Dehi-NCR Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में फिर बारिश से लुढ़का पारा, आईएमडी ने जारी किया येलो अलर्ट
Delhi-NCR Weather Update: मार्च की शुरुआत में भीषण गर्मी झेल रही दिल्ली में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. जहां 7 मार्च को तापमान ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ा था, वहीं अब बारिश और ठंडी हवाओं ने राजधानी का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. बीते दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है और ठंड की हल्की वापसी महसूस हो रही है. बुधवार के बाद गुरुवार 19 मार्च को भी दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश से पारा लुढ़का है. वहीं आईएमडी ने 20 मार्च को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है.
तापमान में 9 डिग्री की गिरावट
इस महीने की शुरुआत में दिल्ली का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो सामान्य से काफी अधिक था. लेकिन हालिया बारिश के बाद अधिकतम तापमान गिरकर लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रह गया है. यानी करीब 9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है.
न्यूनतम तापमान भी घटकर 17.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है.
बारिश ने बदला पूरा मिजाज
आईएमडी (India Meteorological Department) के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में लगभग 12.5 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है. हल्की बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया है.
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पंजाब, हरियाणा और आसपास के इलाकों में मौसम और बिगड़ सकता है. इसका असर दिल्ली में भी देखने को मिलेगा.
शुक्रवार को और खराब रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 मार्च को स्थिति और गंभीर हो सकती है. शुक्रवार को दिल्ली में तेज बारिश, बादल और हवाओं का असर बढ़ सकता है.
पहाड़ों पर बर्फबारी का असर
दिल्ली के मौसम में आए इस बदलाव के पीछे पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का बड़ा योगदान है. शिमला, गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है. गुलमर्ग में तो 5-6 इंच तक ताजा बर्फ जम चुकी है, जबकि शिमला में बारिश के साथ ठंड बढ़ने से पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है. लोग गर्म कपड़े पहनकर मॉल रोड पर मौसम का आनंद लेते नजर आ रहे हैं.
पर्यटन स्थलों पर बढ़ी रौनक
मनाली समेत कई हिल स्टेशनों पर बर्फबारी ने पर्यटन को बढ़ावा दिया है. होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या से खुश हैं. पर्यटक इस मौसम को “सरप्राइज” मान रहे हैं, क्योंकि मार्च में इतनी ठंड और बर्फबारी की उम्मीद कम ही होती है.
दिल्ली का मौसम इस समय पूरी तरह अस्थिर और बदलता हुआ नजर आ रहा है. जहां कुछ दिन पहले गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़े थे, वहीं अब बारिश और ठंड ने राहत दी है. आने वाले दिनों में मौसम और ज्यादा सक्रिय रह सकता है, इसलिए जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और बदलते मौसम के अनुसार अपनी तैयारी रखें.
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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच डब्ल्यूएचओ को 'न्यूक्लियर इंसिडेंट' की आशंका
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की निदेशक (ईएमआरओ) हनान बाल्खी ने कहा है कि संगठन मध्य पूर्व में परमाणु अनहोनी की आशंका को ध्यान में रख अपनी तैयारी कर रहा है। यूएस-इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण विकिरण जोखिम से निपटने के लिए प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है।
पोलिटिको की रिपोर्ट में शीर्ष अधिकारी की चेतावनी का जिक्र किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि फिलहाल जो चल रहा है उसमें सबसे बुरा कुछ हो सकता है तो वो एक परमाणु घटना, और यही हमें सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य अधिकारी पिछली न्यूक्लियर आपदाओं से सबक लेते हुए रेडिएशन एक्सपोजर (विकिरण जोखिम), बड़े पैमाने पर मौतों और लंबे समय तक चलने वाले पर्यावरण विध्वंस से निपटने के लिए प्रोटोकॉल का भी रिव्यू कर रहे हैं।
बाल्खी ने चेतावनी दी कि न्यूक्लियर घटना का असर सीमित क्षेत्र पर नहीं होगा बल्कि इसका असर दशकों तक कायम रहेगा।
उन्होंने कहा, हम कितनी भी तैयारी कर लें, अगर ऐसा होता है और इसके नतीजे दशकों तक रहेंगे। इससे न सिर्फ संघर्ष रत इलाके में बल्कि दुनिया भर में तबाही मचेगी और ये दशकों तक रहेगा।
डब्ल्यूएचओ की चेतावनी इस इलाके में बढ़ते हमलों के बीच जरूरी है, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सुविधाओं पर हमले शामिल हैं, जिनके बारे में इंटरनेशनल एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अगर न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल नहीं भी किया जाता है, तो भी इससे रेडियोलॉजिकल घटना हो सकती है।
इस बीच, यूएस में, न्यूक्लियर डिटरेंस एंड केमिकल एंड बायोलॉजिकल डिफेंस के असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ डिफेंस, रॉबर्ट कैडलेक, ने कहा कि अमेरिका की रणनीति “एक अहम मोड़” पर पहुंच गई है।
वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने सांसदों को बताया कि यूनाइटेड स्टेट्स एक ही समय में दो परमाणु संपन्न देशों को रोकने की “अनोखी चुनौती” का सामना कर रहा है। मिलिट्री लीडर्स ने न्यूक्लियर, मिसाइल और स्पेस डोमेन में चीन और रूस से बढ़ते खतरों को लेकर चेतावनी दी है।
कैडलेक ने थिएटर-रेंज न्यूक्लियर ऑप्शन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “एसएलसीएम-एन इसका एक उदाहरण है। यह अपने प्रतिस्पर्धी साथ लड़ाई को मैनेज करने के लिए जरूरी और अहम टूल है।”
—आईएएनएस
केआर/
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