अमेरिका ने 50 देशों के लिए वीजा बॉन्ड नियम में किया विस्तार, 15 हजार डॉलर जमा करना अनिवार्य
वॉशिंगटन, 18 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका ने अपने वीजा बॉन्ड कार्यक्रम का विस्तार करते हुए दो अप्रैल से इसे 50 देशों तक लागू करने का फैसला किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को बताया कि अब बिजनेस और पर्यटन (बी1 और बी2 वीजा) के लिए आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों को 15 हजार डॉलर का बॉन्ड जमा करना होगा।
यह बॉन्ड उन वीजा धारकों को वापस कर दिया जाएगा जो वीजा की शर्तों का पालन करते हैं और समय पर अमेरिका से लौट जाते हैं या फिर यात्रा ही नहीं करते।
इस कदम का उद्देश्य अवैध रूप से वीजा अवधि से अधिक ठहरने (ओवरस्टे) को कम करना है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत अब तक लगभग एक हजार विदेशियों को वीजा जारी किया गया है, जिनमें से 97 प्रतिशत लोग समय पर अपने देश लौट गए।
इसके विपरीत, पिछले प्रशासन के अंतिम वर्ष में, वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत आने वाले 50 देशों के 44 हजार से अधिक लोग वीजा अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रुके थे।
दो अप्रैल से इस नीति के तहत 12 नए देश, कंबोडिया, इथियोपिया, जॉर्जिया, ग्रेनेडा, लेसोथो, मॉरीशस, मंगोलिया, मोज़ाम्बिक, निकारागुआ, पापुआ न्यू गिनी, सेशेल्स और ट्यूनीशिया, शामिल किए जाएंगे।
ये देश उन 38 देशों में शामिल हो जाएंगे, जिन पर पहले से यह नियम लागू है, जैसे अल्जीरिया, अंगोला, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, युगांडा, जाम्बिया, जिम्बाब्वे आदि।
विदेश विभाग ने कहा कि इस कार्यक्रम को भविष्य में इमिग्रेशन जोखिम कारकों के आधार पर और भी देशों तक बढ़ाया जा सकता है, यानी ओवरस्टे के आंकड़ों और नियमों के पालन के आधार पर नए देश जोड़े जा सकते हैं।
अधिकारियों ने इस नीति को आर्थिक रूप से भी लाभदायक बताया। उनके अनुसार, अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे व्यक्ति को देश से निकालने में औसतन 18 हजार डॉलर का खर्च आता है।
इस कार्यक्रम के जरिए ओवरस्टे कम होने से अमेरिकी टैक्सपेयर्स के लगभग 800 मिलियन डॉलर प्रति वर्ष तक बचाए जा रहे हैं।
यह वीज़ा बॉन्ड नियम खासतौर पर बी1 (बिजनेस) और बी2 (टूरिज्म) जैसे अल्पकालिक वीज़ा पर लागू होता है। यह बॉन्ड एक वित्तीय गारंटी के रूप में काम करता है ताकि लोग वीजा की शर्तों का पालन करें।
बी1 और बी2 वीजा सबसे ज्यादा जारी किए जाने वाले नॉन-इमिग्रेंट वीजा हैं, जिनका उपयोग व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक मुलाकातों के लिए किया जाता है। ओवरस्टे दर अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण मापदंड है, जिसके आधार पर वीजा नीतियां तय की जाती हैं।
--आईएएनएस
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गुजरात के अल्पसंख्यकों के लिए खुशखबरी, बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार दे रही 20 लाख तक का सस्ता लोन
गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने राज्य के अल्पसंख्यक समुदायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए एक बहुत ही शानदार पहल की है. गुजरात अल्पसंख्यक वित्त और विकास निगम यानी GMFDC द्वारा चलाई जा रही "टर्म लोन योजना" उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन पैसों की कमी की वजह से पीछे रह जाते हैं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी, जैन और यहूदी जैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ सिंधी, मराठी और उर्दू बोलने वाले भाषाई अल्पसंख्यकों को स्वरोजगार के अवसर देना है.
कितना मिलेगा पैसा और क्या है ब्याज दर
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी आसान शर्तें और कम ब्याज दर है. GMFDC टर्म लोन योजना के तहत लाभार्थी को 1 लाख रुपये से लेकर अधिकतम 20 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है. ब्याज की बात करें तो यह आपकी जेंडर और सालाना कमाई पर निर्भर करता है. अगर आपकी सालाना पारिवारिक आय 1.20 लाख रुपये तक है, तो महिला और पुरुष दोनों को केवल 6 पर्सेंट सालाना ब्याज देना होगा. वहीं, जिनकी आय 1.20 लाख से 8 लाख रुपये के बीच है, उनमें पुरुषों के लिए ब्याज दर 8 पर्सेंट और महिलाओं के लिए 6 पर्सेंट रखी गई है. इस लोन को चुकाने के लिए आपको 5 साल यानी 60 महीनों का समय मिलता है, जिसे समान किस्तों में वापस करना होता है.
किन कामों के लिए ले सकते हैं मदद
GMFDC ने इस लोन के दायरे में लगभग हर उस काम को रखा है जिससे कमाई की जा सके. अगर आप खेती या पशुपालन से जुड़े हैं, तो डेयरी और मत्स्य पालन के लिए पैसा ले सकते हैं. सर्विस सेक्टर में रुचि रखने वाले लोग प्रोविजन स्टोर, रेडीमेड गारमेंट की दुकान, साइबर कैफे, ब्यूटी पार्लर या ऑटो रिपेयरिंग सेंटर खोल सकते हैं. इसके अलावा हस्तशिल्प और पारंपरिक कारीगरी से जुड़े छोटे उद्योगों के लिए भी लोन मिलता है. अगर कोई ट्रांसपोर्ट के काम में हाथ आजमाना चाहता है या किसी तकनीकी फील्ड में अपना हुनर दिखाना चाहता है, तो उसे भी इस स्कीम का पूरा सपोर्ट मिलता है.
कौन कर सकता है आवेदन
इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए कुछ जरूरी पात्रताएं तय की गई हैं. सबसे पहले तो आवेदक का गुजरात का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है. आवेदक की उम्र 21 साल से 45 साल के बीच होनी चाहिए. आय की बात करें तो परिवार की कुल सालाना कमाई 8 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. एक और जरूरी बात यह है कि परिवार के किसी भी सदस्य ने पहले कभी GMFDC या किसी अन्य सरकारी निगम से लोन न लिया हो. अगर आप इन शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप इस सुनहरे अवसर का हिस्सा बन सकते हैं.
जरूरी कागज और आवेदन का तरीका
लोन के लिए आवेदन करने से पहले आपको कुछ डॉक्युमेंट्स तैयार रखने होंगे. इसमें आपकी पहचान और पते के सबूत के तौर पर आधार कार्ड, वोटर आईडी या बिजली बिल की जरूरत होगी. उम्र के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट देना होगा. इसके अलावा अल्पसंख्यक होने का सर्टिफिकेट, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय का प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और जिस बिजनेस को आप करना चाहते हैं उसकी एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जरूरी है. अगर आपके पास उस काम का कोई अनुभव या डिग्री है, तो उसका सर्टिफिकेट भी जरूर लगाएं.
आवेदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी है. सबसे पहले आपको GMFDC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर खुद को 'New User' के तौर पर रजिस्टर करना होगा. इसके बाद अपनी आईडी से लॉगिन करके 'Term Loan Scheme' का चुनाव करना होगा. फॉर्म में अपनी सभी पर्सनल और बिजनेस की जानकारी भरें और मांगे गए कागज स्कैन करके अपलोड कर दें. फॉर्म सबमिट करने के बाद मिलने वाले एप्लीकेशन नंबर को संभाल कर रखें. लोन की मंजूरी आपके बिजनेस प्लान की मजबूती पर निर्भर करती है, इसलिए अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट को बहुत ही ध्यान से तैयार करें.
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