IPL 2026 से पहले श्रीलंका बोर्ड का सख्त फैसला:हसरंगा, पथिराना सहित 4 खिलाड़ियों की NOC अटकी; फिटनेस टेस्ट पास करने पर ही मिल सकेगी मंजूरी
श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने स्पष्ट किया है कि IPL खेलने के लिए खिलाड़ियों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) तभी मिलेगा, जब वे फिटनेस टेस्ट पास करेंगे। श्रीलंका के आठ खिलाड़ी इस बार IPL की विभिन्न टीमों का हिस्सा हैं। इनमें दुश्मंथा चमीरा, पथुम निसांका और कामिंदु मेंडिस फिटनेस टेस्ट पास कर चुके हैं, जिसके बाद उन्हें IPL में खेलने की अनुमति मिल गई है। वहीं बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि वानिंदु हसरंगा, मथीशा पथिराना, नुवान थुशारा और ईशान मलिंगा की IPL में भागीदारी उनके ‘फिजिकल परफॉर्मेंस टेस्ट’ के नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल ये सभी खिलाड़ी चोटों से उबर रहे हैं और रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया में हैं। IPL 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी, और कई श्रीलंकाई खिलाड़ी जल्द ही अपनी-अपनी टीमों से जुड़ सकते हैं। इंजरी से जूझ रहे हैं स्टार खिलाड़ी, पथिराना शुरुआती मैच मिस करेंगे बोर्ड के मुताबिक, हसरंगा, मलिंगा और पथिराना ने IPL के लिए NOC मांगी है, लेकिन अभी तक उनका फिटनेस टेस्ट नहीं हुआ है। ये तीनों खिलाड़ी टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान या उससे ठीक पहले चोटिल हो गए थे। चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना का IPL के शुरुआती मैचों से बाहर रहना लगभग तय है। उनके अप्रैल के मध्य तक फिट होने की उम्मीद है। 8 हफ्ते का कड़ा ट्रेनिंग प्रोग्राम, पास करना होगा 2 किलोमीटर का स्प्रिंट श्रीलंका बोर्ड ने सभी नेशनल कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ियों के लिए 8 हफ्ते का स्पेशल फिजिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। बोर्ड का कहना है कि यह पहल आने वाले इंटरनेशनल मैचों के लिए खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर को सुधारने के लिए की गई है। इस टेस्ट में 2 किलोमीटर की स्प्रिंट (दौड़) सहित कई अन्य कड़े फिजिकल टेस्ट शामिल हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो खिलाड़ी इन मानकों को पूरा करेंगे, उन्हें ही IPL और घरेलू टूर्नामेंट खेलने की अनुमति दी जाएगी। चयन समिति और खेल मंत्रालय का सख्त रुख फिटनेस पर इस नए फोकस के पीछे पूर्व क्रिकेटर प्रमोद विक्रमसिंघे की अगुवाई वाली नई चयन समिति और श्रीलंकाई सरकार का खेल मंत्रालय है। चूंकि श्रीलंका को मई के अंत तक कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेलना है, इसलिए बोर्ड ने इस समय को ट्रेनिंग ब्लॉक के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसका मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों के फिटनेस स्टैंडर्ड को बढ़ाना है ताकि वे भविष्य के दौरों के लिए पूरी तरह तैयार रहें। -------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया जून में आयरलैंड दौरे पर जाएगी:दो मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी, 8 साल में चौथा दौरा होगा भारत की फूल स्ट्रेंथ टीम जून 2026 में आयरलैंड दौरे पर जाएगी, जहां दोनों टीमों के बीच दो मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी। BCCI ने इस दौरे का शेड्यूल शनिवार को घोषित कर दिया गया है। पूरी खबर
'द वॉइस ऑफ हिंद रजब' की भारत में रिलीज रुकी:ऑस्कर-नॉमिनेटेड फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला, भारत-इजराइल संबंधों के कारण मंजूरी पेंडिंग
फिलिस्तीनी बच्ची हिंद रजब की कहानी पर आधारित ऑस्कर-नॉमिनेटेड फिल्म द वॉइस ऑफ हिंद रजब की भारत में रिलीज फिलहाल रुकी हुई है। फिल्म को अब तक सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला है। फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर मनोज नंदवाना ने दावा किया कि फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के पास भेजा गया था। बोर्ड को इसमें कोई आपत्तिजनक कंटेंट नहीं मिला, लेकिन इसे संवेदनशील माना गया। फिल्म की स्क्रीनिंग फरवरी के आखिरी हफ्ते में हुई थी। नंदवाना के मुताबिक, फिल्म में न हिंसा है, न अश्लील सीन और न ही कोई राजनीतिक संवाद है। इसके बावजूद भारत-इजराइल संबंधों को ध्यान में रखते हुए इसे मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर फिल्मों में बदलाव के लिए कट्स सुझाए जाते हैं, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। रिवाइजिंग कमेटी को भेजी गई फिल्म फिल्म को अब रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजा गया है। मनोज नंदवाना ने कहा कि कमेटी कब बनेगी, इसकी जानकारी नहीं है और तब तक फिल्म पुरानी हो सकती है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सर्टिफिकेट न मिलने पर कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा है। फिल्म फिलिस्तीनी बच्ची हिंद रजब पर आधारित ट्यूनीशियाई फिल्ममेकर काउथर बेन हानिया की इस फिल्म में हिंद रजब की सच्ची कहानी दिखाई गई है। जनवरी 2024 में गाजा सिटी से भागते समय उसकी कार पर हमला हुआ था। फिल्म में कहानी रेड क्रिसेंट के वालंटियर्स के नजरिए से दिखाई गई है। फिल्म में हिंद रजब की असली आवाज का इस्तेमाल किया गया है। 12 दिन बाद उसका शव उसके परिवार और दो वालंटियर्स के साथ मिला था। फिल्म का प्रीमियर सितंबर 2025 में वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था, जहां इसे ग्रैंड ज्यूरी प्राइज मिला। इसे टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया। यह पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म को भारत में सेंसर सर्टिफिकेट में दिक्कत हुई हो। 2024 की फिल्म संतोष को भी सर्टिफिकेट नहीं मिला था, जिससे इसकी रिलीज नहीं हो सकी।
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