यूएई ने हिज्बुल्लाह और ईरान से जुड़े नेटवर्क को खत्म करने का किया दावा, कई मिसाइलों-ड्रोन को रोका
दुबई, 21 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से लॉन्च की गई चार बैलिस्टिक मिसाइलों और 26 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। इसके अलावा, उसके सुरक्षा विभाग ने हिज्बुल्लाह और ईरान से जुड़े एक नेटवर्क को खत्म कर दिया।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 28 फरवरी से यूएई को निशाना बनाकर दागी गई 338 बैलिस्टिक मिसाइलों, 15 क्रूज मिसाइलों और 1,740 ड्रोन से निपटा है। बता दें, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ हमले की शुरुआत 28 फरवरी को की थी।
यूएई राज्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि उसने लेबनान के हिज्बुल्लाह और ईरान द्वारा निर्देशित फंड किए गए एक नेटवर्क को खत्म कर दिया और उसके सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
अधिकारियों ने आरोप लगाया कि समूह एक नकली कमर्शियल फ्रंट की आड़ में काम कर रहा था और देश की अर्थव्यवस्था में घुसपैठ करने और वित्तीय स्थिरता को खतरा पैदा करने वाले बाहरी एजेंडा को पूरा करने की कोशिश कर रहा था।
वहीं, दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह ने यूएई के आरोपों को खारिज कर दिया और दावों को मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताया है।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता को निशाना बनाने वाली आतंकवादी साजिशों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय के अनुसार, हाल की घटनाओं में कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निशाना बनाया गया।
इस बीच, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने शुक्रवार को दौरे पर आए तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान से मुलाकात की।
अमीरात न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने क्षेत्र में चल रही सैन्य बढ़ोतरी और क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर इसके गंभीर असर पर चर्चा की और इस बढ़ोतरी को रोकने और आगे के तनाव और संकटों को रोकने के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया।
28 फरवरी को, इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर मिलकर हमला किया। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। ईरान की ओर से की गई जवाबी कारर्वाई में इजरायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बेस और संपत्तियों को निशाना बनाया गया।
--आईएएनएस
केके/पीएम
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Hormuz Strait Iran Attack: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच South Korea ने Iran द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में किए जा रहे हमलों और मार्ग को बाधित करने की कोशिशों की कड़ी निंदा की है. सियोल की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि वह कई यूरोपीय देशों और सहयोगी राष्ट्रों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर एक संयुक्त बयान जारी करेंगे.
कई देशों ने मिलकर जताई आपत्ति
संयुक्त बयान में United Kingdom, France, Germany, Italy, Japan, Netherlands और Canada शामिल हैं. इन देशों ने ईरान से अपील की है कि वह इस अहम समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह के हमले या अवरोध की कार्रवाई तुरंत बंद करे और अंतरराष्ट्रीय नौवहन के नियमों का सम्मान करे.
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वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम मार्ग
विशेषज्ञों के अनुसार Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.
सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने पर जोर
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह संयुक्त पहल समुद्री मार्गों की सुरक्षा और जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि देश अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर इस मार्ग पर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के प्रयासों में सहयोग करेगा.
ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर चिंता
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ने कहा कि होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते व्यवधानों का असर सीधे देश की ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. इसलिए सियोल इस मामले में वैश्विक स्तर पर चल रहे प्रयासों के साथ तालमेल बनाकर काम कर रहा है.
ट्रंप के बयान के बाद तेज हुई चर्चा
इस मुद्दे पर बहस उस समय और तेज हो गई जब Donald Trump ने सहयोगी देशों से क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए जहाज भेजने की अपील की. हालांकि कुछ देशों ने अब तक इस पहल में सीधे शामिल होने को लेकर सावधानी भरा रुख अपनाया है.
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FAQ
Q1. होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर- Strait of Hormuz वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का अहम मार्ग है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन होता है.
Q2. कौन से देश ईरान के खिलाफ हैं?
उत्तर- South Korea, United Kingdom, France, Germany, Italy, Japan, Netherlands और Canada एक साथ ईरान के खिलाफ हैं.
Q3. इन देशों ने ईरान से क्या मांग की है?
उत्तर- इन देशों ने ईरान से रणनीतिक समुद्री मार्ग पर हमले रोकने और जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही का सम्मान करने की अपील की है.
Q4. इस विवाद का असर किन चीजों पर पड़ सकता है?
उत्तर- अगर इस मार्ग में व्यवधान होता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति, ऊर्जा बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है. 20 मार्च को भारत में प्रिमियम पेट्रोल पर 2.30 रुपये का इजाफा किया है.
Q5. इस मुद्दे में अमेरिका की क्या भूमिका है?
उत्तर- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सहयोगी देशों से क्षेत्र को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के लिए मदद करने की अपील की थी.
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