यूएन महासचिव ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' को बताया बेअसर, बोले- ये उनका पर्सनल प्रोजेक्ट है
न्यूयॉर्क, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण तनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जाहिर की। गुटेरेस संकट के समय में मदद करने के लिए दुनिया के बहुपक्षीय संगठन के तौर पर यूएन की भूमिका का बचाव करते नजर आए।
इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बोर्ड ऑफ पीस वाली पहल को बेअसर बताया। उन्होंने इस बात को माना कि वह ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस इन गाजा के साथ सक्रिय तौर पर भागीदारी दे रहे हैं।
हाल ही में ब्रूसेल्स में यूरोपीय काउंसिल की एक मीटिंग हुई, जिसका मुख्य फोकस इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी हमले और होर्मुज स्ट्रेट पर था। इस बैठक में यूएन महासचिव गुटेरेस भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मौजूदा हालात में यूएन की भूमिका पर जोर दिया।
गुटेरेस से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल के युद्ध शुरू होने के बाद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की है, तो यूएन महासचिव ने कहा- नहीं। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि उनकी बता अमेरिकी सरकार के दूसरे अधिकारी से हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट में संकट को लेकर यूएन महासचिव ने कहा कि यूएन होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद करने के लिए तैयार है। यूएन ने 2022 में यूक्रेन के अनाज और फर्टिलाइजर के ट्रांसपोर्ट की इजाजत देने के लिए रूस और यूक्रेन के बीच ब्लैक सी में इसी तरह की डील कराने में मदद की थी।
उन्होंने कहा, मेरा मुख्य मकसद यह देखना है कि क्या होर्मुज स्ट्रेट में पहले जैसे हालात बनाना मुमकिन है। यूएन मौजूदा हालात के बारे में खाड़ी देशों के साथ-साथ यूरोपीय काउंसिल से भी बात कर रहा है।
बता दें, ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव, संयुक्त राष्ट्र और तुर्किए द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच कराई गई एक डील है। इस समझौते के तहत युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन से लाखों मीट्रिक टन खाना एक्सपोर्ट करने की इजाजत दी गई। हालांकि, बाद में रूस ने इस समझौते से अपना समर्थन वापस ले लिया।
दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की स्थापना की, जिसकी शुरुआत गाजा से की गई। यूएन महासचिव ने बोर्ड ऑफ पीस को लेकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस के साथ सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है, लेकिन अकेले अमेरिकी राष्ट्रपति का अप्रोच अभी हमारे सामने मौजूद बड़ी समस्याओं का हल करने का प्रभावी तरीका नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, सब कुछ अब राष्ट्रपति ट्रंप का पर्सनल प्रोजेक्ट है, जिसमें हर चीज पर उनका पूरा कंट्रोल है। हमें अंतरराष्ट्रीय कानून के बारे में, संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के मूल्यों के बारे में स्पष्ट होना चाहिए। किसी भी शांति पहल के लिए यह जरूरी है।”
--आईएएनएस
केके/एएस
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'टीम अच्छा परफॉर्म नहीं कर रही, कोच हटा दो...' गैरी कर्स्टन ने खोली पाकिस्तान की पोल, टॉक्सिक कल्चर पर बड़ा बयान
Gary Kirsten on Pakistan cricket : पाकिस्तान क्रिकेट टीम का हाल आज बद से बदतर हो चला है. पाकिस्तान की टीम को आज दुनिया की कोई भी छोटी टीम हरा सकती है. पाकिस्तान के इतने बुरे दिन आ गए हैं कि वो बांग्लादेश क्रिकेट टीम से भी मैच हार जाती है. भारत के सामने जीत पाना तो पाकिस्तान के लिए एक सपना सा हो गया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अंदर भी उठा-पटक चलती रहती है. ऐसा दिन बोर्ड के लोग बदल जाते हैं और जब चाहें तब चयनकर्ता बदल जाते हैं. इसका सीधा असर टीम पर देखने को मिलता है.
ऐसे में पाकिस्तान क्रिकेट टीम खिलाड़ियों की भी अदला-बदली होती रहती है. टीम से कई बार तो बाबर आजम जैसे बड़े खिलाड़ी को अंदर-बाहर किया गया है. पाकिस्तान ने कुछ ही समय में कई कप्तान भी बदल दिए हैं. लेकिन पाकिस्तान यहीं तक नहीं मनता है. वो अपनी टीम के लिए पहले तो कोच नियुक्त करता है और फिर उसके बाद उन्हें अचानक बगैर किसी वजह के हटा देते है.
ऐसा ही कुछ पाकिस्तान के पूर्व व्हाइट-बॉल हेड कोच गैरी कर्स्टन के साथ हुआ था. भारत को महेंद्र सिंह धोनी के साथ मिलकर वनडे वर्ल्ड कप 2011 का खिताब दिलाने वाले कोच गैरी कर्स्टन को अक्टूबर 2024 में पाकिस्तान ने अपना कोच बनाया था और उन्होंने सिर्फ 6 महीने बाद दिया था. ऐसे में ये बात साफ तौर पर सामने नहीं आई कि पाकिस्तान की टीम में उनके साथ क्या हुआ था.
पाकिस्तान पर गैरी कर्स्टन ने किया प्रहार
अब गैरी कर्स्टन ने पाकिस्तान के टॉक्सिक वर्क कल्चर के बारे में खुलकर बात की है. उन्होंने टॉक स्पोर्ट के साथ बात करते हुए कहा कि, 'जिस चीज ने मुझे शायद सबसे ज्यादा हैरान किया, वह थी दखलंदाजी का लेवल. मुझे नहीं लगता कि मैंने इसे पहले कभी उस लेवल पर देखा है. इससे मुझे हैरानी हुई? मुझे नहीं पता, लेकिन यह काफी था'.
कर्स्टन ने आगे बात करते हुए कहा कि, 'जब बाहर से लगातार शोर होता रहता है, तो कोच के लिए आकर खिलाड़ियों के साथ काम करने का तरीका बनाना काफी मुश्किल होता है. यह मुश्किल था और खराब परफॉर्मेंस और ऐसी ही चीजों के लिए बहुत सारे सजा देने वाले एक्शन लिए गए'.
उन्होंने आगे कहा, 'एक कोच के तौर पर जब टीम अच्छा नहीं कर रही होती है, तो आप सबसे आसान शिकार होते हैं, इसलिए चलो कोच को हटा दें या चलो कोच पर रोक लगा दें. ऐसी बातें सामने आती हैं. जब टीम अच्छा परफॉर्म नहीं कर रही हो तो यही सबसे आसान काम है और मेरे हिसाब से यह उल्टा असर करता है. तो फिर कोच को हायर क्यों किया जाए'.
???????? "The thing that surprised me was the level of interference."
— talkSPORT Cricket (@Cricket_TS) March 20, 2026
???? "It's quite difficult for a coach to formulate a way of working with the players when there's the constant noise from the outside."
????️ Gary Kirsten opens up on his stint as Pakistan's white-ball Head Coach pic.twitter.com/xUDa1wj4Uf
पाकिस्तान क्रिकेट टीम का लचर प्रदर्शन
पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन पिछले 3 सालों में काफी निराशाजनक रहा है. पाकिस्तान को एशिया कप में भारत ने हराया और इसके बाद भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के धूल चटाई. पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 के बाद से बाहर हो गई.
वहीं पाकिस्तान की टीम आखिरी बार आईसीसी ट्रॉफी 2017 में जीती थी. उन्होंने भारत को हराकर चैंपियन ट्रॉफी पर कब्जा किया था. उससे पहले पाकिस्तान ने 2009 में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था. पाकिस्तान ने 1992 में वनेड वर्ल्ड कप का खिताब भी जीता था.
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