध्यान दे।
उन्होंने कहा कि भारत विविधता का जीता-जागता उदाहरण है, जहां कई धर्म, भाषाएं और संस्कृतियां साथ-साथ फल-फूल रही हैं।
रक्षा विशेषज्ञ ने पिछले दशक का हवाला देते हुए दावा किया, पिछले 10 सालों में देश के अंदर एक भी दंगा या सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई। उन्होंने यूएससीआईआरएफ को सलाह दी कि रिपोर्ट तैयार करने से पहले तथ्यों की गहराई से जांच होनी चाहिए, न कि पूर्वाग्रह से प्रभावित होकर। सहगल ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं, जबकि पड़ोसी देशों में उनके साथ भेदभाव और हिंसा आम है।
यह बयान यूएससीआईआरएफ की 2026 वार्षिक रिपोर्ट के बाद आया है। रिपोर्ट में 2025 में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, भेदभावपूर्ण कानून और सतर्कता हिंसा का जिक्र किया गया है। वहीं, भारतीय सरकार ने रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण और प्रेरित बताते हुए खारिज किया है।
--आईएएनएस
एससीएच
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इजराइल के डिमोना स्थित परमाणु केंद्र पर ईरान का मिसाइल हमला, 20 लोग घायल; सामने आया वीडियो
ईरान की ओर से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल ने भारतीय समयानुसार शनिवार रात दक्षिणी शहर डिमोना को निशाना बनाया, जिसका वीडियो फुटेज सामने आया है. इस हमले के दौरान मिसाइल सीधे एक इमारत से टकराई, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ और इमारत का एक हिस्सा ढह गया. घटना के तुरंत बाद बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया.
हमले में 20 लोग घायल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में लगभग 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें अधिकांश को हल्की चोटें आई हैं. इमरजेंसी सेवाओं ने बताया कि घायलों में एक 10 वर्षीय बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत मध्यम बताई जा रही है. बच्चे को मिसाइल के टुकड़ों यानी श्रैपनेल से चोट लगी है और उसका इलाज किया जा रहा है.
Footage shows the moment an Iranian ballistic missile struck the southern city of Dimona this evening. pic.twitter.com/fCYwtgAj5x
— Emanuel (Mannie) Fabian (@manniefabian) March 21, 2026
कई अन्य मिसाइल के टुकड़ों से घायल
अन्य घायलों में कई लोग ऐसे हैं जो मिसाइल के टुकड़ों से जख्मी हुए, जबकि कुछ लोग सुरक्षित स्थान पर भागते समय गिरकर चोटिल हो गए. इसके अलावा, कई लोगों को इस अचानक हमले के कारण मानसिक आघात और घबराहट (एंग्जायटी) का सामना करना पड़ा है. मेडिकल टीम सभी घायलों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है.
हमले के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है. इसी बीच, डिमोना और उसके आसपास के इलाकों में फिर से सायरन बजने लगे, जिससे यह संकेत मिला कि एक और मिसाइल उस दिशा में दागी गई है. इससे स्थानीय निवासियों में डर और असुरक्षा की भावना और बढ़ गई है.
हालातों पर नजर बनाए हुए हैं सुरक्षा एजेंसी
सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नागरिकों को सतर्क रहने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. बचाव कार्य अभी भी जारी है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती है, जहां लगातार हो रहे हमलों के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं.
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