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Iran Vs Israel US War: पर्ल हार्बर का जिक्र कर डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को चौंकाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से नाटो पर भड़के हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप   ने नाटो को कायर कहा है. ईरान के खिलाफ जंग में नाटो ने मदद नहीं की. अमेरिका के बिना नाटो एक कागजी शेर है. यह ट्रंप ने नाटो को फटकार लगाते हुए कहा है. तो ईरान की मिसाइल आग उगल रही हैं और इजराइल ईरानी रिजीम पर लगातार हमले कर रहा है. लेकिन अब इस जंग की दशा और दिशा बदल सकती है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पर्ल हार्बर की याद दिलाई है. यानी दूसरे वर्ल्ड वॉर का वो इतिहास जिसने हिरोशिमा और नागासाकी को दहला दिया था. 

दुनिया ने विध्वंस की पहली तस्वीर देखी

उस इतिहास को दुनिया आज तक भूल नहीं पाई है. इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि पर्ल हारबर का नाम लेकर आखिर ट्रंप ने क्या इशारा किया है? मिडिल ईस्ट की जंग के बीच पर्ल हारबर का खौफ क्यों आया? ईरान पर हमला हिरशिमा नागासाकी की याद क्यों दिला रहा? इस वक्त ऐसा दिख रहा है मानो दुनिया तीसरे विश्व युद्ध से चंद कदम की दूरी पर खड़ी है. 85 साल पहले अमेरिका के हवाई आइलैंड पर एक भयानक हमला हुआ था और 4 साल के अंदर दुनिया ने विध्वंस की पहली तस्वीर देखी थी. 

जापान के पास बेइंतहा एरियल पावर थी

7 दिसंबर 1941 अमेरिका के हवाई द्वीप का परहार यूएस नेवल बेस का पैसिफिक फ्लट और जापान का टारगेट यह वो वक्त था जब दूसरा विश्व युद्ध अपने चरम पर था. जापान के पास बेइंतहा एरियल पावर थी. जापान जंग का रुख किसी तरह अपने पक्ष में मोड़ना चाहता था. लेकिन इसके लिए जरूरी था अमेरिका को घुटनों पर लाना. जापान ने बहुत बड़ी हिमाकत की. पर्ल हारबर पर मारुती बरसात कर दी. दिसंबर 1941 की सुबह जापान ने अमेरिकी नेवल बेस  के ऊपर करीब 2 घंटे तक ताबड़तोड़ बमबारी की. इस हमले के लिए जापान ने छह एयरक्राफ्ट करियर से 353 फाइटर जेट को लांच किया. 

2390 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे

अटैक दो लहरों में किया गया. पहली लहर में 183 जापानी फाइटर जेट ने हमला बोला. जबकि दूसरी लहर में 170 फाइटर जेट इस्तेमाल किए गए. जापान के पर्ल हार्बर अटैक में 2390 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे. हमले के अगले ही दिन अमेरिका ने जापान के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी. अमेरिका दूसरे विश्व युद्ध में पूरी तरह से कूद पड़ा और जापान के तेल और दूसरे संसाधनों पर प्रतिबंध लगा दिया. जापानी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ.

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डोनाल्ड ट्रंप का दावा : ईरान के पास बात करने के ल‍िए कोई बचा नहीं, समुद्र की तलहटी में है उनकी नौसेना

वाशिंगटन, 20 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बड़ा दावा किया। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह के दौरान कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की नौसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है और उसके जहाज अब समुद्र की तलहटी में हैं।

ईस्ट रूम में कमांडर-इन-चीफ ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह में बोलते हुए, ट्रंप ने अपनी बात की शुरुआत चल रहे संघर्ष को लेकर एक बड़े दावे के साथ की। ट्रंप ने कहा, “हम ईरान में बहुत अच्छा कर रहे हैं। दो हफ्ते पहले उनके पास एक नौसेना थी, अब उनके पास कोई नौसेना नहीं है, सब समुद्र के तल में हैं, दो दिनों में 58 जहाज नष्ट कर दिए गए।”

उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी बलों को बहुत कम प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।

ट्रंप ने कहा, “हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन नौसेना है। इसका कोई मुकाबला नहीं है।”

ट्रंप ने फिर जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिकी नीति का मुख्य लक्ष्य बना हुआ है। हम उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे, क्योंकि अगर उनके पास होंगे, तो वे उनका इस्तेमाल करेंगे, और हम ऐसा होने नहीं देंगे।

उन्होंने कहा, “यह काम बहुत पहले अन्य राष्ट्रपतियों को करना चाहिए था।”

राष्ट्रपति ने सैन्य अभियानों के पैमाने को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि ईरान की क्षमताओं को विभिन्न क्षेत्रों में खत्म कर दिया गया है। उनकी नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायुसेना खत्म हो गई है, उनकी एंटी-एयरक्राफ्ट प्रणाली खत्म हो गई है, सब खत्म हो गया है, रडार खत्म हो गया है और उनके नेता भी खत्म हो गए हैं।

उन्होंने संकेत दिया कि इस स्थिति के कारण ईरान के पास कोई कार्यशील नेतृत्व संरचना नहीं बची है। हम उनसे बात करना चाहते हैं, लेकिन बात करने के लिए कोई है ही नहीं।

ट्रंप ने इस अभियान में शामिल वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ शानदार काम कर रहे हैं और ज्वाइंट चीफ्स के चेयरमैन डैन केन के बारे में कहा कि वे इतना बेहतरीन काम कर रहे हैं, जैसा किसी ने पहले कभी नहीं देखा।

उन्होंने टीम को उसके 11-2 रिकॉर्ड और आर्मी पर जीत के लिए बधाई दी, और इस सीजन को “युगों तक याद रखने वाला” कहा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह खिलाड़ियों को ओवल ऑफिस में आमंत्रित करेंगे और उन्हें पदक प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान, ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें दिसंबर के दूसरे शनिवार को विशेष रूप से आर्मी-नेवी फुटबॉल खेल के लिए आरक्षित करने की बात कही गई। उन्होंने कहा, “कोई और फुटबॉल नहीं खेला जाएगा। केवल यही एक मैच खेला जाएगा।”

उन्होंने कहा, “शायद हमें इस पर मुकदमा भी झेलना पड़े, लेकिन हम ऐसे मुकदमे जीत जाते हैं।”

राष्ट्रपति ने घरेलू मुद्दों पर भी संक्षेप में बात की, जिसमें मीडिया की आलोचना और महिलाओं के खेलों में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों पर प्रतिबंध के समर्थन का जिक्र शामिल था।

ट्रंप ने टीम की सफलता को सैन्य सेवा से जोड़ते हुए कहा कि स्नातक होने वाले खिलाड़ी जल्द ही अधिकारी बनेंगे। हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन सेना है।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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