Aaj Ka Panchang 19 March 2026: आज से शुरु हुए चैत्र नवरात्रि, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल, पढ़ें आज का पंचांग
Aaj Ka Panchang 19 March 2026: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है. यह केवल तिथि बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि पूरे दिन के शुभ और अशुभ समय की जानकारी भी देता है. पंचांग के पांच मुख्य अंग होते हैं तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण. इनसे व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत सही तरीके से कर सकता है. धार्मिक मान्यता है कि रोज सुबह पंचांग पढ़ने या सुनने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है. इससे व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है. साथ ही माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. कहा जाता है कि पंचांग का नियमित अध्ययन आयु बढ़ाता है और पापों से मुक्ति दिलाता है. इसलिए हर दिन की शुरुआत पंचांग से करना शुभ माना गया है. आइए जानते हैं 19 मार्च 2026, गुरुवार का विस्तृत पंचांग.
आज की तिथि, वार और नक्षत्र
आज 19 मार्च 2026 को गुरुवार है. तिथि की बात करें तो चैत्र कृष्ण अमावस्या सुबह 06:53 बजे तक रहेगी. इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी. यही तिथि चैत्र नवरात्रि का पहला दिन भी मानी जाती है. नक्षत्र उत्तराभाद्रपद सुबह 04:04 बजे तक रहेगा. इसके बाद रेवती नक्षत्र शुरू होगा. आज शुक्ल और ब्रह्म योग का शुभ संयोग बन रहा है. करण की बात करें तो नाग, बव और बालव करण रहेंगे.
चंद्रमा का गोचर और दिशा शूल
आज चंद्रमा मीन राशि में गोचर करेगा. दिशा शूल दक्षिण दिशा में रहेगा. यदि आपको इस दिशा में यात्रा करनी हो तो दही या गुड़ खाकर घर से निकलना शुभ रहेगा.
आज का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:58 से 05:46 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:58 तक
अमृत काल: रात 11:31 से 01:02 तक
ये समय किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम माने जाते हैं.
आज का अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 01:30 से 03:00 तक
यमगंड: सुबह 06:35 से 08:05 तक
गुलिक काल: सुबह 09:35 से 11:04 तक
इसके अलावा दुर्मुहूर्त सुबह 10:35 से 11:22 तक और दोपहर 03:22 से 04:09 तक रहेगा. इन समयों में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए.
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
आज सूर्योदय सुबह 06:29 बजे हुआ है और सूर्यास्त शाम 06:26 बजे होगा. चंद्रमा का उदय सुबह 06:30 बजे और अस्त शाम 07:02 बजे होगा.
आज का पर्व और महत्व
आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. इस दिन घटस्थापना की जाती है और मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. साथ ही गुड़ी पड़वा का पर्व भी आज ही मनाया जाएगा. यह दिन नई शुरुआत और शुभ कार्यों के लिए बेहद खास माना जाता है.
संवत और काल गणना
विक्रम संवत: 2083 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
आपका दिन शुभ और मंगलमय हो.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है
हमलों से ईरान हुआ कमजोर, लेकिन खतरा अभी खत्म नहीं: अमेरिकी इंटेलिजेंस
वॉशिंगटन, 19 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी इंटेलिजेंस अधिकारियों ने सीनेटरों को बताया कि हाल के अमेरिकी अभियानों से ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमताएं काफी कम हो गई हैं, लेकिन सरकार अभी बनी हुई है और अमेरिकी हितों और इलाके की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि ईरानी शासन कमजोर हुआ है, लेकिन खत्म नहीं हुआ है।
उन्होंने स्थानीय समयानुसार बुधवार को सीनेट सिलेक्ट इंटेलिजेंस कमेटी को बताया, आईसी (इंटेलिजेंस कम्युनिटी) का अंदाजा है कि ईरान में सैन्य क्षमताओं पर हमलों की वजह से यह काफी हद तक कमजोर हो गया है। इसकी पारंपरिक सैन्य शक्ति दिखाने की क्षमता काफी हद तक खत्म हो गई है, जिससे विकल्प कम रह गए हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि तेहरान के पास समय के साथ अपनी सैन्य ताकत को फिर से बनाने का इरादा और क्षमता दोनों हैं।
उन्होंने कहा, आईसी का अंदाजा है कि अगर कोई दुश्मन शासन (ईरानी सरकार) बचता है, तो वह शायद अपनी सैन्य, मिसाइलों और यूएवी फोर्स को फिर से बनाने के लिए सालों तक चलने वाली कोशिश शुरू करेगा।
सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान लंबे समय से खतरा बना हुआ है। उन्होंने सीनेटरों से कहा, मुझे लगता है कि ईरान लंबे समय से अमेरिका के लिए लगातार खतरा रहा है और इस समय भी यह तुरंत खतरा बन गया है।
उन्होंने ईरान की मिसाइल बनाने की महत्वाकांक्षाओं के बारे में भी चिंता जताई। रैटक्लिफ ने तेहरान की बढ़ती मिसाइल और स्पेस लॉन्च टेक्नोलॉजी का जिक्र करते हुए कहा, अगर उन्हें बिना रोक-टोक के छोड़ दिया जाए, तो उनके पास पूरे अमेरिका तक मिसाइलें दागने की क्षमता होगी।
इंटेलिजेंस असेसमेंट में कहा गया है कि ईरान अमेरिका और उसके साथियों के साथ लगातार लड़ाई में शामिल है। तुलसी गबार्ड ने कहा, ईरान और उसके प्रॉक्सी मिडिल ईस्ट में अमेरिका और उसके साथियों के हितों पर हमला करते रहते हैं।
सैन्य नाकामियों के बावजूद उम्मीद है कि सरकार अंदर से मजबूत रहेगी, भले ही आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ रहे हों। उन्होंने कहा, आईसी का अंदाजा है कि ईरान की अर्थव्यवस्था खराब होने से अंदर का तनाव बढ़ने की संभावना है।
अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि हाल के ऑपरेशनों ने ईरान की न्यूक्लियर और मिसाइल क्षमताओं को बाधित किया है।
दोनों पार्टियों के सीनेटरों ने इंटेलिजेंस अधिकारियों पर दबाव डाला कि क्या ईरान से खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है। उनमें से कई ने राजनीतिक दावों और इंटेलिजेंस असेसमेंट के बीच अंतर पर चिंता जताई।
कांग्रेस की यह सुनवाई ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिका के नेतृत्व वाले हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में चल रही सैन्य बढ़ोतरी के बीच हो रही है, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया था।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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