Maa Chandraghanta Ki Aarti in Hindi: 21 मार्च को करें देवी चंद्रघंटा की पूजा-आरती, जानें शुभ मुहूर्त
Chaitra Navratri 2026 3rd Day: चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन यानी 21 मार्च 2026 को देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। देवी के ये रूप हर तरह के संकट दूर करने वाला है। इससे इनकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
21 March 2026 Ka Panchang: यहां जानें आज का पंचांग, तिथि, शुभ मुहूर्त, योग; नक्षत्र और राहुकाल
21 March 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 21 मार्च 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जो रात 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
आज के दिन इंद्र योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो शाम 7 बजकर 1 मिनट तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इंद्र योग को शुभ और फलदायी माना जाता है, जिससे किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही अश्विन नक्षत्र भी आज महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जो रात 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
शुभ मुहूर्त
दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होती है, जो सुबह 4 बजकर 49 मिनट से 5 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इस समय को साधना, ध्यान और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके बाद प्रातः संध्या का समय सुबह 5 बजकर 13 मिनट से 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 6 बजकर 32 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक और सायं संध्या 6 बजकर 33 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी, जो पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।
राहुकाल का समय
- दिल्ली में सुबह 9:27 से 10:58 तक
- मुंबई में सुबह 9:44 से 11:15 तक
- चंडीगढ़ में सुबह 9:28 से 10:59 तक
- लखनऊ में सुबह 9:12 से 10:43 तक
- भोपाल में सुबह 9:26 से 10:57 तक
- कोलकाता में सुबह 8:42 से 10:13 तक
- अहमदाबाद में सुबह 9:45 से 11:16 तक
- चेन्नई में सुबह 9:14 से 10:45 तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 24 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 33 मिनट पर होगा। दिन और रात की अवधि लगभग संतुलित रहने से यह समय आध्यात्मिक साधना के लिए भी अनुकूल माना जाता है।
दिन का महत्व
आज का दिन नवरात्र, गणगौर और मत्स्य जयंती के संयोग के कारण अत्यंत पुण्यदायी माना जा रहा है। श्रद्धालु इस दिन व्रत, पूजा, दान और ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। कुल मिलाकर, 21 मार्च 2026 का दिन आस्था, परंपरा और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है, जो जीवन में शुभता और संतुलन लाने का संदेश देता है।
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