Jharkhand Students Protest Live: JPSC-JSSC विवाद पर सुदिव्य सोनू का बयान, बोले- वार्ता सिर्फ छात्रों से होगी
जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सरकार की वार्ता से पहले मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल छात्रों से सीधी बातचीत करेगी, किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं. मंत्री ने सूची में पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार के नाम पर सवाल उठाते हुए भाजपा और कोचिंग माफिया पर राजनीति करने का आरोप लगाया.
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Substandard Food Safety: FSSAI ने Fortune Brand के सूरजमुखी तेल को बताया मानक से कम, AWL Agri Business पर कार्रवाई
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने मानक से कम गुणवत्ता वाला फोर्टिफाइड सूरजमुखी खाद्य तेल बनाने और बेचने के मामले में खाद्य तेल कंपनी एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड पर जुर्माना लगाया है। अहमदाबाद स्थित एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड फॉर्च्यून ब्रांड के तहत खाद्य तेल बेचती है। यह कार्रवाई नियामक द्वारा गोवा से लिए गए एक नमूने के प्रयोगशाला परीक्षण में विटामिन डी का स्तर निर्धारित सीमा से काफी कम पाए जाने के बाद की गई है।
एफएसएसएआई ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि इस मामले में एक न्यायनिर्णयन आदेश पारित किया गया है और कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। नियामक ने कहा कि यह आदेश एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड (मैंगलोर) के खिलाफ मानक से कम गुणवत्ता वाला फोर्टिफाइड खाद्य तेल बनाने और विपणन करने के मामले में पारित किया गया है। फोर्टिफाइड सूरजमुखी खाद्य तेल वह तेल होता है जिसमें पोषण बढ़ाने के लिए विटामिन ए और विटामिन डी जैसे अतिरिक्त पोषक तत्व मिलाए जाते हैं।
उल्लंघनों का विवरण साझा करते हुए एफएसएसएआई ने बताया कि एक लीटर के फॉर्च्यून फ्रायोला रिफाइंड सूरजमुखी तेल (सीड) एफएसएसएआई द्वारा ताज फोर्ट अगुडा रिजॉर्ट एंड स्पा, गोवा से एकत्र किया गया था। प्राथमिक खाद्य प्रयोगशाला की जांच में पाया गया कि यह फोर्टिफाइड खाद्य तेल खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2018 के तहत निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा।
एफएसएसएआई ने कहा कि उत्पाद में विटामिन ए और विटामिन डी का स्तर निर्धारित सीमा से कम था। इस कारण इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 3(1)(जेडएक्स) के तहत मानक से कम गुणवत्ता वाला घोषित किया गया। कंपनी की अपील पर नमूने की जांच रेफरल प्रयोगशाला में कराई गई, जिसमें भी विटामिन डी का स्तर निर्धारित सीमा से काफी कम होने की पुष्टि हुई। इसके बाद केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने अभियोजन चलाने की मंजूरी दी और न्यायनिर्णयन के लिए आवेदन दायर किया गया। हालांकि, एफएसएसएआई ने जुर्माने की राशि का खुलासा नहीं किया।
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