देशभर में हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ ईद मनाई गई। मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते नजर आए। देश के विभिन्न हिस्सों में उत्सव का माहौल बना रहा। युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। ईद के मौके पर देशभर से कई तस्वीरें सामने आ रही हैं। भोजपुर जिले के आरा शहर में अलग नजारा देखने को मिला। यहां भाईचारे, आपसी सौहार्द और मोहब्बत के साथ जश्न मनाया गया। इसी दौरान, ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अली खामेनेई के पोस्टर के साथ सेल्फी लेने की होड़ रही। शहर के गोपाली चौक घंटाघर क्षेत्र में ईरान-अमेरिका संघर्ष में मारे गए बताए जा रहे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का पोस्टर लगाया गया। पोस्टर के सामने युवाओं ने सेल्फी ली और एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं। वहां से गुजरने वाले लोगों के बीच खामेनेई की तस्वीर चर्चा का विषय बनी रही। अमेरिका व इजराइली हमले में पिछले महीने फरवरी के अंतिम सप्ताह में खामेनेई की मौत हुई थी। वह शिया समुदाय से संबंध रखते थे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अपने पिता की पंरपरा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को ईद के अवसर पर यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान पहुंचे जहां नमाज अदा करने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे थे। नीतीश कुमार गांधी मैदान नहीं पहुंचे, जिनके राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना है। सुबह की हल्की बारिश के बीच लोगों ने वहां नमाज अदा की। नीतीश ने शहर के कई ‘खानकाहों’ (सूफी मठों) का दौरा कर समुदाय के नेताओं को ईद की मुबारकबाद दी और त्योहार पर बने व्यंजनों का लुत्फ उठाया। गांधी मैदान में नमाजियों ने 44 वर्षीय निशांत का गर्मजोशी से स्वागत किया। हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले निशांत करीब दो हफ्ते पहले अपने पिता की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हुए। आमतौर पर कम बोलने वाले निशांत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘मैं माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से बिहार और पूरे देश के लोगों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। अल्लाह हम सभी पर अपनी बरकत बनाए रखें।
मध्यप्रदेश में शिया समुदाय के अधिकांश लोगों ने शनिवार को ईद का त्यौहार नहीं मनाया और अमेरिका-इजराइल हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं,सुन्नी समुदाय के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ राज्यभर में ईदगाहों में नमाज अदा कर त्यौहार मनाया। देशभर में शनिवार को ईद मनाई गयी। शिया समुदाय के लोगों ने ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए। शिया समुदाय के लोग विरोध दर्ज कराने के लिए भोपाल समेत राज्य के अन्य स्थानों पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने पहुंचे। शिया समुदाय के बच्चों को भी काली पट्टी बांधे देखा गया। राजधानी के इमामबाड़े में खामेनेई का एक चित्र भी रखा गया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन को ईद और नवरोज़ की शुभकामनाएं भेजीं। मोदी ने लिखा कि उन्होंने और मसूद दोनों ने आशा व्यक्त की कि यह त्योहार पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए। मोदी ने अपने X अकाउंट पर लिखा कि राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात की और ईद और नवरोज़ की शुभकामनाएं दीं। हमने आशा व्यक्त की कि यह त्योहार पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए। क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं।
मोदी ने नौकायन की स्वतंत्रता की रक्षा और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि जहाजरानी मार्ग खुले और सुरक्षित रहें। ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से यह दूसरी बार है जब मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बात की है। दूसरी ओर कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों और वहां सत्ता परिवर्तन कराने की क्रूर कोशिशों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा निंदा नहीं किया जाना भारत के सभ्यतागत मूल्यों की नैतिक कायरता और राजनीतिक विश्वासघात को दर्शाता है।
कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युद्धविराम कराने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) और इजराइल के प्रधानमंत्री (बेंजामिन नेतन्याहू) के साथ अपनी बहुचर्चित मित्रता का भी इस्तेमाल नहीं किया। रमेश ने कहा कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू हुए आज ठीक 21 दिन यानी तीन सप्ताह हो चुके हैं और प्रधानमंत्री को अपने बहुचर्चित इजराइल दौरे से लौटे भी 23 दिन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि क्या मोदी सरकार ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए उस भीषण हवाई हमले की निंदा या आलोचना की या खेद व्यक्त किया है, जिसके कारण अब भारत सहित पूरी दुनिया में गंभीर आर्थिक अस्थिरता पैदा हो गई है? जवाब है-नहीं।
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