जम्मू के कटरा की गलियों में जब सुबह की हल्की धूप तवे पर पड़ती है। तो सबसे पहले यात्रियों और श्रद्धालुओं को जो खुशबू आती है, वह मन और पेट को बाती है। वह खुशबू कलाड़ी कुलचा की है। वैष्णों देवी के दर्शन की थकान को मिटाने के लिए लोग गरम, सादा, हल्का और स्वाद से भरपूर कुछ खाना चाहते हैं। ऐसे लोगों के लिए कलाड़ी कुलचा को कटरा का पसंदीदा स्नैक्स बनाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कलाड़ी कुलचा बनाने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।
डोगरा संस्कृति और कलाड़ी का महत्व
कलाड़ी डोगरा खानपान की पहचान है। यह कोई साधारण पनीर नहीं होता है, बल्कि दूध को सुरक्षित रखने और गर्मियों में संरक्षित करने की पारंपरिक विधि से बनी 'देसी चीज' है। उसका स्वाद बेहद खास है। नमकीन, हल्की दूधिया और तवे पर सिंकते समय हल्की चटक। इसका मलाई जैसा स्वाद हर एक कौर के साथ महसूस होता है और बाद में मुंह में बचा हल्का स्वाद इसको अधिक यादगार बनाता है। यह डिश सीधे तरीके से बनाई जाती है।
तवे पर मोटा और नरम कुलचा सेंककर इसके बीच में कलाड़ी को रखा जाता है। कलाड़ी अपने ही घी में धीरे-धीरे सिंकती है और सुनहरी हो जाती है। हल्की चटक के साथ दूधिया खुशबू छोड़ती है। ऊपर से बस थोड़ा मक्खन या नमक लगाया जाता है।
मीडिया ने बढ़ाई लोकप्रियता
कटरा में सर्दी और मानसून में कलाड़ी कुलचा की मांग सबसे ज्यादा रहती है। दर्शन की थकान, ठंडी हवा, गरम और हल्का संतोषजनक स्वाद यात्रियों को काफी लुभाता है। अब यह इसलिए भी ट्रेंड बन गया है कि क्योंकि इंटरनेट मीडिया पर फूड क्रिएटर्स ने इसको प्रमोट किया है। यह डिश शादी और स्थानीय आयोजनों में परोसी जाती है। कटरा वैष्णो देवी की रसोई में इसको तैयार किया जाता है।
कलारी या कलाड़ी एक पारंपरिक भारतीय पनी है। जिसके बारे में माना जाता है कि इसको जम्मू क्षेत्र के डोगरा लोगों द्वारा विकसित किया गया था। इसको गर्मी के महीनों में दूध को ठोस रूप से संरक्षित करने के लिए बनाया गया था। खासकर तब, जब ताजा दूध स्टोर करना मुश्किल होता है। इसको भारत का मोजरेला कहा जाता है।
सामग्री
मैदा - 2 कप
खमीर (यीस्ट) - 1/2 चम्मच
पानी - आवश्यकतानुसार
नमक - 1/2 चम्मच
कलाड़ी - 100–150 ग्राम
उबले आलू - 2 (मैश किए हुए)
घी या मक्खन - 2–3 टेबलस्पून
हरी चटनी - परोसने के लिए
लोकल सीक्रेट - 1 चुटकी सूखी मेथी के पत्ते
ऐसे बनाएं
मैदा, नमक, खमीर और पानी मिलाकर नरम आटा गूथें। फिर 30 मिनट के लिए इस आटे को ढककर रख दें। अब छोटे-छोटे गोले बनाएं और हल्के गोल कुल्चे बेलें। अब कलाड़ी के टुकड़ों को मीडियम आंच पर तवे में रखें और धीरे-धीरे पलटते रहें। जब तक यह बाहर से सुनहरी परत और अंदर नमी बनी रहे।
अब कुलचे के बीच में कलाड़ी रखें और हल्का सा दबाएं। इसमें एक चुटकी सूखी मेथी डालें। यह स्थानीय स्वाद को उभारने का काम करती है और हल्का खुशबू भी देती है। कुलचे को तवे पर दोनों तरफ हल्का सा सेंके। इसके ऊपर से थोड़ा मक्खन या फिर घी लगाएं। गरम-गरम कुलचा प्लेट में रखें और दही या हरी चटनी के साथ परोसें।
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देशभर में हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ ईद मनाई गई। मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते नजर आए। देश के विभिन्न हिस्सों में उत्सव का माहौल बना रहा। युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। ईद के मौके पर देशभर से कई तस्वीरें सामने आ रही हैं। भोजपुर जिले के आरा शहर में अलग नजारा देखने को मिला। यहां भाईचारे, आपसी सौहार्द और मोहब्बत के साथ जश्न मनाया गया। इसी दौरान, ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अली खामेनेई के पोस्टर के साथ सेल्फी लेने की होड़ रही। शहर के गोपाली चौक घंटाघर क्षेत्र में ईरान-अमेरिका संघर्ष में मारे गए बताए जा रहे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का पोस्टर लगाया गया। पोस्टर के सामने युवाओं ने सेल्फी ली और एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं। वहां से गुजरने वाले लोगों के बीच खामेनेई की तस्वीर चर्चा का विषय बनी रही। अमेरिका व इजराइली हमले में पिछले महीने फरवरी के अंतिम सप्ताह में खामेनेई की मौत हुई थी। वह शिया समुदाय से संबंध रखते थे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अपने पिता की पंरपरा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को ईद के अवसर पर यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान पहुंचे जहां नमाज अदा करने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे थे। नीतीश कुमार गांधी मैदान नहीं पहुंचे, जिनके राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना है। सुबह की हल्की बारिश के बीच लोगों ने वहां नमाज अदा की। नीतीश ने शहर के कई ‘खानकाहों’ (सूफी मठों) का दौरा कर समुदाय के नेताओं को ईद की मुबारकबाद दी और त्योहार पर बने व्यंजनों का लुत्फ उठाया। गांधी मैदान में नमाजियों ने 44 वर्षीय निशांत का गर्मजोशी से स्वागत किया। हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले निशांत करीब दो हफ्ते पहले अपने पिता की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हुए। आमतौर पर कम बोलने वाले निशांत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘मैं माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से बिहार और पूरे देश के लोगों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। अल्लाह हम सभी पर अपनी बरकत बनाए रखें।
मध्यप्रदेश में शिया समुदाय के अधिकांश लोगों ने शनिवार को ईद का त्यौहार नहीं मनाया और अमेरिका-इजराइल हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं,सुन्नी समुदाय के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ राज्यभर में ईदगाहों में नमाज अदा कर त्यौहार मनाया। देशभर में शनिवार को ईद मनाई गयी। शिया समुदाय के लोगों ने ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए। शिया समुदाय के लोग विरोध दर्ज कराने के लिए भोपाल समेत राज्य के अन्य स्थानों पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने पहुंचे। शिया समुदाय के बच्चों को भी काली पट्टी बांधे देखा गया। राजधानी के इमामबाड़े में खामेनेई का एक चित्र भी रखा गया।
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