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मानसून में भूलकर भी न खाएं ये चीजें, छोटी सी गलती से बिगड़ सकती है सेहत

नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। बारिश का मौसम आते ही गर्मी से राहत मिलती है, लेकिन इस मौसम में सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी रखना भी जरूरी होता है। बारिश के दिनों में हवा में नमी ज्यादा होती है, जिसके कारण बैक्टीरिया और कीटाणु तेजी से बढ़ने लगते हैं। यही वजह है कि इस समय पेट दर्द, उल्टी, दस्त, गैस और खाने से होने वाली बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं।

मानसून में हमारा पाचन तंत्र भी थोड़ा कमजोर होता है, इसलिए इस मौसम में ऐसा खाना खाना चाहिए जो साफ, ताजा और आसानी से पच सके। कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनसे बारिश के मौसम में बचना चाहिए।

हरी पत्तेदार सब्जियां- पालक, मेथी, बथुआ और दूसरी हरी सब्जियां शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। इनमें आयरन, फाइबर और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर को ताकत देते हैं और खून बनाने में मदद करते हैं। लेकिन बारिश के मौसम में इन सब्जियों में मिट्टी, छोटे कीड़े और गंदगी ज्यादा चिपक सकती है। नमी के कारण इनमें कीटाणु भी बढ़ सकते हैं। इसलिए अगर हरी सब्जियां खानी हैं तो उन्हें अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाएं। अधपकी या ठीक से साफ न की गई सब्जियां पेट की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

खुले में रखे फल और स्ट्रीट फूड- बारिश में सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए फल, चाट, गोलगप्पे और दूसरी खुली चीजों को खाने से बचना चाहिए। खुले में रखे खाने पर मक्खियां बैठती हैं और धूल-मिट्टी भी जमा होती है। ऐसे खाने में कीटाणु पहुंचने का खतरा रहता है, जिससे पेट खराब, उल्टी या दस्त जैसी समस्या हो सकती है। फलों को घर लाकर अच्छी तरह धोकर खाएं।

बहुत ज्यादा ठंडी चीजें- बारिश के मौसम में आइसक्रीम, बर्फ वाले पेय और बहुत ठंडी चीजें खाने का मन करता है। हालांकि, ज्यादा ठंडी चीजें कुछ लोगों में गले की परेशानी, खांसी या पेट की समस्या बढ़ा सकती हैं।

तली हुई चीजें- बारिश में पकौड़े, समोसे और कचौड़ी खाने का मजा अलग होता है। लेकिन इनमें तेल की मात्रा ज्यादा होती है। ज्यादा तेल वाला खाना पचने में समय लेता है और गैस, एसिडिटी या पेट भारी होने की समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए मानसून में तली हुई चीजें कभी-कभी और कम मात्रा में खाना बेहतर होता है।

बासी खाना- बारिश के मौसम में खाना जल्दी खराब होता है। कई लोग बचे हुए खाने को दोबारा गर्म करके खा लेते हैं, लेकिन ऐसा खाना हमेशा सुरक्षित नहीं होता। लंबे समय तक रखा हुआ खाना खाने से पेट में संक्रमण हो सकता है। कोशिश करें कि हर बार ताजा बना हुआ खाना ही खाएं।

दूध और मिठाई- दूध, मिठाई और क्रीम वाली चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं। बारिश में नमी ज्यादा होने के कारण इनमें कीटाणु बढ़ने का खतरा रहता है। खुले में रखी मिठाई या लंबे समय से रखे डेयरी उत्पाद खाने से बचें। हमेशा ताजे और अच्छी तरह रखे हुए सामान का ही इस्तेमाल करें।

--आईएएनएस

पीके/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

अजित आगरकर के कार्यकाल पर बोले Wasim Jaffer, नतीजों के दम पर Chief Selector को बताया पूरी तरह सफल

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजित आगरकर का कार्यकाल एक बार फिर चर्चा में है। हाल के महीनों में टीम चयन को लेकर कई सवाल उठे हैं, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि अगर केवल नतीजों के आधार पर देखा जाए तो आगरकर का कार्यकाल सफल माना जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ियों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ और चयन प्रक्रिया में जो फैसले लिए गए, उन पर बहस होना स्वाभाविक है।

बता दें कि अजित आगरकर को जुलाई 2023 में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने मुख्य चयनकर्ता बनाया था। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने एकदिवसीय प्रारूप के विश्व कप का फाइनल खेला, एशिया कप जीता, चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की और लगातार दो बार बीस ओवर विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम को कुछ बड़े झटके भी झेलने पड़े हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, आगरकर का कार्यकाल जून 2026 में समाप्त होना था, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें तीन महीने का विस्तार दिया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें आगे भी जिम्मेदारी मिलती है या नहीं।

अपने वीडियो में वसीम जाफर ने कहा कि किसी भी चयनकर्ता का मूल्यांकन अंत में टीम के प्रदर्शन और परिणामों के आधार पर किया जाता है। उनके अनुसार, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े खिताब जीते हैं, इसलिए इस नजरिए से आगरकर का कार्यकाल सफल कहा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ खिलाड़ियों को लेकर लिए गए फैसलों ने सवाल जरूर खड़े किए हैं।

जाफर ने विशेष रूप से मोहम्मद शमी, सरफराज खान, अभिमन्यु ईश्वरन और औकिब नबी का जिक्र किया। उनका कहना था कि इन खिलाड़ियों के चयन और बाहर किए जाने को लेकर कई बार स्पष्टता नहीं दिखाई दी। उन्होंने कहा कि जब किसी खिलाड़ी को मौका नहीं मिलता या अचानक टीम में शामिल किया जाता है, तो उसके पीछे की वजह साफ होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों का भरोसा भी बना रहता है और चयन प्रक्रिया पर भी सवाल कम उठते हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में औकिब नबी को भारतीय टीम में स्थान मिला, जबकि इससे पहले उन्हें नजरअंदाज किया गया था। इसी तरह मोहम्मद शमी और सरफराज खान को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रही हैं। जाफर का मानना है कि इन मामलों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों को अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट संदेश मिल सके।

वसीम जाफर ने भारतीय टीम की सफलता का बड़ा श्रेय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी दिया। उन्होंने कहा कि जब बुमराह टीम में होते हैं तो विरोधी टीम पर लगातार दबाव बना रहता है। वहीं जब वह किसी कारण से नहीं खेलते, तब भारतीय गेंदबाजी साधारण नजर आती है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के दौरान भी यह अंतर साफ दिखाई दिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि चयन समिति में सभी सदस्य मिलकर फैसला लेते हैं। हालांकि मुख्य चयनकर्ता की राय महत्वपूर्ण होती है, लेकिन किसी खिलाड़ी के चयन पर सामूहिक चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाता है। जाफर का मानना है कि उपलब्धियों के आधार पर आगरकर का कार्यकाल सफल जरूर रहा है, लेकिन भविष्य में चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा स्पष्ट बनाने की जरूरत भी बनी हुई हैं।
Fri, 07 Aug 2026 19:59:44 +0530

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